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हरिद्वार में ‘जनता दरबार’ में उमड़ा समस्याओं का सैलाब! डीएम मयूर दीक्षित ने जनसुनवाई में दिखाया सख्त और संवेदनशील प्रशासनिक तेवर,, “समस्याएं लटकेंगी नहीं, समय पर हल होंगी” — डीएम ने अधिकारियों को दो टूक संदेश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी,, “सीएम हेल्पलाइन की सुस्त कार्यशैली पर प्रशासन सख्त” — 36 दिन से लंबित सैकड़ों शिकायतों पर जताई नाराजगी, तत्काल निस्तारण के दिए निर्देश,,

हरिद्वार में ‘जनता दरबार’ में उमड़ा समस्याओं का सैलाब! डीएम मयूर दीक्षित ने जनसुनवाई में दिखाया सख्त और संवेदनशील प्रशासनिक तेवर,,

“समस्याएं लटकेंगी नहीं, समय पर हल होंगी” — डीएम ने अधिकारियों को दो टूक संदेश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी,,

“सीएम हेल्पलाइन की सुस्त कार्यशैली पर प्रशासन सख्त” — 36 दिन से लंबित सैकड़ों शिकायतों पर जताई नाराजगी, तत्काल निस्तारण के दिए निर्देश,,

इन्तजार रजा हरिद्वार, 25 मई। हरिद्वार जिला प्रशासन अब जनसमस्याओं को केवल सुनने नहीं, बल्कि उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के मिशन में पूरी सक्रियता के साथ जुटा दिखाई दे रहा है। सोमवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जनता की समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने पहुंचीं। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से जुड़ी 60 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 28 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को तत्काल कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया।

जनसुनवाई में भूमि विवाद, राजस्व, अतिक्रमण, पेयजल, जलभराव, विद्युत, अवैध कब्जों और अधूरे निर्माण कार्यों से जुड़े कई मामले सामने आए। कई शिकायतकर्ताओं ने वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए प्रशासन से राहत की उम्मीद जताई।ग्राम भगतनपुर आबिदपुर निवासी सविता चौहान ने अपने प्लॉट पर कथित कब्जे का मामला उठाया, जबकि ग्राम कांगड़ी के निवासियों ने पेयजल संकट को लेकर शिकायत दर्ज कराई। वहीं सहदेवपुर निवासी राजपाल ने भूमि पैमाइश और सीमांकन से जुड़ा मामला उठाया। इसके अलावा बरसाती नदी से उत्पन्न बाढ़ और जलभराव की समस्या, अधूरे नाला निर्माण तथा जल निकासी से जुड़े मामलों ने भी प्रशासन का ध्यान खींचा।

जनसुनवाई के दौरान डीएम मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की समस्याएं सिर्फ कागजी प्रक्रिया नहीं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि हर शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की समीक्षा में भी प्रशासन का सख्त रुख दिखाई दिया। समीक्षा में एल-1 पर 566 और एल-2 पर 128 शिकायतें लंबित मिलीं, जिनमें कई 36 दिन से अधिक समय से अटकी हुई थीं। इस पर डीएम ने अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि हरिद्वार की जनसुनवाई अब औपचारिकता नहीं, बल्कि जवाबदेही और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई का मजबूत मंच बनती जा रही है।

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