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चारधाम यात्रा से पहले STF का बड़ा साइबर एक्शन,, 🟡 एसटीएफ ने 180 फर्जी सोशल मीडिया लिंक किए बंद, 52 मोबाइल नंबरों पर कार्रवाई जारी,, 🟢 147 लिंक ऑपरेटरों और 27 मोबाइल धारकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह

इन्तजार रजा हरिद्वार 🔴 चारधाम यात्रा से पहले STF का बड़ा साइबर एक्शन,,

🟡 एसटीएफ ने 180 फर्जी सोशल मीडिया लिंक किए बंद, 52 मोबाइल नंबरों पर कार्रवाई जारी,,

🟢 147 लिंक ऑपरेटरों और 27 मोबाइल धारकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह

उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ा साइबर एक्शन लेते हुए फर्जीवाड़े पर कड़ा प्रहार किया है। यात्रा सीजन शुरू होने से पहले ही साइबर अपराधियों की सक्रियता को देखते हुए STF ने 180 फर्जी सोशल मीडिया लिंक बंद करवा दिए हैं, जबकि 52 संदिग्ध मोबाइल नंबरों को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया जारी है। इस कार्रवाई से उन गिरोहों को बड़ा झटका लगा है, जो श्रद्धालुओं को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाने की फिराक में थे।

एसटीएफ की जांच में सामने आया कि ये साइबर ठग चारधाम यात्रा के नाम पर फर्जी वेबसाइट, व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया पेज बनाकर लोगों को गुमराह कर रहे थे। ये गिरोह ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, होटल बुकिंग, हेलीकॉप्टर सेवा और वीआईपी दर्शन के नाम पर पैसे वसूलने का काम कर रहे थे। कई मामलों में श्रद्धालुओं से हजारों रुपये की ठगी भी की जा चुकी है।

इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए STF ने तकनीकी निगरानी और साइबर ट्रैकिंग के जरिए व्यापक कार्रवाई की। जांच के दौरान 147 लिंक ऑपरेटरों और 27 मोबाइल धारकों की पहचान की गई, जिनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इन आरोपियों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग राज्यों में छापेमारी की तैयारी कर रही है।

एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, फर्जी लिंक और मोबाइल नंबरों के जरिए ठग पहले लोगों को आकर्षक ऑफर देते हैं और फिर उन्हें एक लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता है, उसकी निजी जानकारी या बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच बना ली जाती है। इसके बाद उनके खातों से पैसे निकाल लिए जाते हैं या फिर उन्हें एडवांस पेमेंट के नाम पर ठग लिया जाता है।

चारधाम यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होती है, और इसी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी सक्रिय हो जाते हैं। इस बार STF ने समय रहते कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में फर्जी प्लेटफॉर्म को बंद कराया है, जिससे संभावित ठगी के मामलों पर काफी हद तक रोक लग सकेगी।

एसटीएफ ने आम जनता और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट या पोर्टल के माध्यम से ही यात्रा से संबंधित बुकिंग और रजिस्ट्रेशन कराएं। यदि कोई संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक प्राप्त होता है, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर सूचना दें।

इसके अलावा पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि व्हाट्सएप ग्रुप या सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे किसी भी लिंक के जरिए रजिस्ट्रेशन या भुगतान करने से बचें। अधिकतर मामलों में ऐसे लिंक पूरी तरह फर्जी होते हैं और लोगों को ठगने के उद्देश्य से बनाए जाते हैं।

इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं और लगातार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की निगरानी कर रही हैं। यात्रा के दौरान भी इस तरह के साइबर गिरोहों पर नजर रखी जाएगी ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

चारधाम यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में इस तरह की सख्त कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम लोगों के लिए भी एक संदेश है कि वे डिजिटल सतर्कता बरतें। STF की इस पहल को एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिसने समय रहते एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क को बेनकाब कर दिया।

अंत में, श्रद्धालुओं से यही अपील है कि वे सतर्क रहें, जागरूक रहें और सुरक्षित यात्रा का आनंद लें।

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