हरिद्वार की एकल महिलाओं के लिए सुनहरा अवसर: मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के आवेदन शुरू, 14 अगस्त तक करें आवेदन,, 2 लाख रुपये तक की परियोजना पर मिलेगा 75% अनुदान, आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम,, विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा एवं निराश्रित महिलाओं को मिलेगा लाभ, हरिद्वार सहित पूरे उत्तराखंड में आवेदन आमंत्रित

हरिद्वार की एकल महिलाओं के लिए सुनहरा अवसर: मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के आवेदन शुरू, 14 अगस्त तक करें आवेदन,,
2 लाख रुपये तक की परियोजना पर मिलेगा 75% अनुदान, आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम,,
विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा एवं निराश्रित महिलाओं को मिलेगा लाभ, हरिद्वार सहित पूरे उत्तराखंड में आवेदन आमंत्रित
हरिद्वार, 5 जुलाई। उत्तराखंड सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर और एकल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार इच्छुक पात्र महिलाएं 14 अगस्त 2026 तक अपने आवेदन जमा कर सकती हैं। यह योजना हरिद्वार सहित प्रदेश के सभी जनपदों में लागू होगी और इसका उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अनुसार योजना के अंतर्गत अधिकतम 2 लाख रुपये तक की परियोजना स्वीकृत की जाएगी। पात्र लाभार्थी को परियोजना लागत का 75 प्रतिशत अथवा अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक अनुदान मिलेगा, जबकि शेष 25 प्रतिशत राशि लाभार्थी को स्वयं वहन करनी होगी। अनुदान तीन किस्तों में जारी किया जाएगा, जिससे व्यवसाय को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा सके।
योजना का लाभ केवल उत्तराखंड की मूल अथवा स्थायी निवासी 21 से 50 वर्ष आयु वर्ग की एकल महिलाओं को मिलेगा। इनमें विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा, निराश्रित तथा एसिड अटैक या अपराध से पीड़ित महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा ऐसी महिलाएं, जिन पर अवयस्क बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी है, वे भी योजना के लिए पात्र होंगी। लाभ लेने के लिए परिवार की वार्षिक आय 72 हजार रुपये या उससे कम होना आवश्यक है।
आवेदन के साथ निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, शपथ पत्र, नोटरीकृत एकल महिला प्रमाण पत्र तथा बैंक पासबुक की प्रति संलग्न करनी होगी। सरकारी अथवा अर्द्धसरकारी कर्मचारी, पहले से किसी अन्य स्वरोजगार योजना का लाभ ले रही महिलाएं तथा पूर्व में इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुकी महिलाएं आवेदन के लिए पात्र नहीं होंगी।
योजना के अंतर्गत कृषि एवं उद्यानिकी, नर्सरी, कुक्कुट पालन, मत्स्य पालन, डेयरी, बकरी पालन, खाद्य प्रसंस्करण, ब्यूटी पार्लर, सिलाई-कढ़ाई, टेलरिंग, कैंटीन संचालन, कम्प्यूटर सेवाएं, मोबाइल रिपेयरिंग, टेली कॉलिंग, जनरल स्टोर, प्लम्बिंग, इलेक्ट्रिशियन कार्य सहित अन्य छोटे एवं लघु व्यवसायों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे महिलाएं अपनी रुचि और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगार शुरू कर सकेंगी।
विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार पहली किस्त प्राप्त होने के छह माह के भीतर स्वरोजगार प्रारंभ करना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित अवधि में कार्य शुरू नहीं किया जाता है, तो अनुदान राशि की वसूली की जा सकती है। इसलिए चयनित महिलाओं को समयबद्ध तरीके से व्यवसाय शुरू करना होगा।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक इसकी जानकारी पहुंचे। आवेदन पत्र एवं विस्तृत दिशा-निर्देश विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध हैं तथा संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
हरिद्वार की महिलाओं के लिए यह योजना आर्थिक आत्मनिर्भरता का सुनहरा अवसर है। यदि आप या आपके आसपास कोई पात्र महिला है, तो समय रहते आवश्यक दस्तावेज तैयार कर 14 अगस्त 2026 तक आवेदन अवश्य करें। यह योजना न केवल स्वरोजगार का माध्यम बनेगी, बल्कि महिलाओं को सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की नई दिशा भी देगी।



