आधी रात डीएम मयूर दीक्षित को भेजा गया एक व्हाट्सएप मैसेज और 3 घंटे में बदल गई तस्वीर…. मोहर्रम से पहले गढ़मीरपुर में तीन दिन से पेयजल संकट, एक लाख से अधिक हुसैनी जायरीन और ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत रातों-रात हरकत में आया प्रशासन, जलापूर्ति बहाल होते ही ग्रामीणों ने कहा— “थैंक्यू डीएम सर, आपने हमारी फरियाद सुनी”

आधी रात डीएम मयूर दीक्षित को भेजा गया एक व्हाट्सएप मैसेज और 3 घंटे में बदल गई तस्वीर….
मोहर्रम से पहले गढ़मीरपुर में तीन दिन से पेयजल संकट, एक लाख से अधिक हुसैनी जायरीन और ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
रातों-रात हरकत में आया प्रशासन, जलापूर्ति बहाल होते ही ग्रामीणों ने कहा— “थैंक्यू डीएम सर, आपने हमारी फरियाद सुनी”
हरिद्वार। मोहर्रम के मातमी पर्व से पहले गढ़मीरपुर गांव में लगातार तीन दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप रहने के कारण हालात बेहद गंभीर हो गए थे। गांव में दो दिनों के लिए एक लाख से अधिक जायरीन और श्रद्धालुओं के पहुंचने से पानी की मांग कई गुना बढ़ गई थी। ऐसे में पेयजल संकट ने ग्रामीणों और बाहर से आए लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी थीं।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से कई बार संपर्क किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। आखिरकार देर रात करीब 12 बजे गांव के लोगों ने अपनी समस्या जिला मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित को व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से बताई और तत्काल मदद की गुहार लगाई।
ग्रामीणों के अनुसार डीएम मयूर दीक्षित ने संदेश मिलते ही मामले का संज्ञान लिया और संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल मौके पर भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासनिक टीम और तकनीकी कर्मचारियों ने पूरी रात मरम्मत कार्य किया। महज तीन घंटे के भीतर खराब पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त कर जलापूर्ति दोबारा शुरू कर दी गई। सुबह गांव में पानी पहुंचते ही लोगों के चेहरों पर राहत दिखाई दी। मोहर्रम के दौरान आए हजारों जायरीन और स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय पर व्यवस्था बहाल नहीं होती तो हालात और अधिक गंभीर हो सकते थे।
ग्रामीणों ने डीएम मयूर दीक्षित का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “जब हमारी बात कहीं नहीं सुनी गई, तब डीएम साहब ने आधी रात को हमारी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करवाई। उनकी संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय से पूरे गांव को राहत मिली है। हम सभी ग्रामीण उनका दिल से धन्यवाद करते हैं। थैंक्यू डीएम सर।”
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील नेतृत्व कितना महत्वपूर्ण होता है। मोहर्रम जैसे बड़े आयोजन से पहले पेयजल व्यवस्था सुचारु होने से गांव में खुशी का माहौल है और लोग जिला प्रशासन की इस पहल की खुलकर सराहना कर रहे हैं।



