हरिद्वार से बड़ी खबर: सरकारी राशन में ‘कीड़े’ का वीडियो वायरल, डीएम मयूर दीक्षित का बड़ा एक्शन,, मिस्सपुर गांव की सस्ते गल्ले की दुकान से वितरित चावल की गुणवत्ता पर उठे सवाल, जांच के लिए विशेष टीम गठित,, डीएम बोले—दोषी चाहे राशन डीलर हो या अधिकारी, किसी को नहीं बख्शा जाएगा, सख्त कार्रवाई तय,,

हरिद्वार से बड़ी खबर: सरकारी राशन में ‘कीड़े’ का वीडियो वायरल, डीएम मयूर दीक्षित का बड़ा एक्शन,,
मिस्सपुर गांव की सस्ते गल्ले की दुकान से वितरित चावल की गुणवत्ता पर उठे सवाल, जांच के लिए विशेष टीम गठित,,
डीएम बोले—दोषी चाहे राशन डीलर हो या अधिकारी, किसी को नहीं बख्शा जाएगा, सख्त कार्रवाई तय,,
हरिद्वार। हरिद्वार जनपद के बहादराबाद ब्लॉक स्थित मिस्सपुर गांव से सरकारी राशन को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से वितरित किए गए चावल में कथित तौर पर कीड़े दिखाई देने का दावा किया गया है। वीडियो सामने आते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया और मामला सीधे जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के संज्ञान में पहुंच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे मामले की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही जांच के लिए एक विशेष टीम को मौके पर भेज दिया गया है, जो राशन की गुणवत्ता, वितरण प्रक्रिया और संबंधित सस्ते गल्ले की दुकान की कार्यप्रणाली की जांच करेगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि लाभार्थियों को खराब गुणवत्ता का राशन वितरित किया गया है या वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा भ्रष्टाचार पाया जाता है, तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, चाहे दोषी राशन डीलर हो या विभाग का कोई अधिकारी।
डीएम ने जिला पूर्ति विभाग को भी निर्देश दिए हैं कि जनपद की सभी सरकारी राशन दुकानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। जिन दुकानों के संबंध में पहले भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं, वहां नियमित निरीक्षण किया जाए और खाद्यान्न की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को निर्धारित मानकों के अनुरूप राशन उपलब्ध कराया जा सके।
वायरल वीडियो के बाद ग्रामीणों में भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि गरीब और जरूरतमंद परिवार सरकारी राशन व्यवस्था पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यदि खराब गुणवत्ता का खाद्यान्न वितरित किया जाता है तो यह सीधे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन की विशेष टीम मौके पर जांच में जुटी हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में किया गया दावा कितना सही है और कथित रूप से कीड़े वाला चावल वास्तव में सरकारी वितरण प्रणाली का हिस्सा था या नहीं। हालांकि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने साफ कर दिया है कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अब पूरे जिले की निगाहें प्रशासन की जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की शिकायत को गंभीरता से लेकर उसका त्वरित समाधान किया जाएगा।
मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी हरिद्वार ने “वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर तत्काल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। विशेष टीम मौके पर भेजी गई है। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।”



