सहकारिता मंत्रालय के 5 साल पूरे: उत्तराखंड में हरित क्रांति का संकल्प, रिकॉर्ड वृक्षारोपण अभियान शुरू,, ## 2 लाख किसानों को मिलेगा 0% ब्याज पर ऋण, सहकारी बैंक ₹300 करोड़ के मुनाफे में पहुंचे: डॉ. धन सिंह रावत,, ### 55 नई बैंक शाखाएं, ‘खेत बचाओ अभियान’ और ऑर्गेनिक खेती पर सरकार का बड़ा फोकस, हरिद्वार से दिया विकास का संदेश,,
इस अवसर पर विधायक आदेश चौहान, महापौर किरण जैसल, भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राज्य मंत्री मधु सिंह, ओमप्रकाश जमदग्नि, देशराज कर्णवाल, आदेश सैनी, विकास तिवारी, सुशील त्यागी सहित सहकारी समितियों के सभापति, संचालक सदस्य, बड़ी संख्या में किसान, सहकारिता विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा जिला सहकारी बैंक के पदाधिकारी मौजूद रहे।

हरिद्वार, 5 जुलाई 2026। केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूरे देश के साथ उत्तराखंड में भी सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को हरिद्वार स्थित जिला सहकारी बैंक परिसर में भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उत्तराखंड के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और किसान हितैषी योजनाओं का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के किसानों, सहकारी संस्थाओं और बैंकिंग व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में पांच वर्ष पहले देश में अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया था, जिसकी जिम्मेदारी देश के पहले सहकारिता मंत्री अमित शाह को सौंपी गई। इन पांच वर्षों में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिली है और आज यह करोड़ों लोगों की आजीविका का मजबूत आधार बन चुका है। उन्होंने बताया कि 29 जून से 6 जुलाई तक पूरे देश में सहकारिता सप्ताह मनाया जा रहा है, जिसके तहत किसान गोष्ठियां, सहकारिता सम्मेलन और व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस अभियान के तहत पूरे देश में एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि उत्तराखंड में भी प्रत्येक जिले और प्रत्येक सहकारी समिति के माध्यम से रिकॉर्ड संख्या में पौधारोपण किया जा रहा है। उनका कहना था कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी माध्यम है और सहकारिता विभाग इसमें अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
डॉ. रावत ने कहा कि उत्तराखंड में सहकारिता विभाग लगातार किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए कार्य कर रहा है। वर्तमान में प्रदेश के लगभग 30 लाख किसान किसी न किसी रूप में सहकारिता व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। किसानों को सस्ती वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस वर्ष दो लाख किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की खेती की लागत कम होगी और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने सहकारी बैंकों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ वर्षों पहले तक जिन बैंकों की स्थिति चुनौतीपूर्ण मानी जाती थी, आज वही बैंक बेहतर प्रबंधन और पारदर्शी कार्यप्रणाली के कारण लगभग 300 करोड़ रुपये के शुद्ध मुनाफे में पहुंच चुके हैं। यह सहकारिता क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि बैंकिंग सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रदेश में इस वर्ष 55 नई बैंक शाखाएं खोली जाएंगी, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के किसानों और ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि सरकार अब ‘खेत बचाओ अभियान’ को भी तेजी से आगे बढ़ा रही है। इसका उद्देश्य कृषि भूमि का संरक्षण, किसानों की आय में वृद्धि और टिकाऊ कृषि व्यवस्था विकसित करना है। इसके साथ ही प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि उत्तराखंड को ऑर्गेनिक कृषि के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि जैविक खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाएगी, बल्कि लोगों को स्वस्थ और सुरक्षित खाद्य पदार्थ भी उपलब्ध कराएगी।
कार्यक्रम के दौरान जिला सहकारी बैंक परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए तथा पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं बल्कि सामाजिक भागीदारी और सामूहिक विकास का मजबूत माध्यम भी है।
कार्यक्रम का संचालन जिला सहकारी बैंक लिमिटेड हरिद्वार के प्रशासक एवं निबंधक सहकारी समितियां उत्तराखंड आनंद ए.डी. शुक्ल ने किया, जबकि अतिथियों का स्वागत जिला सहायक निबंधक मोनिका चुनेरा तथा जिला सहकारी बैंक हरिद्वार के सचिव एवं महाप्रबंधक सौ सिंह ने किया।
इस अवसर पर विधायक आदेश चौहान, महापौर किरण जैसल, भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राज्य मंत्री मधु सिंह, ओमप्रकाश जमदग्नि, देशराज कर्णवाल, आदेश सैनी, विकास तिवारी, सुशील त्यागी सहित सहकारी समितियों के सभापति, संचालक सदस्य, बड़ी संख्या में किसान, सहकारिता विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा जिला सहकारी बैंक के पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया कि आने वाले समय में सहकारिता को उत्तराखंड के ग्रामीण विकास, कृषि सुधार, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आर्थिक समृद्धि का प्रमुख आधार बनाया जाएगा। वृक्षारोपण, शून्य प्रतिशत ब्याज ऋण, नई बैंक शाखाओं का विस्तार और जैविक खेती जैसे कदम राज्य के कृषि एवं ग्रामीण विकास को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।



