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जनता की अदालत में अफसरों की ‘क्लास’! डीएम मयूर दीक्षित के जनसुनवाई दरबार में गूंजी 72 शिकायतें, लापरवाही पर कड़ा संदेश,, “धूल, जलभराव, टूटी सड़कें, भूमि विवाद और कूड़े के ढेर से फूटा जनता का गुस्सा — डीएम बोले: अब शिकायत दोबारा आई तो तय होगी जिम्मेदारी,,” “सीएम हेल्पलाइन की लंबित फाइलों पर भी बरसे डीएम — 36 दिन से अटकी सैकड़ों शिकायतों पर अफसरों को चेतावनी”

इन्तजार रजा हरिद्वार-जनता की अदालत में अफसरों की ‘क्लास’! डीएम मयूर दीक्षित के जनसुनवाई दरबार में गूंजी 72 शिकायतें, लापरवाही पर कड़ा संदेश,,

“धूल, जलभराव, टूटी सड़कें, भूमि विवाद और कूड़े के ढेर से फूटा जनता का गुस्सा — डीएम बोले: अब शिकायत दोबारा आई तो तय होगी जिम्मेदारी,,”

“सीएम हेल्पलाइन की लंबित फाइलों पर भी बरसे डीएम — 36 दिन से अटकी सैकड़ों शिकायतों पर अफसरों को चेतावनी”

हरिद्वार में सोमवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम एक बार फिर आम जनता की उम्मीदों और प्रशासन की जवाबदेही का बड़ा मंच बनकर सामने आया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में जनता ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं और कई मामलों में प्रशासन को सीधे कठघरे में खड़ा कर दिया। विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 72 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 38 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के लिए भेजा गया।

जनसुनवाई के दौरान सामने आए मुद्दों ने कई विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल, सड़क और सफाई जैसी समस्याओं को लेकर फरियादी बड़ी उम्मीदों के साथ पहुंचे। कई शिकायतों में लोगों का दर्द और नाराजगी साफ दिखाई दी।

रोहालकी किशनपुर के शिकायतकर्ताओं पंकज, यशवंत और राजेश कुमार ने ग्रामसभा की भूमि पर पड़े कूड़े और गंदगी के ढेर हटवाने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना था कि सार्वजनिक भूमि पर लगातार जमा हो रहा कचरा अब गंभीर परेशानी का कारण बनता जा रहा है।

इसी तरह पथरी रेलवे स्टेशन सैनिक कॉलोनी के निवासी प्रवीण शर्मा ने एक गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक स्लीपर कंपनी में दिन-रात भारी ट्रक और डंपर चलते हैं, जिससे पूरे इलाके में ध्वनि प्रदूषण और धूल का गुबार फैल रहा है। लोगों का आरोप है कि इस वजह से स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है।

अत्मलपुर बौंगला निवासी नरेश कुमार शर्मा ने भूमि पैमाइश को लेकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी भूमि का क्षेत्र मौके पर कम हो रहा है और इसकी निष्पक्ष पैमाइश कराई जानी चाहिए। वहीं लक्सर क्षेत्र की संजो देवी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृति की मांग लेकर पहुंचीं।

ग्राम पंचायत सजनपुर पीली की प्रधान रूबी देवी ने मस्जिद से ध्रुव चैरिटेबल हॉस्पिटल तक पुरानी हरिद्वारी सड़क किनारे उगी झाड़ियों और गंदगी की सफाई की मांग उठाई। दूसरी ओर हाईवे ग्रीन निवासी रितेश सिंह ने रामानंद कॉलेज से इक्कर पटरी मार्ग की खस्ताहाल स्थिति को दुर्घटनाओं का कारण बताते हुए सड़क निर्माण की मांग की।

सबसे चिंताजनक शिकायतों में से एक राजकुमार चौहान की रही, जिन्होंने अत्मलपुर बौंगला और रोहालकी क्षेत्र में जलभराव के कारण लगभग 1000 बीघा भूमि बेकार पड़े होने का मामला उठाया। यह मुद्दा कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों से जुड़ा बड़ा विषय बनकर सामने आया।

जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को सख्त शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन शिकायतों पर स्थलीय निरीक्षण जरूरी है, वहां अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर मौके पर जाएं और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।डीएम ने यह भी साफ कर दिया कि यदि कोई शिकायत दोबारा जनसुनवाई में पहुंचती है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी। उन्होंने कहा कि केवल फाइलों में कार्रवाई दिखाने से काम नहीं चलेगा, धरातल पर परिणाम दिखाई देने चाहिए।

बैठक में सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान भी डीएम का सख्त रुख देखने को मिला। समीक्षा में सामने आया कि 36 दिन से अधिक समय से बड़ी संख्या में शिकायतें लंबित हैं। एल-1 स्तर पर 557 और एल-2 स्तर पर 134 शिकायतें अभी भी निस्तारण का इंतजार कर रही हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद भी स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता जब सीएम हेल्पलाइन या जनसुनवाई तक पहुंच रही है तो इसका मतलब है कि कहीं न कहीं सिस्टम की गति धीमी हुई है। इसलिए अधिकारी संवेदनशीलता के साथ काम करें और लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न कटवाएं।

जनसुनवाई में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. लालित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे फरियादी मौजूद रहे।: “जनता की समस्याओं का समयबद्ध और संवेदनशील समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।”

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