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फर्जी जमानती गैंग का पर्दाफाश: सिडकुल पुलिस ने मास्टरमाइंड सरफराज समेत दो को दबोचा,, न्यायालय को गुमराह कर झूठे दस्तावेजों से कराई जा रही थी जमानत, जमीन के असली मालिक को भी नहीं थी जानकारी,, पहले तीन आरोपी जा चुके हैं जेल, पेशेवर जमानतियों के नेटवर्क की गहराई से जांच में जुटी पुलिस

इन्तजार रजा हरिद्वार- फर्जी जमानती गैंग का पर्दाफाश: सिडकुल पुलिस ने मास्टरमाइंड सरफराज समेत दो को दबोचा,,

न्यायालय को गुमराह कर झूठे दस्तावेजों से कराई जा रही थी जमानत, जमीन के असली मालिक को भी नहीं थी जानकारी,,

पहले तीन आरोपी जा चुके हैं जेल, पेशेवर जमानतियों के नेटवर्क की गहराई से जांच में जुटी पुलिस

हरिद्वार में न्याय व्यवस्था को ठगने वाले एक संगठित फर्जी जमानती गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना सिडकुल पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग के कथित सरगना सरफराज और उसके सहयोगी सतीश को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह झूठे शपथपत्र और फर्जी दस्तावेजों के सहारे आरोपियों की जमानत करवाकर न्यायालय को गुमराह कर रहा था। इससे पहले भी इसी गैंग के तीन सदस्यों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गैंग लंबे समय से अदालतों में पेशेवर जमानती के रूप में सक्रिय था और विभिन्न मामलों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमानत लेने का खेल खेल रहा था। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और संभावना है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

न्यायालय को गुमराह करने के लिए तैयार किए जाते थे फर्जी कागजात

जानकारी के अनुसार दिनांक 23 मार्च 2026 को सीजेएम कोर्ट रोशनाबाद में पेशेवर जमानतियों द्वारा न्यायालय को गुमराह करने का मामला सामने आया था। आरोप था कि जमानत के लिए लगाए गए दस्तावेज और शपथपत्र पूरी तरह झूठे थे। इस गंभीर मामले में थाना सिडकुल पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और न्यायालय के आदेश पर कमलेश, उज्ज्वल और नरेश नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को इस पूरे रैकेट के पीछे एक संगठित गैंग होने के संकेत मिले। जांच में सामने आया कि इस गिरोह का संचालन सरफराज नाम का व्यक्ति कर रहा था, जो दस्तावेजों में हेरफेर कर आरोपियों की जमानत कराने का काम करता था।

पुलिस ने तकनीकी और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से गैंग के मास्टरमाइंड सरफराज और उसके सहयोगी सतीश को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों से पूछताछ में कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जिससे यह साफ हो गया कि यह गिरोह लंबे समय से जमानत प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रहा था।

नाम एक लेकिन जमीन किसी और की, ऐसे खेला जाता था जमानत का खेल

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी बेहद चालाकी से जमानत की प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा करते थे। वे ऐसे लोगों के नाम और दस्तावेज इस्तेमाल करते थे जिनका नाम तो एक जैसा होता था, लेकिन असल में जमीन या संपत्ति किसी दूसरे व्यक्ति की होती थी।

पुलिस के अनुसार सरफराज ने अपने सहयोगी सतीश के साथ मिलकर जीएम द्वितीय कोर्ट में चल रहे एक मुकदमे “शैलेंद्र बनाम साक्षी” में साक्षी तिवारी की जमानत करवाई थी। इस जमानत में जमीन के जो दस्तावेज लगाए गए थे, वे वास्तव में सतीश नाम के किसी दूसरे व्यक्ति की जमीन के थे।

आरोपियों ने दस्तावेजों में फेरबदल कर और झूठे शपथपत्र देकर अदालत को गुमराह किया। इस पूरे मामले की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस व्यक्ति की जमीन के दस्तावेज जमानत में लगाए गए थे, उसे इस बात की कोई जानकारी ही नहीं थी कि उसकी जमीन की फर्द का उपयोग इस तरह किया जा रहा है।

यह खुलासा होने के बाद पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।


गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से मिले कई अहम दस्तावेज

थाना सिडकुल पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इसके अलावा उन आरोपियों के मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं जो पहले इस मामले में गिरफ्तार होकर जेल भेजे जा चुके हैं।

पुलिस अब इन मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि इन उपकरणों से और भी कई मामलों के सुराग मिल सकते हैं, जिनमें फर्जी जमानत का खेल खेला गया होगा।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह के संपर्क किन-किन लोगों से थे और किन मामलों में इन्होंने जमानत दिलाने का काम किया।


ये हैं गिरफ्तार आरोपी

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है—

  1. सरफराज पुत्र उमरदराज, निवासी मोहल्ला चौहानान, कोतवाली ज्वालापुर
  2. सतीश पुत्र यशपाल, निवासी ग्राम बहादुरपुर, थाना पथरी

दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।


पुलिस का कहना—फर्जी जमानतियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी

हरिद्वार पुलिस का कहना है कि न्यायालय की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति झूठे दस्तावेज, फर्जी शपथपत्र या पेशेवर जमानती के रूप में सामने आता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले की जांच अभी जारी है और यदि इस गैंग से जुड़े अन्य लोग सामने आते हैं तो उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

हरिद्वार पुलिस की इस कार्रवाई को न्यायिक व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। इस कार्रवाई से ऐसे लोगों को भी सख्त संदेश गया है जो अदालतों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमानत लेने की कोशिश करते हैं।

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