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दरगाह से उठा ले गए थे 7 माह का मासूम बच्चा, लेकिन कलियर पुलिस के ‘ऑपरेशन इस्माइल’ के आगे नहीं टिक सकी अपहरणकर्ताओं की साजिश! 4 दिन में सकुशल बरामद हुआ बच्चा,, भीख के धंधे में ज्यादा कमाई के लिए रची गई थी खौफनाक प्लानिंग; 250 CCTV कैमरों, मोबाइल सर्विलांस और बैसाखियों ने पहुंचाया पुलिस को आरोपियों तक,, SSP नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर चली दिन-रात की खोजबीन, लक्सर रेलवे स्टेशन के पास बच्चे को गोद में लेकर भीख मांगती मिली महिला; साथी समेत दोनों गिरफ्तार,,

दरगाह से उठा ले गए थे 7 माह का मासूम बच्चा, लेकिन कलियर पुलिस के ‘ऑपरेशन इस्माइल’ के आगे नहीं टिक सकी अपहरणकर्ताओं की साजिश! 4 दिन में सकुशल बरामद हुआ बच्चा,,

भीख के धंधे में ज्यादा कमाई के लिए रची गई थी खौफनाक प्लानिंग; 250 CCTV कैमरों, मोबाइल सर्विलांस और बैसाखियों ने पहुंचाया पुलिस को आरोपियों तक,,

SSP नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर चली दिन-रात की खोजबीन, लक्सर रेलवे स्टेशन के पास बच्चे को गोद में लेकर भीख मांगती मिली महिला; साथी समेत दोनों गिरफ्तार,,

 इन्तजार रजा हरिद्वार। पिरान कलियर दरगाह से रहस्यमय तरीके से गायब हुए 7 माह के मासूम अली रजा के मामले में हरिद्वार पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। मासूम को बेचने या फिरौती के लिए नहीं, बल्कि भीख मंगवाकर ज्यादा कमाई करने के लिए अगवा किया गया था। लेकिन हरिद्वार पुलिस की मुस्तैदी और तकनीकी जांच के आगे आरोपियों की पूरी साजिश चार दिन में ही धराशायी हो गई।

7 जून को दरगाह परिसर में नमाज अदा करने के दौरान बिहार निवासी कलसूम खातून का 7 माह का नाती मोहम्मद अली रजा अचानक लापता हो गया था। मासूम के गायब होने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। मामला सीधे एक अबोध बच्चे के अपहरण से जुड़ा होने के कारण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर ने तत्काल विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।

इसके बाद एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल और सीओ भगवानपुर के निर्देशन में गठित टीम ने ‘ऑपरेशन इस्माइल’ शुरू किया। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि दरगाह परिसर में रोज हजारों जायरीन आते-जाते हैं। ऐसे में आरोपी भीड़ में आसानी से गायब हो सकते थे।

पुलिस ने हार नहीं मानी। दरगाह परिसर, मुख्य मार्गों, बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और आसपास के क्षेत्रों में लगे करीब 250 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। कई दिनों की लगातार मॉनिटरिंग के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध युवक बच्चे को गोद में लेकर जाते हुए दिखाई दिया। उसके साथ एक विकलांग महिला भी नजर आई।

यहीं से जांच को नई दिशा मिली। पुलिस ने दोनों संदिग्धों के फोटो तैयार कर व्यापक स्तर पर प्रचारित किए। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और मोबाइल सर्विलांस के जरिए हर संभावित ठिकाने पर नजर रखी गई।

आखिरकार गुरुवार को लक्सर रेलवे स्टेशन के पास पुलिस को बड़ी सफलता मिली। यहां एक विकलांग महिला बच्चे को गोद में लेकर भीख मांग रही थी। पुलिस ने जब बच्चे की पहचान की तो वही अपहृत मासूम अली रजा निकला। महिला के पास मौजूद बैसाखियां और बच्चे के दोनों हाथों में छह-छह अंगुलियां पुलिस के लिए पहचान का सबसे मजबूत आधार बनीं।

मौके से महिला और उसके साथी समीर उर्फ सोनू उर्फ बड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में दोनों ने जो कहानी बताई, उसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।

महिला ने बताया कि वह पोलियो से ग्रस्त है और वर्षों से भीख मांगकर गुजारा कर रही है। दरगाह में उसने देखा कि छोटे बच्चों को गोद में लेकर भीख मांगने वालों को ज्यादा पैसे मिलते हैं। इसके बाद उसने मानसिक रूप से कमजोर एक महिला और उसके मासूम बच्चे को निशाना बनाया। करीब एक सप्ताह तक परिवार की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद दोनों आरोपियों ने बच्चे के अपहरण की योजना को अंजाम दे दिया।

योजना के तहत आरोपी समीर ने मौका मिलते ही बच्चे को उठाया और उसे लण्ढौरा ले गया। इसके बाद महिला बच्चे को अपनी गोद में लेकर रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य स्थानों पर भीख मांगने लगी। दोनों का मकसद बच्चे को सहारे के रूप में इस्तेमाल कर ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाना था।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो बच्चे को दूसरे जिले या राज्य में भी ले जाया जा सकता था, जिससे बरामदगी और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती।

चार दिनों की बेचैनी, दहशत और इंतजार के बाद जब मासूम अली रजा अपनी नानी और परिजनों की गोद में पहुंचा तो पूरा परिवार भावुक हो उठा। बच्चे को सीने से लगाकर परिजन रो पड़े और पुलिस टीम का बार-बार धन्यवाद करते नजर आए।

इस संवेदनशील मामले का सफल खुलासा कर हरिद्वार पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए जनपद में कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है। SSP नवनीत सिंह भुल्लर ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि मासूमों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे अपराधियों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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