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मानसून अलर्ट: जर्जर भवनों और दीवारों से रहें दूर, लापरवाही पड़ सकती है भारी! डीएम मयूर दीक्षित के सख्त निर्देश—जनपदभर में पुराने व क्षतिग्रस्त भवनों का सर्वे कर तत्काल चिन्हित कर सील किए जाएं,, ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में मुनादी और लाउडस्पीकर से लोगों को किया जाएगा जागरूक, असुरक्षित भवनों की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील

मानसून अलर्ट: जर्जर भवनों और दीवारों से रहें दूर, लापरवाही पड़ सकती है भारी!

डीएम मयूर दीक्षित के सख्त निर्देश—जनपदभर में पुराने व क्षतिग्रस्त भवनों का सर्वे कर तत्काल चिन्हित कर सील किए जाएं,,

ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में मुनादी और लाउडस्पीकर से लोगों को किया जाएगा जागरूक, असुरक्षित भवनों की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील

हरिद्वार, 12 जुलाई 2026।
मानसून के दौरान लगातार हो रही बारिश को देखते हुए हरिद्वार जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मयूर दीक्षित ने जनपद के सभी अधिकारियों को जर्जर भवनों, क्षतिग्रस्त दीवारों और अन्य असुरक्षित संरचनाओं के संबंध में व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने बताया कि आयुक्त, गढ़वाल मंडल के निर्देशों के अनुपालन में यह निर्णय लिया गया है। हाल ही में हरिद्वार एवं चमोली जनपद में दीवार गिरने जैसी घटनाओं में जनहानि होने के बाद प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। लगातार वर्षा के कारण पुराने सरकारी और निजी भवनों, जर्जर दीवारों तथा अन्य कमजोर संरचनाओं के क्षतिग्रस्त या ध्वस्त होने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

डीएम मयूर दीक्षित ने सभी उपजिलाधिकारियों, नगर निकायों, ग्राम पंचायतों तथा विभिन्न विभागों के कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में तत्काल सर्वे अभियान चलाकर पुराने, जर्जर और खतरनाक भवनों एवं दीवारों को चिन्हित करें। जिन भवनों से जनहानि की आशंका हो, उन्हें तत्काल सील अथवा बंद करने की कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मुनादी तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम (लाउडस्पीकर) के माध्यम से लोगों को लगातार जागरूक किया जाए। आमजन से अपील की जाए कि वे वर्षाकाल में किसी भी पुराने, जर्जर भवन, दीवार या असुरक्षित संरचना के पास न जाएं और न ही ऐसे भवनों में निवास करें। प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक कर दुर्घटनाओं से बचाना भी है।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से विद्यालयों, पंचायत भवनों, सामुदायिक भवनों तथा अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई विद्यालय या सार्वजनिक भवन अनुपयोगी अथवा जर्जर स्थिति में पाया जाता है तो उसे तत्काल सील कर आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए। इससे विद्यार्थियों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

डीएम मयूर दीक्षित ने जनपदवासियों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं कोई जर्जर भवन, कमजोर दीवार या अन्य खतरनाक संरचना दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन, संबंधित उपजिलाधिकारी अथवा आपदा नियंत्रण कक्ष को दें। समय पर मिली सूचना से प्रशासन आवश्यक कार्रवाई कर संभावित दुर्घटनाओं को टाल सकता है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मानसून के दौरान थोड़ी सी सतर्कता बड़ी दुर्घटनाओं को रोक सकती है। इसलिए सभी नागरिक प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, जर्जर भवनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी जोखिम की स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। जनसहयोग और प्रशासनिक सतर्कता के माध्यम से ही मानसून के दौरान जनहानि को रोका जा सकता है।

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