हरिद्वार में प्रशासनिक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी! डीएम मयूर दीक्षित का बड़ा संदेश — सरकारी जमीन पर कब्जा और काम में लापरवाही अब नहीं होगी बर्दाश्त,, “15 दिन में हटाओ अतिक्रमण, वरना होगा सीधा एक्शन” — जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम, विकास योजनाओं से लेकर बिजली-पानी तक हर मोर्चे पर जवाबदेही तय,, “कागजों का विकास नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए असर” — तीन माह का रोडमैप, डेंगू अलर्ट, बिजली चोरी पर शिकंजा और जनसेवा केंद्रों की निगरानी के सख्त आदेश,,

हरिद्वार में प्रशासनिक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी! डीएम मयूर दीक्षित का बड़ा संदेश — सरकारी जमीन पर कब्जा और काम में लापरवाही अब नहीं होगी बर्दाश्त,,
“15 दिन में हटाओ अतिक्रमण, वरना होगा सीधा एक्शन” — जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम, विकास योजनाओं से लेकर बिजली-पानी तक हर मोर्चे पर जवाबदेही तय,,
“कागजों का विकास नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए असर” — तीन माह का रोडमैप, डेंगू अलर्ट, बिजली चोरी पर शिकंजा और जनसेवा केंद्रों की निगरानी के सख्त आदेश,,
इन्तजार रजा हरिद्वार, 25 मई। हरिद्वार प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। जिला कार्यालय सभागार में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में ढिलाई और सरकारी भूमि पर कब्जे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
बैठक में जिलाधिकारी का फोकस सिर्फ समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने कई विभागों को स्पष्ट समयसीमा और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उनके तेवरों से साफ संकेत मिला कि अब फाइलों की गति नहीं, धरातल पर काम की रफ्तार देखी जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना हर अधिकारी की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी समय-समय पर अपने क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें और योजनाओं की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करें। 
बैठक के दौरान सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामलों पर जिलाधिकारी का रुख सबसे ज्यादा सख्त नजर आया। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा मिला तो संबंधित अधिकारी तुरंत कार्रवाई करें। अतिक्रमणकारियों को 15 दिन का नोटिस देकर कब्जा हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाए और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में जनपद में अतिक्रमण के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान देखने को मिल सकता है।
बैठक में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को अगले तीन माह का विस्तृत कार्य प्लान तैयार करने के निर्देश दिए ताकि योजनाओं की समयबद्ध मॉनिटरिंग हो सके और लक्ष्य स्पष्ट रहें।
गर्मी के बीच बढ़ती पेयजल समस्याओं को देखते हुए जल संस्थान और पेयजल निगम को निर्देश दिए गए कि जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या है वहां तत्काल टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाए। साथ ही पेयजल लाइनों में लीकेज को तत्काल ठीक करने के निर्देश भी जारी किए गए।
बिजली विभाग को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अनावश्यक बिजली कटौती से बचा जाए और विद्युत आपूर्ति सुचारु रखी जाए। इसके साथ ही बिजली चोरी रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए। जर्जर पोल और झूलती विद्युत लाइनों के सुरक्षा ऑडिट पर भी विशेष जोर दिया गया।
राशन व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने कहा कि राशन कार्डों का सत्यापन अभियान तेजी से चलाया जाए। मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाएं और फर्जी राशन कार्ड बनने की संभावनाओं पर सख्त रोक लगाई जाए।
मानसून और डेंगू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को पहले से तैयार रहने और सभी संसाधन व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र, एडीएम वैभव गुप्ता समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद यह साफ माना जा रहा है कि हरिद्वार में अब विकास और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उसका असर सीधे जमीन पर दिखाई देने वाला है।



