जनपद में किसी भी दशा में ब्लैक न हो एलपीजी गैस सिलेंडर,, सभी गैस एजेंसियों पर नोडल अधिकारी नामित कर निगरानी रखने के दिए निर्देश,, उप जिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को गैस एजेंसियों की नियमित मॉनिटरिंग के आदेश

इन्तजार रजा हरिद्वार- जनपद में किसी भी दशा में ब्लैक न हो एलपीजी गैस सिलेंडर,,
सभी गैस एजेंसियों पर नोडल अधिकारी नामित कर निगरानी रखने के दिए निर्देश,,
उप जिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को गैस एजेंसियों की नियमित मॉनिटरिंग के आदेश
हरिद्वार। जनपद में एलपीजी गैस सिलेंडरों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक की। बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों, उपजिलाधिकारियों तथा खंड विकास अधिकारियों के साथ एलपीजी गैस आपूर्ति की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई और जिला पूर्ति अधिकारी से वर्तमान व्यवस्था की जानकारी ली गई।
बैठक के दौरान जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने बताया कि जनपद हरिद्वार में वर्तमान समय में कुल 42 गैस एजेंसियां संचालित हो रही हैं, जिनके माध्यम से उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि फिलहाल जनपद में गैस की कोई किल्लत नहीं है और पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध है। हालांकि तकनीकी कारणों से ऑनलाइन सिस्टम कुछ समय से बाधित चल रहा है, जिसके चलते उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग के लिए आवश्यक ओटीपी प्राप्त नहीं हो पा रहा है। इसी वजह से कई उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बुकिंग में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और गैस एजेंसियों पर भीड़ बढ़ रही है। विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को इस संबंध में लगातार जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि अनावश्यक भ्रम की स्थिति न बने।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में एलपीजी गैस की आपूर्ति नियमित, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायत नहीं आनी चाहिए। जिलाधिकारी ने सख्त शब्दों में कहा कि जनपद में किसी भी दशा में एलपीजी गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके लिए उन्होंने सभी गैस एजेंसियों पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए। ये नोडल अधिकारी समय-समय पर गैस एजेंसियों का निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उपभोक्ताओं को निर्धारित दरों पर ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया पर नियमित निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित गैस एजेंसियों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें। यदि कहीं भी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, अनियमित वितरण या उपभोक्ताओं से निर्धारित दर से अधिक धनराशि वसूलने की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को एलपीजी गैस सिलेंडर से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या आती है—जैसे समय पर सिलेंडर न मिलना, अधिक कीमत वसूली जाना या वितरण में लापरवाही—तो वे तुरंत जिला प्रशासन द्वारा जारी कंट्रोल रूम नंबर 01334-239444, टोल फ्री नंबर 01334-1077 तथा मोबाइल नंबर 9068197350 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने बैठक में यह भी कहा कि एलपीजी गैस आम जनता की दैनिक आवश्यकता से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, इसलिए इसकी आपूर्ति व्यवस्था को हर हाल में सुचारू बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गैस एजेंसियों के निरीक्षण, समीक्षा और निगरानी की प्रक्रिया को नियमित बनाया जाए ताकि जनपदवासियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी वेदप्रकाश, सहायक परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल, विभिन्न खंड विकास अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।



