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इंसानियत की मिसाल: दरगाह साबिर पाक में खिदमतगार अमन साबरी का अनोखा कदम,, 🟡 गंदगी और बेबसी में जी रहे व्यक्ति को अपने हाथों से संवारकर दी नई ज़िंदगी,, 🟢 सालों से दरगाह में सेवा कर रहे खादिम ने फिर पेश की मानवता की मिसाल

इन्तजार रजा हरिद्वार 🔴 इंसानियत की मिसाल: दरगाह साबिर पाक में खिदमतगार अमन साबरी का अनोखा कदम,,
🟡 गंदगी और बेबसी में जी रहे व्यक्ति को अपने हाथों से संवारकर दी नई ज़िंदगी,,
🟢 सालों से दरगाह में सेवा कर रहे खादिम ने फिर पेश की मानवता की मिसाल

दरगाह साबिर पाक से एक बार फिर इंसानियत और सेवा भाव की ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। दरगाह से जुड़े खिदमतगार इस्तकार अमन साबरी पिछले कई वर्षों से लोगों की सेवा में जुटे हुए हैं, और हाल ही में उन्होंने जो कार्य किया, वह समाज के लिए प्रेरणा बन गया है।

जानकारी के अनुसार, दरगाह परिसर में एक व्यक्ति काफी समय से बेहद खराब हालत में घूम रहा था। उसके बाल बहुत लंबे और उलझे हुए थे, जिनमें गंदगी के साथ-साथ जूं भी भर गई थीं। शरीर पर मैल की परतें जमी हुई थीं और हालत इतनी खराब थी कि लोग उसके पास जाने से भी कतराते थे। वह व्यक्ति पूरी तरह असहाय और उपेक्षित नजर आ रहा था।

ऐसे में अमन साबरी ने आगे बढ़कर इंसानियत का फर्ज निभाया। उन्होंने न केवल उस व्यक्ति के पास जाकर उससे बात की, बल्कि खुद अपने हाथों से उसके उलझे और गंदे बालों को काटा। इसके बाद उसे नहलाया, साफ कपड़े पहनाए और पूरी तरह से स्वच्छ कर दिया। यह काम आसान नहीं था, लेकिन अमन साबरी ने बिना किसी हिचकिचाहट के यह सेवा पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ की।

जब उस व्यक्ति को साफ-सुथरा किया गया, तो उसकी सूरत पूरी तरह बदल गई। जो व्यक्ति पहले पहचान में नहीं आ रहा था, अब वह सामान्य और बेहतर स्थिति में नजर आने लगा। वहां मौजूद लोगों ने इस बदलाव को देखकर अमन साबरी की जमकर सराहना की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अमन साबरी पिछले कई सालों से दरगाह में आने वाले जरूरतमंदों, गरीबों और बेसहारा लोगों की सेवा करते आ रहे हैं। चाहे किसी को खाना खिलाना हो, कपड़े देना हो या फिर इस तरह की व्यक्तिगत मदद—वह हमेशा आगे रहते हैं।

अमन साबरी का कहना है कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है और अगर हम किसी जरूरतमंद की मदद कर सकते हैं, तो उससे बढ़कर कोई इबादत नहीं। उनका यह कार्य न सिर्फ समाज के लिए एक संदेश है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि छोटी-छोटी कोशिशें किसी की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।

दरगाह साबिर पाक से उठी यह इंसानियत की कहानी अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और हर कोई अमन साबरी के इस जज्बे को सलाम कर रहा है।

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