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कुमाऊं में जनगणना 2027 की शुरुआत, घर-घर पहुंचेगी गणना टीम,, आयुक्त दीपक रावत की अपील—नागरिक दें पूरा सहयोग, पहचान पत्र जांचकर ही दें जानकारी,, मकान सूचीकरण के दौरान होगी मार्किंग, टोल-फ्री नंबर 1855 पर मिलेगी हर जानकारी

इन्तजार रजा हरिद्वार- कुमाऊं में जनगणना 2027 की शुरुआत, घर-घर पहुंचेगी गणना टीम,,

आयुक्त दीपक रावत की अपील—नागरिक दें पूरा सहयोग, पहचान पत्र जांचकर ही दें जानकारी,,

मकान सूचीकरण के दौरान होगी मार्किंग, टोल-फ्री नंबर 1855 पर मिलेगी हर जानकारी

भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत कुमाऊं मंडल में मकान सूचीकरण एवं भवन गणना का कार्य औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। आयुक्त कुमाऊं मंडल एवं माननीय मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया के तहत अब गणना कार्मिक घर-घर जाकर आवश्यक आंकड़े एकत्र कर रहे हैं। उन्होंने मंडलवासियों से इस कार्य में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है, ताकि जनगणना का कार्य सुचारू और सटीक रूप से संपन्न हो सके।

आयुक्त ने बताया कि जनगणना किसी भी देश की सामाजिक, आर्थिक और जनसंख्या से जुड़ी नीतियों के निर्माण का आधार होती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वह इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और सहयोग के साथ भागीदारी निभाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गणना टीम के सदस्य निर्धारित प्रारूप के तहत प्रत्येक घर से कुछ आवश्यक जानकारी और विवरण एकत्र करेंगे, जो पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित रखा जाएगा।

दीपक रावत ने नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि गणना के लिए आने वाले सभी कार्मिक अधिकृत होंगे और उनके पास वैध सरकारी पहचान पत्र होगा। आमजन से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की शंका की स्थिति में कार्मिक का पहचान पत्र अवश्य जांच लें। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम की स्थिति से बचा जा सकेगा।

उन्होंने आगे बताया कि मकान सूचीकरण के दौरान गणना टीम द्वारा घरों के बाहर कुछ मार्किंग भी की जा सकती है। यह मार्किंग पूरी तरह तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होती है, जिसमें किसी प्रकार की आपत्ति या विरोध नहीं किया जाना चाहिए। इस प्रक्रिया के तहत घरों को क्रम संख्या देने या पहचान चिह्न लगाने का कार्य किया जाता है, जिससे डेटा संकलन और सत्यापन में सुविधा होती है।

आयुक्त ने कहा कि कई बार लोग इस प्रकार की मार्किंग को लेकर असहज हो जाते हैं या गलतफहमी का शिकार हो जाते हैं, जबकि यह केवल जनगणना की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे किसी भी व्यक्ति के अधिकार या संपत्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रशासन ने एक टोल-फ्री नंबर भी जारी किया है। आयुक्त ने बताया कि यदि किसी भी नागरिक को जनगणना से संबंधित कोई जानकारी प्राप्त करनी हो या किसी प्रकार की शंका हो, तो वे टोल-फ्री नंबर 1855 पर संपर्क कर सकते हैं। यह सेवा प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक उपलब्ध रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाएं और किसी भी भ्रम की स्थिति में सीधे प्रशासन से संपर्क करें।

दीपक रावत ने यह भी कहा कि जनगणना केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय दायित्व है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराने से सरकार को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलती है, जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ पहुंचता है।

उन्होंने अंत में कहा कि कुमाऊं मंडल के लोग हमेशा से जागरूक और सहयोगी रहे हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि इस बार भी जनगणना कार्य को सफल बनाने में जनता पूरा सहयोग करेगी। प्रशासन की ओर से भी यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो।

जनगणना 2027 की इस महत्वपूर्ण पहल में जनसहभागिता ही सफलता की कुंजी है—ऐसे में हर नागरिक का सहयोग अनिवार्य है।

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