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मंगलौर में छात्राओं ने पटवारी पर लगाए गंभीर आरोप! आय प्रमाण पत्र के नाम पर रिश्वतखोरी और मानसिक उत्पीड़न का मामला पहुंचा जिलाधिकारी तक,, “बिना पैसे रिपोर्ट नहीं, बिना ‘चहेते’ CSC से फॉर्म नहीं होगा काम” — छात्राओं ने राजस्व उप निरीक्षक साजिद हसन पर लगाए रिश्वत और दबाव बनाने के आरोप,, “छात्रवृत्ति से वंचित होने का डर, मानसिक तनाव में छात्राएं” — उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर जिलाधिकारी हरिद्वार को सौंपा गया शिकायती पत्र,,

मंगलौर में छात्राओं ने पटवारी पर लगाए गंभीर आरोप! आय प्रमाण पत्र के नाम पर रिश्वतखोरी और मानसिक उत्पीड़न का मामला पहुंचा जिलाधिकारी तक,,

“बिना पैसे रिपोर्ट नहीं, बिना ‘चहेते’ CSC से फॉर्म नहीं होगा काम” — छात्राओं ने राजस्व उप निरीक्षक साजिद हसन पर लगाए रिश्वत और दबाव बनाने के आरोप,,

“छात्रवृत्ति से वंचित होने का डर, मानसिक तनाव में छात्राएं” — उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर जिलाधिकारी हरिद्वार को सौंपा गया शिकायती पत्र,,

इन्तजार रजा 8909868566 हरिद्वार, 25 मई। मंगलौर क्षेत्र की छात्राओं ने राजस्व उप निरीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी हरिद्वार को एक शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायत में रिश्वतखोरी, पद के दुरुपयोग और छात्राओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। छात्राओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत पत्र के अनुसार, छात्राओं का आरोप है कि राजस्व उप निरीक्षक साजिद हसन द्वारा आय प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में अनियमितताएं की जा रही हैं। आरोप लगाया गया है कि आय प्रमाण पत्र की रिपोर्ट लगाने के बदले रिश्वत की मांग की जाती है और बिना पैसे कार्य नहीं किया जाता।

छात्राओं का कहना है कि आय प्रमाण पत्र छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक योजनाओं के लिए आवश्यक दस्तावेज होता है। ऐसे में यदि समय पर प्रमाण पत्र जारी नहीं होता है तो आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को परेशानी उठानी पड़ती है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ छात्राओं पर एक विशेष कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से ही छात्रवृत्ति और अन्य आवेदन भरवाने का दबाव बनाया जाता है। छात्राओं का कहना है कि उन्हें कहा जाता है कि यदि निर्धारित स्थान से फॉर्म नहीं भरवाया गया तो आय प्रमाण पत्र की रिपोर्ट लगाने में देरी की जाएगी या अन्य समस्याएं खड़ी की जा सकती हैं।

छात्राओं ने यह भी दावा किया है कि इस प्रकार की स्थिति के कारण कई छात्राएं मानसिक तनाव का सामना कर रही हैं और उनकी छात्रवृत्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ पूर्व में भी कुछ मामलों की जांच चलने की जानकारी उन्हें मिली है।

छात्राओं ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। साथ ही उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जाए।फिलहाल यह सभी आरोप शिकायतकर्ता पक्ष द्वारा लगाए गए हैं। मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जिला प्रशासन की ओर से शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर अब सभी की नजर बनी हुई है।

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