नाबालिगों से बंधुआ मजदूरी का आरोप: सिडकुल की कंपनी में प्लांट हेड गिरफ्तार,, आधार कार्ड में उम्र बढ़ाकर कराया जा रहा था काम, हाथ-पैर बांधकर मारपीट का वीडियो मिला,, हरिद्वार पुलिस का त्वरित एक्शन, मुख्य आरोपी हिरासत में – अन्य की तलाश जारी 🚨

इन्तजार रजा हरिद्वार- नाबालिगों से बंधुआ मजदूरी का आरोप: सिडकुल की कंपनी में प्लांट हेड गिरफ्तार,,
आधार कार्ड में उम्र बढ़ाकर कराया जा रहा था काम, हाथ-पैर बांधकर मारपीट का वीडियो मिला,,
हरिद्वार पुलिस का त्वरित एक्शन, मुख्य आरोपी हिरासत में – अन्य की तलाश जारी 🚨
हरिद्वार के औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक निजी कंपनी में काम कर रही नाबालिग युवतियों के साथ कथित तौर पर बंधुआ मजदूरी, मारपीट और अमानवीय व्यवहार किए जाने के आरोप लगे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए हरिद्वार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कंपनी के प्लांट हेड को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
इस घटना ने सिडकुल क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और श्रम कानूनों के पालन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनमें नाबालिग लड़कियों के दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर उन्हें काम पर रखने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप शामिल हैं।
पीड़ित युवतियों की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा 📝
दिनांक 24 मार्च 2026 को कार्तिक एंटरप्राइजेज कंपनी सिडकुल में मशीनों पर काम करने वाली कुछ महिलाओं और युवतियों ने थाना सिडकुल पहुंचकर पुलिस को एक लिखित शिकायत दी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि कंपनी के प्लांट हेड रजनीश शर्मा और अन्य कर्मचारियों ने दो युवतियों को, जो वास्तव में नाबालिग थीं, उनके आधार कार्ड में उम्र बढ़ाकर कंपनी में काम पर रख लिया।
पीड़िताओं के अनुसार, 24 मार्च को कंपनी प्रबंधन ने उन्हें ऑफिस में बुलाया और तलाशी के नाम पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया। आरोप है कि वहां मौजूद अधिकारियों ने दो युवतियों का दुपट्टा उतारकर उसे उनके गले में जबरदस्ती डाल दिया और उसी से उनके हाथ-पैर बांध दिए।इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें अपमानित किया गया।
पीड़ित महिलाओं ने पुलिस को बताया कि उन्हें चोरी कबूल करवाने के लिए यह सब किया जा रहा था और उन पर दबाव बनाया जा रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सिडकुल पुलिस ने तुरंत मुकदमा अपराध संख्या 113/2026 दर्ज कर लिया।
इस मुकदमे में विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत रजनीश शर्मा और अन्य आरोपियों को नामजद किया गया है।
मोबाइल में मिला घटना का वीडियो, दस्तावेजों में भी छेड़छाड़ के सबूत 📱
पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए 26 मार्च 2026 को मुख्य आरोपी और कंपनी के प्लांट हेड रजनीश शर्मा को पूछताछ के लिए थाने बुलाया।
पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें कथित घटना से संबंधित वीडियो भी मिला।
पुलिस सूत्रों के अनुसार वीडियो में पीड़ित युवतियों के हाथ-पैर बांधने और उन्हें दबाव में रखने से जुड़े दृश्य दिखाई दिए हैं।
इसके अलावा जब कंपनी के रिकॉर्ड और रिज्यूमे फाइलों की जांच की गई तो एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया।
पीड़ित युवतियों के मूल आधार कार्ड की फोटोकॉपी में उम्र को बढ़ाकर दिखाया गया था, जिससे यह साबित हुआ कि उन्हें नाबालिग होने के बावजूद कंपनी में काम पर रखा गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि इन नाबालिग किशोरियों से वेल्डिंग मशीन जैसे ज्वलनशील और जोखिम भरे उपकरणों पर काम कराया जा रहा था, जो श्रम कानूनों के खिलाफ है और उनकी सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है।
यह खुलासा होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस की सख्त कार्रवाई, अन्य आरोपियों की तलाश जारी 👮♂️
मामले में प्राथमिक जांच और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी रजनीश शर्मा को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ रही है और जल्द ही उन्हें चिन्हित कर गिरफ्तारी की जाएगी।
फिलहाल पुलिस द्वारा सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं और पीड़ित युवतियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि यदि जांच में और भी तथ्य सामने आते हैं तो मामले में अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों की सुरक्षा पर उठे सवाल ⚖️
सिडकुल जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में इस तरह का मामला सामने आने के बाद श्रमिकों की सुरक्षा और श्रम कानूनों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी कंपनी में नाबालिगों को काम पर रखा जा रहा है और उनके दस्तावेजों में छेड़छाड़ की जा रही है, तो यह न केवल श्रम कानूनों का उल्लंघन है बल्कि मानवाधिकारों के भी खिलाफ है।
साथ ही किसी कर्मचारी के साथ मारपीट, अपमानजनक व्यवहार या बंधक बनाकर दबाव डालना भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत होती है ताकि भविष्य में किसी भी कंपनी या प्रबंधन को इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न हो।
पकड़ा गया आरोपी 👇
रजनीश शर्मा
पुत्र – महिपाल शर्मा
निवासी – रामपुर जेवर, थाना जेवर, जिला गौतमबुद्ध नगर (नोएडा)
हाल पता – पीठ बाजार, थाना बहादराबाद
उम्र – 42 वर्ष



