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उत्तराखंड का बढ़ा मान: ताजबर सिंह जग्गी बने ‘बेस्ट ड्रग्स कंट्रोलर ऑफ इंडिया’ राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट ड्रग्स कंट्रोल व्यवस्था के लिए मिला प्रतिष्ठित सम्मान, उत्तराखंड की कार्यशैली की पूरे देश में सराहना,, DCO(I)WA के चौथे वार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन में मिली उपलब्धि, उत्तराखंड के एक ड्रग्स इंस्पेक्टर को भी राज्य स्तरीय सम्मान

उत्तराखंड का बढ़ा मान: ताजबर सिंह जग्गी बने ‘बेस्ट ड्रग्स कंट्रोलर ऑफ इंडिया’

राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट ड्रग्स कंट्रोल व्यवस्था के लिए मिला प्रतिष्ठित सम्मान, उत्तराखंड की कार्यशैली की पूरे देश में सराहना,,

DCO(I)WA के चौथे वार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन में मिली उपलब्धि, उत्तराखंड के एक ड्रग्स इंस्पेक्टर को भी राज्य स्तरीय सम्मान

देहरादून/हरिद्वार। उत्तराखंड के लिए गर्व और सम्मान का क्षण उस समय आया जब खाद्य सुरक्षा एवं ड्रग्स प्रशासन विभाग के संयुक्त आयुक्त (ड्रग्स) ताजबर सिंह जग्गी को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित ‘बेस्ट ड्रग्स कंट्रोलर ऑफ इंडिया’ सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर्स ऑफ इंडिया वेलफेयर एसोसिएशन (DCO(I)WA) के चौथे वार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन में उत्कृष्ट सेवाओं, प्रभावी ड्रग्स कंट्रोल व्यवस्था, जनस्वास्थ्य की सुरक्षा तथा नकली एवं अवैध दवाओं के खिलाफ लगातार किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया। इस उपलब्धि ने पूरे उत्तराखंड का गौरव राष्ट्रीय मंच पर बढ़ा दिया है।

देशभर से आए वरिष्ठ अधिकारियों, ड्रग्स कंट्रोल विशेषज्ञों और नियामक संस्थाओं की मौजूदगी में आयोजित इस राष्ट्रीय अधिवेशन में विभिन्न राज्यों के उत्कृष्ट अधिकारियों को सम्मानित किया गया। इनमें उत्तराखंड के संयुक्त आयुक्त (ड्रग्स) ताजबर सिंह जग्गी को ‘बेस्ट ड्रग्स कंट्रोलर ऑफ इंडिया’ के प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान उनके वर्षों के समर्पण, पारदर्शी कार्यशैली और जनहित में किए गए प्रभावी कार्यों का राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान माना जा रहा है।

ताजबर सिंह जग्गी लंबे समय से उत्तराखंड में ड्रग्स कंट्रोल व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में नकली, मिलावटी और मानकों के अनुरूप न होने वाली दवाओं के खिलाफ व्यापक अभियान चलाए गए। प्रदेशभर में मेडिकल स्टोरों, ड्रग्स गोदामों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं तथा दवा निर्माण इकाइयों का नियमित निरीक्षण किया गया। संदिग्ध दवाओं के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रग्स कंट्रोल विभाग केवल दवाओं की निगरानी करने वाला विभाग नहीं है, बल्कि यह सीधे आम नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित दवाएं लोगों तक पहुंचाना विभाग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में उत्तराखंड में जिस प्रकार ड्रग्स कंट्रोल व्यवस्था को मजबूत किया गया, उसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान ड्रग्स रेगुलेशन, दवा गुणवत्ता, ऑनलाइन निगरानी प्रणाली, नकली दवाओं की रोकथाम, नई तकनीकों के उपयोग तथा जनस्वास्थ्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। विभिन्न राज्यों के अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए और बेहतर ड्रग्स कंट्रोल व्यवस्था विकसित करने पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान उत्तराखंड की कार्यशैली और उपलब्धियों की विशेष रूप से सराहना की गई।

उत्तराखंड के लिए खुशी की बात यह भी रही कि राज्य के एक ड्रग्स इंस्पेक्टर को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए ‘बेस्ट ड्रग्स इंस्पेक्टर (स्टेट लेवल)’ सम्मान से सम्मानित किया गया। इससे स्पष्ट है कि उत्तराखंड की पूरी ड्रग्स कंट्रोल टीम गुणवत्ता, पारदर्शिता और जनहित के प्रति पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रही है तथा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रही है।

इस सम्मान की घोषणा के बाद प्रदेशभर में स्वास्थ्य विभाग, ड्रग्स प्रशासन, चिकित्सा जगत और विभिन्न सामाजिक संगठनों में खुशी का माहौल है। अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे पूरे उत्तराखंड की उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य की कार्यप्रणाली, ईमानदारी और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था का प्रमाण है।

ताजबर सिंह जग्गी ने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण अभियानों का नेतृत्व किया। उन्होंने अवैध दवाओं की बिक्री पर अंकुश लगाने, बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करने, ड्रग्स लाइसेंस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने तथा समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाकर आम लोगों को सुरक्षित दवाओं के उपयोग के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में विभाग ने कई मामलों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की।

स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि आज के समय में नकली और मिलावटी दवाओं का कारोबार एक गंभीर चुनौती बन चुका है। ऐसे समय में ड्रग्स कंट्रोल विभाग की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उत्तराखंड में ताजबर सिंह जग्गी ने जिस सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ विभाग का नेतृत्व किया, उसी का परिणाम है कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुआ।

इस उपलब्धि पर प्रदेशभर से ताजबर सिंह जग्गी को लगातार बधाइयां मिल रही हैं। वरिष्ठ अधिकारियों, चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मान उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में भविष्य में भी ड्रग्स कंट्रोल व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने का अभियान लगातार जारी रहेगा।

‘बेस्ट ड्रग्स कंट्रोलर ऑफ इंडिया’ का यह सम्मान केवल एक अधिकारी की व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था, ईमानदार कार्यसंस्कृति और जनस्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता का राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान है। ताजबर सिंह जग्गी की यह उपलब्धि निश्चित रूप से आने वाले समय में ड्रग्स कंट्रोल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी तथा उत्तराखंड को स्वास्थ्य एवं ड्रग्स रेगुलेशन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

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