हरिद्वार में ‘तीन तलाक’ का मामला गरमाया! मुस्लिम महिला की शिकायत पर पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज, हलाला समेत कई पहलुओं की जांच शुरू “रास्ता रोका, गालियां दीं, जान से मारने की धमकी और फिर तीन बार बोला तलाक” — पीड़िता के आरोपों ने खड़े किए गंभीर सवाल, ज्वालापुर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा “महिलाओं के अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं” — एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर बोले, शिकायतों पर होगी त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई

हरिद्वार में ‘तीन तलाक’ का मामला गरमाया! मुस्लिम महिला की शिकायत पर पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज, हलाला समेत कई पहलुओं की जांच शुरू
“रास्ता रोका, गालियां दीं, जान से मारने की धमकी और फिर तीन बार बोला तलाक” — पीड़िता के आरोपों ने खड़े किए गंभीर सवाल, ज्वालापुर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
“महिलाओं के अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं” — एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर बोले, शिकायतों पर होगी त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई
इन्तजार रजा, हरिद्वार.. हरिद्वार में एक मुस्लिम महिला को कथित रूप से तीन तलाक कहने और धमकी देने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला केवल तीन तलाक तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस अन्य संबंधित पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। इस प्रकरण ने एक बार फिर मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों, कानूनी संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारियों को लेकर बहस तेज कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 मई 2026 को मोहल्ला कस्साबान, ज्वालापुर निवासी एक महिला ने कोतवाली सिडकुल में लिखित शिकायत दी। महिला का आरोप है कि उसके पति शमशाद पुत्र जहूर हसन, निवासी मोहल्ला झोझगान, थाना पुरकाजी, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) ने उसका रास्ता रोककर अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि आरोपी ने गाली-गलौच की, जान से मारने की धमकी दी और सार्वजनिक रूप से तीन बार “तलाक” शब्द का उच्चारण किया।
महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर लिया। कोतवाली सिडकुल में दर्ज मुकदमा संख्या 219/2026 के तहत आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126(2), 351(2), 352 तथा मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 की धारा 3/4 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना महिला उपनिरीक्षक मनीषा नेगी को सौंपी गई है। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए प्रत्येक आरोप की तथ्यात्मक पड़ताल की जाएगी। यदि जांच में अन्य कानूनी पहलू सामने आते हैं तो उन्हें भी विवेचना में शामिल किया जाएगा।
इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बेहद सतर्कता के साथ कार्रवाई कर रही है। महिला अधिकारों से जुड़े मामलों में सरकार और न्यायालयों द्वारा बनाए गए सख्त कानूनों के बाद तीन तलाक को दंडनीय अपराध घोषित किया जा चुका है। ऐसे में किसी भी प्रकार की शिकायत को हल्के में नहीं लिया जा रहा है।
एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि हरिद्वार पुलिस महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित, निष्पक्ष और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। किसी भी पीड़ित महिला को न्याय दिलाने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब कानून, महिला अधिकारों और सामाजिक जवाबदेही के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



