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मदरसा प्रकरण पर सियासत गरम: विधायक हाजी मोहम्मद शहजाद के समर्थन में उतरे मौ सलीम, बोले— ‘झूठ और अफवाह से जनता को गुमराह करने की कोशिश नाकाम होगी’” “सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे आरोपों को बताया सुनियोजित साजिश, कहा— ‘जनता का भरोसा नहीं जीत पाने वाले अब चरित्र हनन की राजनीति कर रहे हैं’” “गरीबों और मजलूमों की आवाज उठाने वाले नेता को बदनाम करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं, अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग तेज”

इन्तजार रजा हरिद्वार – “मदरसा प्रकरण पर सियासत गरम: विधायक हाजी मोहम्मद शहजाद के समर्थन में उतरे मौ सलीम, बोले— ‘झूठ और अफवाह से जनता को गुमराह करने की कोशिश नाकाम होगी’”

“सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे आरोपों को बताया सुनियोजित साजिश, कहा— ‘जनता का भरोसा नहीं जीत पाने वाले अब चरित्र हनन की राजनीति कर रहे हैं’”

“गरीबों और मजलूमों की आवाज उठाने वाले नेता को बदनाम करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं, अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग तेज”

लक्सर/हरिद्वार।
मदरसा प्रकरण को लेकर क्षेत्रीय राजनीति में मचे घमासान के बीच विधायक हाजी मोहम्मद शहजाद के समर्थन में अब उनके समर्थक और सामाजिक कार्यकर्ता खुलकर सामने आने लगे हैं। सोशल मीडिया पर विधायक के खिलाफ चलाए जा रहे आरोपों और खबरों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मौ सलीम ने तीखा पलटवार करते हुए इसे “राजनीतिक साजिश” करार दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख अब झूठ, भ्रम और अफवाहों का सहारा लेकर जनता को गुमराह करने में जुटे हैं, लेकिन क्षेत्र की जागरूक जनता सब समझ रही है।

मौ सलीम ने कहा कि बिना किसी ठोस सबूत और प्रमाण के किसी जनप्रतिनिधि की छवि खराब करना लोकतंत्र और सामाजिक मर्यादा दोनों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि विधायक हाजी मोहम्मद शहजाद पिछले लंबे समय से गरीबों, किसानों, मजदूरों, युवाओं और जरूरतमंद लोगों की आवाज बनकर काम कर रहे हैं। क्षेत्र में लगातार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसुविधाओं से जुड़े विकास कार्य हो रहे हैं और यही विरोधियों को रास नहीं आ रहा।

उन्होंने कहा कि जो लोग जनता का विश्वास जीतने में असफल रहे, वे अब सोशल मीडिया के जरिए झूठी कहानियां गढ़कर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जनता अब पहले जैसी नहीं रही। लोग सच और झूठ का फर्क समझते हैं और ऐसे लोगों को करारा जवाब देने का मन बना चुके हैं।

मौ सलीम ने आरोप लगाया कि कुछ संगठित लोग योजनाबद्ध तरीके से विधायक की लोकप्रियता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी और सामाजिक स्तर पर लगातार मजबूत हो रहे विधायक शहजाद को देखकर विरोधियों में बेचैनी बढ़ गई है। यही वजह है कि अब तथ्यों की बजाय अफवाहों की राजनीति शुरू कर दी गई है।

उन्होंने कहा,
“हाजी मोहम्मद शहजाद हमेशा आम आदमी के दुख-दर्द में खड़े दिखाई दिए हैं। चाहे गरीब परिवार की मदद हो, किसानों की समस्या हो, युवाओं के रोजगार का मुद्दा हो या क्षेत्र के विकास की बात— विधायक ने हर मोर्चे पर जनता की लड़ाई लड़ी है। ऐसे नेता को बदनाम करने की कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”

मौ सलीम ने सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन खबरें और पोस्ट साझा करने वालों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समाज में नफरत और भ्रम फैलाने वाले तत्वों पर प्रशासन को नजर रखनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर झूठी और भ्रामक सामग्री फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी की छवि धूमिल करने के लिए झूठ फैलाना अपराध की श्रेणी में आता है।

मौ सलीम ने जनता से भी अपील की कि वे किसी भी खबर पर आंख बंद करके भरोसा न करें। पहले तथ्यों को परखें और फिर अपनी राय बनाएं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए समाज को बांटने और विवाद खड़ा करने की कोशिश करते हैं, लेकिन क्षेत्र की जनता अब ऐसे हथकंडों से प्रभावित होने वाली नहीं है।

उन्होंने दो टूक कहा कि विधायक हाजी मोहम्मद शहजाद के साथ उनका पूरा समूह मजबूती से खड़ा है और यदि जरूरत पड़ी तो जनता के बीच जाकर भी सच रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता विकास चाहती है, विवाद नहीं। क्षेत्र की जनता उन लोगों को भी पहचान चुकी है जो हर मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर केवल अपनी मौजूदगी बचाने में लगे हैं।

मदरसा प्रकरण को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच अब यह मामला राजनीतिक रंग पकड़ता दिखाई दे रहा है। एक तरफ विरोधी लगातार सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर विधायक समर्थक इसे सुनियोजित दुष्प्रचार बता रहे हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक गर्मा सकता है। फिलहाल क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है और लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई तथा राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर टिकी हुई हैं।

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