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ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती ने रिश्वतखोरी के आरोपों को बताया निराधार और साजिश की पटकथा,, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को बताया भ्रामक, कहा– सच्चाई जल्द आएगी सामने,, प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोपों पर दिया जवाब, जांच में सहयोग की कही बात,, ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं और जल्द ही सच्चाई सामने आएगी।

इन्तजार रजा हरिद्वार- ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती ने रिश्वतखोरी के आरोपों को बताया निराधार और साजिश की पटकथा,,

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को बताया भ्रामक, कहा– सच्चाई जल्द आएगी सामने,,

प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोपों पर दिया जवाब, जांच में सहयोग की कही बात,,

ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं और जल्द ही सच्चाई सामने आएगी।

हरिद्वार में ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती पर लगाए गए रिश्वतखोरी के आरोपों को लेकर नया मोड़ सामने आया है। अनीता भारती ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा, भ्रामक और निराधार बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ जानबूझकर गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा वीडियो और आरोप वास्तविक तथ्यों से परे हैं।

दरअसल हाल ही में प्रेस क्लब सभागार में आयोजित एक प्रेस वार्ता में प्राइड फार्मा कंपनी के प्रतिनिधि रमेश मैठाणी और युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष केश खुराना ने ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती पर गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप लगाया गया था कि दवा निर्माण लाइसेंस जारी करने के नाम पर उनसे कथित रूप से रिश्वत मांगी गई और अलग-अलग माध्यमों से पैसे ट्रांसफर कराए गए।

प्रेस वार्ता में कहा गया कि लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उन्हें शिवालिक नगर स्थित कार्यालय बुलाया गया, जहां दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने के बाद व्हाट्सएप के माध्यम से पैसों की मांग की गई। आरोप यह भी लगाए गए कि पहले 10 हजार रुपये एक खाते में जमा कराए गए, उसके बाद 5 हजार रुपये और मांगे गए। इसके अलावा एक अन्य नंबर से भी 6 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की गई, जिसमें से 5 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए।

आरोप लगाने वालों का यह भी कहना था कि लाइसेंस प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग बहानों से कई बार पैसे लिए गए और कुल मिलाकर बड़ी रकम की वसूली की गई। साथ ही उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, ड्रग इंस्पेक्टर को तत्काल निलंबित करने और उनकी संपत्ति की जांच कराने की मांग भी की।

हालांकि इन सभी आरोपों पर ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती ने अपना पक्ष रखते हुए साफ कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे और तथ्यों से परे हैं। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल किया जा रहा है, उसमें दिखाई जा रही बातें भ्रामक तरीके से पेश की गई हैं।

अनीता भारती ने कहा कि जिस मामले को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह वास्तव में स्टेशनरी सामान से जुड़ा एक अलग विषय है, जिसे गलत तरीके से रिश्वतखोरी का रूप देकर प्रचारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति और तथ्य जल्द ही सार्वजनिक किए जाएंगे, जिससे सच्चाई सामने आ जाएगी।

ड्रग इंस्पेक्टर ने यह भी कहा कि बिना किसी सत्यापन के इस तरह के आरोप लगाना और उन्हें सोशल मीडिया पर फैलाना उचित नहीं है। इससे न केवल किसी अधिकारी की छवि को नुकसान पहुंचता है, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन या विभाग द्वारा इस मामले में कोई जांच की जाती है तो वह पूरी तरह सहयोग करने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी और यह स्पष्ट हो जाएगा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं।

इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से भी मामले पर नजर रखी जा रही है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और जांच के बाद वास्तविक स्थिति क्या निकलकर सामने आती है।

फिलहाल यह मामला हरिद्वार के दवा व्यापारियों, मेडिकल स्टोर संचालकों और फार्मा कंपनियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं और जल्द ही सच्चाई सामने आएगी।

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