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गंगा दशहरा पर हरिद्वार में आस्था का महासैलाब! लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी, धर्मनगरी बनी श्रद्धा और सुरक्षा का विराट संगम,, “हर की पैड़ी से घाटों तक उमड़ा जनसैलाब” — प्रातःकालीन गंगा आरती में श्रद्धा का अद्भुत दृश्य, अब तक 43 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया पुण्य स्नान, हर ओर ‘हर-हर गंगे’ के जयघोष से गूंजा हरिद्वार,, “चप्पे-चप्पे पर पुलिस मुस्तैद, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने खुद संभाली सुरक्षा की कमान” — ड्रोन निगरानी, पैदल गश्त, कंट्रोल रूम और मेला व्यवस्था के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने दिखाया अभूतपूर्व तालमेल,,

इन्तजार रजा हरिद्वार- गंगा दशहरा पर हरिद्वार में आस्था का महासैलाब! लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी, धर्मनगरी बनी श्रद्धा और सुरक्षा का विराट संगम,,

“हर की पैड़ी से घाटों तक उमड़ा जनसैलाब” — प्रातःकालीन गंगा आरती में श्रद्धा का अद्भुत दृश्य, अब तक 43 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया पुण्य स्नान, हर ओर ‘हर-हर गंगे’ के जयघोष से गूंजा हरिद्वार,,

“चप्पे-चप्पे पर पुलिस मुस्तैद, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने खुद संभाली सुरक्षा की कमान” — ड्रोन निगरानी, पैदल गश्त, कंट्रोल रूम और मेला व्यवस्था के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने दिखाया अभूतपूर्व तालमेल,,

हरिद्वार। गंगा दशहरा स्नान पर्व पर धर्मनगरी हरिद्वार ने एक बार फिर आस्था का ऐसा महासमुद्र देखा, जिसने पूरे शहर को श्रद्धा, विश्वास और अध्यात्म के रंग में रंग दिया। प्रातःकालीन आरती से लेकर दिनभर चले स्नान पर्व तक हर की पैड़ी, ब्रह्मकुंड, वीआईपी घाट, प्रेमनगर आश्रम घाट, रोड़ीबेलवाला और विभिन्न स्नान स्थलों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। चारों ओर “हर-हर गंगे”, “जय मां गंगे” और धार्मिक उद्घोषों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का हरिद्वार पहुंचना शुरू हो गया था। सूरज की पहली किरण के साथ हर की पैड़ी पर जब गंगा आरती हुई तो घाटों पर मौजूद हजारों श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। आरती की लौ, घंटियों की ध्वनि, गंगा जल की कलकल और श्रद्धालुओं के जयघोष ने ऐसा आध्यात्मिक दृश्य प्रस्तुत किया जिसे देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध दिखाई दिया।

इस बार गंगा दशहरा पर श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को चुनौती दी। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार अब तक लगभग 43 लाख से अधिक श्रद्धालु गंगा स्नान कर चुके हैं, जबकि दिन चढ़ने के साथ यह आंकड़ा और बढ़ता दिखाई दिया। शहर की सड़कों, हाईवे, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।ड्रोन कैमरों से सामने आई तस्वीरों ने भी लोगों को हैरान कर दिया। ऊपर से देखने पर हरिद्वार मानो इंसानी समुद्र में तब्दील दिखाई दिया। हर की पैड़ी से लेकर दूर-दूर तक श्रद्धालुओं की कतारें नजर आईं। घाटों पर तिल रखने तक की जगह नहीं बची थी। बड़ी संख्या में परिवार, साधु-संत, श्रद्धालु और विभिन्न राज्यों से आए भक्त पुण्य स्नान के लिए पहुंचे।

इस विशाल आयोजन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक तैयारी की थी। “चप्पे-चप्पे पर पुलिस मुस्तैद” का दावा इस बार पूरी तरह जमीन पर दिखाई दिया। स्नान क्षेत्र से लेकर प्रमुख मार्गों तक पुलिस बल की भारी तैनाती की गई। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त फोर्स लगाई गई, जबकि सीसीटीवी और ड्रोन के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी गई।

हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। उन्होंने हर की पैड़ी, मेला क्षेत्र और प्रमुख स्नान घाटों का पैदल निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को लगातार निर्देश दिए। एसएसपी स्वयं कई स्थानों पर भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते नजर आए।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया था। विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग, डायवर्जन और पैदल रूट तय किए गए थे ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। महिला सुरक्षा को लेकर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती भी विशेष रूप से की गई। भीड़ के बीच स्वास्थ्य विभाग, आपदा राहत दल, जल पुलिस, एसडीआरएफ और चिकित्सा टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया। घाटों के आसपास एंबुलेंस, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और सहायता शिविर बनाए गए थे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रखा।

श्रद्धालुओं ने भी व्यवस्थाओं की सराहना की। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि भारी भीड़ के बावजूद प्रशासन और पुलिस ने व्यवस्था को बेहतर ढंग से संभाला। दूर-दराज राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि हरिद्वार की आध्यात्मिक ऊर्जा उन्हें हर वर्ष यहां खींच लाती है।

गंगा दशहरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास का प्रतीक है। मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं और गंगा स्नान से पापों का नाश तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस पावन अवसर पर हरिद्वार पहुंचते हैं। गंगा तट पर उमड़ी भीड़, श्रद्धा से झुके सिर, गूंजते मंत्र, सुरक्षा के मजबूत इंतजाम और प्रशासन की सक्रियता ने इस गंगा दशहरा को एक भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक आयोजन में बदल दिया। धर्मनगरी हरिद्वार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब आस्था उमड़ती है तो पूरा शहर एक परिवार बनकर श्रद्धालुओं का स्वागत करता है।

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