राष्ट्रीय राजमार्गों पर ‘कब्जे का खेल’ अब नहीं चलेगा! DM मयूर दीक्षित का सख्त फरमान—ड्रोन सर्वे से होगी निगरानी, अवैध पार्किंग पर भी कसेगा शिकंजा,, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर हर पखवाड़े होगी हाईवे सुरक्षा की समीक्षा, एनएच किनारे अवैध ढाबों-कब्जों पर संयुक्त अभियान; ब्लैकस्पॉट का उपचार और 1033 हेल्पलाइन को प्रभावी बनाने के निर्देश
बैठक में नगर आयुक्त नगर निगम नंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक यातायात निशा यादव, अधीक्षण अभियंता लोनिवि डीके सिंह, अधिशासी अभियंता एनएचएआई सुरेश तोमर, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा, नेहा झा, कृष्ण चंद्र पलड़िया सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। कुल मिलाकर प्रशासन के ताजा तेवरों से साफ है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण और मनमानी पार्किंग के खिलाफ अब कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने वाली। ड्रोन निगरानी, संयुक्त अभियान और पखवाड़ेवार समीक्षा के जरिए हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन ने सीधे शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर ‘कब्जे का खेल’ अब नहीं चलेगा! DM मयूर दीक्षित का सख्त फरमान—ड्रोन सर्वे से होगी निगरानी, अवैध पार्किंग पर भी कसेगा शिकंजा,,
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर हर पखवाड़े होगी हाईवे सुरक्षा की समीक्षा, एनएच किनारे अवैध ढाबों-कब्जों पर संयुक्त अभियान; ब्लैकस्पॉट का उपचार और 1033 हेल्पलाइन को प्रभावी बनाने के निर्देश

हरिद्वार, 05 सितम्बर 2026। राष्ट्रीय राजमार्गों को अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और सड़क की खामियों से मुक्त कराने के लिए हरिद्वार जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे कब्जा जमाकर बैठने वालों से लेकर सड़क और शोल्डर पर भारी वाहन खड़े करने वालों तक—प्रशासन की निगरानी में अब किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होगा।
जिला कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में मा. उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, सड़क की खराब स्थिति, दुर्घटना संभावित स्थलों और आपातकालीन सेवाओं को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए गए।
ड्रोन से खुलेगी हाईवे की ‘जमीनी हकीकत’
प्रशासन अब केवल कागजी रिपोर्टों के भरोसे नहीं रहेगा। जिलाधिकारी ने एनएचएआई को राजमार्गों के किनारे नियमित गश्त बढ़ाने और ड्रोन सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। ड्रोन सर्वे के जरिए अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और सड़क संबंधी खामियों की पहचान की जाएगी।
इस व्यवस्था से हाईवे किनारे बने अवैध ढाबे, अस्थाई कब्जे, सड़क पर फैलाया गया सामान, अनधिकृत पार्किंग और अन्य बाधाओं की निगरानी को प्रभावी बनाने की तैयारी है। संबंधित विभागों को चिह्नित कमियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
भारी वाहनों की सड़क किनारे पार्किंग पर ‘ब्रेक’
हाईवे पर दुर्घटनाओं और यातायात बाधित होने की बड़ी वजह बनने वाली भारी वाहनों की अनधिकृत पार्किंग पर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को पुलिस, एनएचएआई और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर संयुक्त अतिक्रमण-रोधी अभियान चलाने के निर्देश दिए।
मुख्य सड़क और शोल्डर पर भारी वाहनों की पार्किंग को प्रभावी तरीके से रोकने को कहा गया है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि ट्रक, बस या अन्य भारी वाहन अपनी सुविधा के लिए हाईवे के किनारे खड़े कर यातायात और यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं कर सकेंगे।
भारी वाहनों को केवल निर्धारित ले-बाय और पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करने की अपील की गई है।
गड्ढों पर भी प्रशासन की सीधी नजर
अतिक्रमण के साथ-साथ खराब सड़कें भी हादसों का बड़ा कारण बनती हैं। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित सड़क निर्माण एवं अनुरक्षण एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सड़कों को गड्ढा-मुक्त करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन का फोकस सिर्फ कब्जे हटाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क की स्थिति, संकेतक, ब्लैकस्पॉट और अन्य सुरक्षा संबंधी कमियों का भी उपचार किया जाएगा।
ब्लैकस्पॉट होंगे टारगेट, हादसों पर लगेगी लगाम
जिले में दुर्घटना संभावित स्थलों यानी ब्लैकस्पॉट को लेकर भी बैठक में गंभीरता दिखाई गई। जिलाधिकारी ने ऐसे स्थानों का चिन्हीकरण कर उनका आवश्यक उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
ब्लैकस्पॉट पर सड़क डिजाइन, संकेतक, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा अवरोधक अथवा अन्य आवश्यक सुधारों के माध्यम से दुर्घटनाओं की आशंका कम करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने और संकट की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
1033 हेल्पलाइन को बनाया जाएगा प्रभावी
राष्ट्रीय राजमार्गों पर किसी दुर्घटना, खराब वाहन, यातायात अवरोध या अन्य आपात स्थिति में मदद के लिए उपलब्ध टोल-फ्री हेल्पलाइन 1033 को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन का उद्देश्य है कि राजमार्ग पर परेशानी में फंसे यात्रियों को समय पर सहायता मिल सके और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था अधिक प्रभावी हो।
हर पखवाड़े होगी हाईवे सुरक्षा की समीक्षा
जिलाधिकारी ने कहा कि मा. उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स प्रत्येक पखवाड़े राजमार्ग सुरक्षा की समीक्षा करेगी। इसका मतलब साफ है कि अब हाईवे सुरक्षा को लेकर एक बैठक कर मामला ठंडे बस्ते में डालने के बजाय लगातार निगरानी और फॉलोअप किया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एनएचएआई अथवा लोनिवि की पूर्व अनुमति के बिना राजमार्ग सुरक्षा क्षेत्र में किसी भी प्रकार का लाइसेंस या एनओसी जारी अथवा नवीनीकृत नहीं किया जाएगा।
ढाबा संचालकों और व्यापारियों को भी सीधी चेतावनी
जिला प्रशासन ने राजमार्ग किनारे व्यापार करने वाले लोगों, ढाबा संचालकों और अन्य संबंधित लोगों से स्वयं अवैध कब्जे हटाने की अपील की है। प्रशासन ने कहा कि राजमार्ग की जमीन अथवा सुरक्षा क्षेत्र में अवैध ढाबे, अस्थाई दुकानें या अन्य कब्जे यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
प्रशासन का संदेश स्पष्ट है—हाईवे किसी की निजी पार्किंग या कारोबार फैलाने की जगह नहीं है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कार्रवाई प्रभावी और व्यवस्थित हो।
यात्रियों की सुरक्षा बनेगी सबसे बड़ी प्राथमिकता
जिला प्रशासन का दावा है कि इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है। अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, खराब सड़क और दुर्घटना संभावित स्थलों को लेकर एक साथ कार्रवाई से हाईवे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
बैठक में नगर आयुक्त नगर निगम नंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक यातायात निशा यादव, अधीक्षण अभियंता लोनिवि डीके सिंह, अधिशासी अभियंता एनएचएआई सुरेश तोमर, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा, नेहा झा, कृष्ण चंद्र पलड़िया सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
कुल मिलाकर प्रशासन के ताजा तेवरों से साफ है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण और मनमानी पार्किंग के खिलाफ अब कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने वाली। ड्रोन निगरानी, संयुक्त अभियान और पखवाड़ेवार समीक्षा के जरिए हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन ने सीधे शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।



