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शिवभक्तों की सेवा में सड़क पर उतरे डीएम-एसएसपी: पुष्पवर्षा, अल्पाहार और सेवा भाव से जीता कांवड़ियों का दिल,, अमरापुर घाट और शंकराचार्य चौक पर प्रशासन का सेवा अभियान: लाखों कांवड़ियों का किया स्वागत, भोजन, पेयजल और फल वितरित कर दिया सेवा का संदेश,, कांवड़ मेला-2026 के चौथे दिन हरिद्वार में आस्था का महासैलाब: डीएम मयूर दीक्षित बोले- 45 लाख से अधिक श्रद्धालु भर चुके हैं गंगाजल, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा- शिवभक्तों की सुरक्षा और सेवा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

शिवभक्तों की सेवा में सड़क पर उतरे डीएम-एसएसपी: पुष्पवर्षा, अल्पाहार और सेवा भाव से जीता कांवड़ियों का दिल,,

अमरापुर घाट और शंकराचार्य चौक पर प्रशासन का सेवा अभियान: लाखों कांवड़ियों का किया स्वागत, भोजन, पेयजल और फल वितरित कर दिया सेवा का संदेश,,

कांवड़ मेला-2026 के चौथे दिन हरिद्वार में आस्था का महासैलाब: डीएम मयूर दीक्षित बोले- 45 लाख से अधिक श्रद्धालु भर चुके हैं गंगाजल, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा- शिवभक्तों की सुरक्षा और सेवा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

इन्तजार रजा, हरिद्वार…विश्व प्रसिद्ध कांवड़ मेला-2026 अपने पूरे रंग में नजर आ रहा है। सावन के चौथे दिन धर्मनगरी हरिद्वार पूरी तरह शिवमय हो गई। “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजती सड़कों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। लाखों शिवभक्त पवित्र गंगा से जल भरकर अपने-अपने शिवालयों की ओर रवाना हुए। इस बीच जिला प्रशासन और हरिद्वार पुलिस ने केवल सुरक्षा व्यवस्था तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि सेवा और सम्मान की मिसाल पेश करते हुए स्वयं सड़कों पर उतरकर कांवड़ियों का स्वागत किया।

अमरापुर घाट और शंकराचार्य चौक पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से विशेष सेवा शिविर लगाया। यहां गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। इसके साथ ही कांवड़ियों को फल, अल्पाहार, पेयजल और अन्य खाद्य सामग्री वितरित कर सेवा भाव का संदेश दिया गया। अधिकारियों को अपने बीच पाकर श्रद्धालुओं ने भी खुशी जताई और प्रशासन की इस पहल की सराहना की।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि कांवड़ मेला पूरी तरह व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो रहा है। अब तक लगभग 45 लाख से अधिक शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल भरकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित, सुविधाजनक और सुखद वातावरण में अपनी यात्रा पूरी करे।

डीएम ने बताया कि यात्रा मार्गों पर पेयजल, भोजन, चिकित्सा, शौचालय, सफाई और विश्राम जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं। हाईवे और कांवड़ पटरी मार्ग पर सफाई व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार होटल, ढाबों और भोजनालयों की जांच कर रहा है ताकि श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण और शुद्ध भोजन उपलब्ध हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी विभागों के साथ-साथ सामाजिक संस्थाएं, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक भी सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा रहे हैं। सभी के सामूहिक सहयोग से कांवड़ यात्रा सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि हरिद्वार पुलिस दिन-रात शिवभक्तों की सुरक्षा में पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। इसी सोच के तहत सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से सेवा शिविर आयोजित कर कांवड़ियों को खाद्य सामग्री वितरित की गई और पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया।

एसएसपी ने कहा कि यात्रा के दौरान पुलिस की प्रत्येक इकाई पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रही है। यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत किया गया है ताकि किसी भी स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। उन्होंने श्रद्धालुओं से यातायात नियमों का पालन करने, प्रशासन का सहयोग करने और अफवाहों से दूर रहने की भी अपील की।

कांवड़ यात्रा के चौथे दिन हरिद्वार के प्रमुख घाटों, कांवड़ पटरी मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। हजारों स्वयंसेवक और विभिन्न सामाजिक संगठन भी सेवा कार्यों में जुटे रहे। जगह-जगह भंडारे, चिकित्सा शिविर, पेयजल केंद्र और विश्राम स्थल संचालित किए जा रहे हैं, जिससे शिवभक्तों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

शंकराचार्य चौक पर जब डीएम मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने स्वयं कांवड़ियों के बीच पहुंचकर पुष्पवर्षा की और अपने हाथों से अल्पाहार एवं फल वितरित किए तो श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष के साथ उनका अभिवादन किया। यह दृश्य पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बना रहा।

कांवड़ मेला-2026 में हरिद्वार प्रशासन और पुलिस की यह पहल केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण का उदाहरण बनकर सामने आई है। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के साथ-साथ श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत यह संदेश दे रहा है कि धर्मनगरी हरिद्वार आने वाले प्रत्येक शिवभक्त की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सभी विभागों को पूरी सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि विश्व प्रसिद्ध कांवड़ मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

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