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हरिद्वार में भीम आर्मी का शक्ति प्रदर्शन: 11वें स्थापना दिवस पर पुराने साथियों की घर वापसी, संगठन विस्तार का ऐलान,, राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत नौटियाल का सरकार पर हमला, दलित–पिछड़े और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का दावा,, मुन्ने लाल शिंदे समेत कई नेताओं की संगठन में वापसी, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा को लेकर बनाई गई आगे की रणनीति,, मुन्नी लाल शिंदे को राष्ट्रीय प्रवक्ता और उत्तराखंड प्रभारी की बड़ी जिम्मेदारी का तोहफा

हरिद्वार में भीम आर्मी का शक्ति प्रदर्शन: 11वें स्थापना दिवस पर पुराने साथियों की घर वापसी, संगठन विस्तार का ऐलान,,

राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत नौटियाल का सरकार पर हमला, दलित–पिछड़े और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का दावा,,

मुन्ने लाल शिंदे समेत कई नेताओं की संगठन में वापसी, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा को लेकर बनाई गई आगे की रणनीति,,

मुन्नी लाल शिंदे को राष्ट्रीय प्रवक्ता और उत्तराखंड प्रभारी की बड़ी जिम्मेदारी का तोहफा

इन्तजार रजा हरिद्वार। हरिद्वार में भीम आर्मी के 11वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम संगठन के शक्ति प्रदर्शन और राजनीतिक संदेश का मंच बन गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी ने संगठन की सक्रियता का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत नौटियाल मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने संगठन के विस्तार, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे बहुजन समाज की आवाज को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाएं।

कार्यक्रम के दौरान संगठन में कई पुराने साथियों की वापसी भी चर्चा का केंद्र रही। भीम आर्मी के वरिष्ठ कार्यकर्ता मुन्ने लाल शिंदे समेत कई पुराने पदाधिकारियों और समर्थकों की संगठन में दोबारा घर वापसी कराई गई। मंच से इसका औपचारिक ऐलान किया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि पुराने साथियों की वापसी से संगठन पहले से अधिक मजबूत होगा और जमीनी स्तर पर उसकी पकड़ बढ़ेगी।

राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत नौटियाल ने अपने संबोधन में केंद्र और प्रदेश की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में दलित, मुस्लिम और पिछड़े वर्ग के लोगों के साथ अन्याय और उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं। उनका कहना था कि समाज के कमजोर वर्गों को बराबरी का अधिकार दिलाने और संविधान में दिए गए अधिकारों की रक्षा के लिए भीम आर्मी लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि संगठन किसी भी प्रकार के सामाजिक भेदभाव, अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाता रहेगा।

मनजीत नौटियाल ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचार आज भी देश को समानता और न्याय का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे संविधान की मूल भावना को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान तेज करें और समाज के हर वर्ग को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाएं। उन्होंने कहा कि भीम आर्मी का उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और समान अवसरों वाले समाज का निर्माण करना है।

कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और स्थापना दिवस के अवसर पर संगठन की आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि गांव-गांव और शहर-शहर संगठन को मजबूत किया जाएगा तथा युवाओं को बड़ी संख्या में जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों जैसे मुद्दों पर जनजागरण अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया।

भीम आर्मी नेताओं ने कहा कि संगठन हमेशा समाज के कमजोर और वंचित वर्गों की आवाज बनकर खड़ा रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में प्रदेश भर में सदस्यता अभियान चलाकर संगठन को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।

कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने संगठन के समर्थन में नारे लगाए और सामाजिक एकता तथा समान अधिकारों का संदेश दिया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासित माहौल देखने को मिला। मंच से संगठन के विस्तार, नए दायित्वों के वितरण और पुराने कार्यकर्ताओं के सम्मान का भी कार्यक्रम आयोजित किया गया।

स्थापना दिवस समारोह के समापन पर संगठन के नेताओं ने कहा कि भीम आर्मी संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे भी जारी रखेगी। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से समाज के बीच जाकर लोगों की समस्याओं को उठाने और लोकतांत्रिक तरीके से उनके समाधान के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।

हरिद्वार में आयोजित यह स्थापना दिवस समारोह केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से भीम आर्मी ने अपने संगठनात्मक विस्तार, पुराने साथियों की वापसी और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर अपनी आगामी रणनीति का भी स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की उपस्थिति ने इसे भीम आर्मी के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति प्रदर्शन के रूप में स्थापित किया।

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