हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर बड़ा अलर्ट! एक पल की लापरवाही से परिवार से बिछड़ा 5 वर्षीय मासूम, जीआरपी ने 24 घंटे में खोज निकाला,, भीड़ और जल्दबाजी के बीच अमृतसर एक्सप्रेस में छूट गया बच्चा, हरियाणा के जगाधरी-यमुनानगर से सकुशल बरामद,, एसपी जीआरपी अरुणा भारती की अपील—“यात्रा के दौरान बच्चों पर रखें विशेष नजर, सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा”
बरामदगी में शामिल पुलिस टीम में महिला उपनिरीक्षक तरन्नूम सईद, कांस्टेबल मंसूर अली और कांस्टेबल नैथानियल भट्टी की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्हें वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना और शाबाशी दी और एसपी जीआरपी अरुणा भारती ने टीम के लिए 2500 रु के विशेष सम्मान उपहार की घोषणा की

हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर बड़ा अलर्ट! एक पल की लापरवाही से परिवार से बिछड़ा 5 वर्षीय मासूम, जीआरपी ने 24 घंटे में खोज निकाला,,
भीड़ और जल्दबाजी के बीच अमृतसर एक्सप्रेस में छूट गया बच्चा, हरियाणा के जगाधरी-यमुनानगर से सकुशल बरामद,,
एसपी जीआरपी अरुणा भारती की अपील—“यात्रा के दौरान बच्चों पर रखें विशेष नजर, सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा”
इन्तजार रजा हरिद्वार.. धार्मिक नगरी हरिद्वार में हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। रेलवे स्टेशन पर उमड़ने वाली भीड़ के बीच एक छोटी सी चूक कभी-कभी बड़े संकट का कारण बन जाती है। ऐसा ही एक मामला सामने आया, जिसने कुछ घंटों के लिए एक परिवार की सांसें थाम दीं। पंजाब से गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आए परिवार का पांच वर्षीय मासूम रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में ही छूट गया। परिजनों की बेचैनी और चिंता के बीच हरिद्वार जीआरपी ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बच्चे को 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर परिवार की गोद में लौटा दिया।
मोहाली निवासी अनिकेत अपने परिवार के साथ हरिद्वार आए थे। गंगा स्नान के बाद परिवार रेलवे स्टेशन पहुंचा। प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर खड़ी हरिद्वार-अमृतसर एक्सप्रेस में सभी सवार हो गए। इसी दौरान जानकारी मिली कि यह ट्रेन उनके गंतव्य की ओर नहीं जाएगी। आनन-फानन में पूरा परिवार ट्रेन से उतर गया, लेकिन भारी भीड़ और अफरा-तफरी के बीच पांच वर्षीय बच्चा ट्रेन में ही रह गया।
कुछ ही मिनटों बाद जब बच्चे की तलाश शुरू हुई तो परिवार के होश उड़ गए। स्टेशन परिसर में हर तरफ खोजबीन शुरू हुई, लेकिन मासूम का कोई पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने जीआरपी हरिद्वार को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने खोज अभियान शुरू कर दिया।
एसपी जीआरपी अरुणा भारती के निर्देशन में तीन विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, ट्रेन के रूट की जानकारी जुटाई और संभावित स्थानों पर तलाश शुरू की। एक टीम उत्तर प्रदेश में, दूसरी पंजाब और चंडीगढ़ की दिशा में तथा तीसरी टीम हरियाणा में सक्रिय की गई।
लगातार प्रयासों और तकनीकी जांच के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली। हरियाणा के जगाधरी-यमुनानगर क्षेत्र में पहुंची जीआरपी टीम ने बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। मासूम सुरक्षित मिला और उसे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद सीडब्ल्यूसी रोशनाबाद के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहां से बच्चे को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
अपने बेटे को सुरक्षित देखकर परिवार भावुक हो उठा। परिजनों ने जीआरपी हरिद्वार, एसपी अरुणा भारती और पूरी पुलिस टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस की तत्परता ने उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी चिंता को खुशी में बदल दिया।
इस सफल कार्रवाई के बाद एसपी जीआरपी अरुणा भारती ने यात्रियों से महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, मेलों, धार्मिक आयोजनों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों को कभी भी अकेला न छोड़ें। यात्रा के दौरान बच्चों का हाथ थामकर रखें, उन्हें परिवार से अलग न होने दें और उनके पास अभिभावकों का मोबाइल नंबर अवश्य रखें।
उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश, चारधाम यात्रा और बढ़ती यात्रियों की संख्या के कारण रेलवे स्टेशनों पर भीड़ अधिक है। ऐसे में अभिभावकों की सतर्कता ही बच्चों की सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।यह घटना केवल एक सफल बरामदगी की कहानी नहीं है, बल्कि हर यात्री और अभिभावक के लिए एक बड़ा संदेश भी है। कुछ सेकंड की लापरवाही परिवार को भारी परेशानी में डाल सकती है, जबकि थोड़ी सी सावधानी किसी भी अनहोनी को टाल सकती है। हरिद्वार जीआरपी की त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस और जनता के बीच भरोसा एवं समय पर सूचना किसी भी संकट का सबसे प्रभावी समाधान है।
बरामदगी में शामिल पुलिस टीम में महिला उपनिरीक्षक तरन्नूम सईद, कांस्टेबल मंसूर अली और कांस्टेबल नैथानियल भट्टी की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्हें वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना और शाबाशी दी और एसपी जीआरपी अरुणा भारती ने टीम के लिए 2500 रु के विशेष सम्मान उपहार की घोषणा की।



