बहादराबाद क्षेत्र में 20 से अधिक आम के पेड़ों की हुई कटाई, जांच शुरू बिना अनुमति आम के पेड़ काटे जाने का मामला सामने आने से मचा हड़कंप,, उद्यान विभाग ने अनुमति से किया इनकार, पुलिस और संबंधित विभाग जुटे जांच में
अब पूरे मामले में लोगों की नजर जांच पर टिकी है। यदि बिना अनुमति इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई हुई है, तो यह केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और सरकारी निगरानी व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल है। स्थानीय लोगों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

बहादराबाद क्षेत्र में 20 से अधिक आम के पेड़ों की हुई कटाई, जांच शुरू
बिना अनुमति आम के पेड़ काटे जाने का मामला सामने आने से मचा हड़कंप,,
उद्यान विभाग ने अनुमति से किया इनकार, पुलिस और संबंधित विभाग जुटे जांच में
हरिद्वार। बहादराबाद क्षेत्र में स्थित एक आम के बाग में शनिवार देर रात 20 से अधिक आम के पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। सूचना मिलने पर पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुट गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक पेड़ काटने वाले लोग वहां से जा चुके थे। घटनास्थल पर कटे हुए पेड़ों के तने, टहनियां और पत्तियां बिखरी हुई मिलीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों की लकड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले जाई गई।
बहादराबाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था, लेकिन वहां कोई व्यक्ति नहीं मिला। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि जिस भूमि पर आम का बाग स्थित है, उसकी बाजार में अच्छी कीमत है। ऐसे में पेड़ों की कटाई को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं। हालांकि भूमि से जुड़े किसी भी पहलू की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मुख्य उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से आम के पेड़ों की कटाई की कोई अनुमति जारी नहीं की गई है। रविवार सुबह अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और उद्यान विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पेड़ों की कटाई किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
अब पूरे मामले में लोगों की नजर जांच पर टिकी है। यदि बिना अनुमति इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई हुई है, तो यह केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और सरकारी निगरानी व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल है। स्थानीय लोगों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।



