सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद से जुड़ी कार्रवाई पर राव धन्नू का विरोध, कहा—धार्मिक मामलों में संवेदनशीलता जरूरी,, घटना को बताया निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण, बोले—कानून के दायरे में हो कार्रवाई; शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारा बनाए रखना हर जिम्मेदार नागरिक की जिम्मेदारी

सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद से जुड़ी कार्रवाई पर राव धन्नू का विरोध, कहा—धार्मिक मामलों में संवेदनशीलता जरूरी,,
घटना को बताया निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण, बोले—कानून के दायरे में हो कार्रवाई; शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारा बनाए रखना हर जिम्मेदार नागरिक की जिम्मेदारी

हरिद्वार। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद से जुड़ी कार्रवाई को लेकर सलेमपुर महदूद निवासी एवं अंबेडकर वाहिनी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राव धन्नू ने अपनी चिंता और विरोध व्यक्त किया है। उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया। राव धन्नू ने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े विषय बेहद संवेदनशील होते हैं और ऐसे मामलों में प्रशासन को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता तथा कानून के अनुरूप कदम उठाना चाहिए।
राव धन्नू ने कहा कि भारत विभिन्न धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों वाला देश है। देश की सबसे बड़ी ताकत यहां रहने वाले लोगों के बीच आपसी भाईचारा, सामाजिक सद्भाव और एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं के प्रति सम्मान की भावना है। ऐसे में धार्मिक स्थलों से जुड़े किसी भी विवाद या कार्रवाई को लेकर प्रशासन और संबंधित सभी पक्षों को संयम के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल को लेकर यदि कोई कानूनी या प्रशासनिक विवाद है तो उसका समाधान संवाद, संवैधानिक प्रक्रिया और कानून के दायरे में किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित पक्षों की बात सुनना और पूरे मामले के तथ्यों को सामने रखना आवश्यक है, ताकि समाज में किसी प्रकार की गलतफहमी या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो।
‘धार्मिक भावनाओं का सम्मान होना चाहिए’
राव धन्नू ने कहा कि वह किसी भी धर्म या समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली कार्रवाई के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करता है और प्रत्येक व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं एवं आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए।
उन्होंने सहारनपुर में हुई कार्रवाई को लेकर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में प्रशासन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। प्रशासन को चाहिए कि वह पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से जांच करे और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाए।
राव धन्नू ने कहा कि किसी भी घटना को राजनीतिक या सामुदायिक तनाव का विषय बनाने के बजाय जिम्मेदारी और समझदारी के साथ उसका समाधान तलाशना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में शांति बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी दायित्व है।
अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील
राव धन्नू ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि सहारनपुर की घटना को लेकर किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर विश्वास न करें। सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के किसी खबर, वीडियो या संदेश को आगे बढ़ाने से बचें, क्योंकि इससे अनावश्यक तनाव पैदा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में सभी लोगों को कानून और संविधान में विश्वास रखते हुए अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखनी चाहिए। लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने और अपनी चिंता व्यक्त करने का अधिकार सभी को है, लेकिन इसके साथ सामाजिक शांति और भाईचारे को बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
राव धन्नू ने प्रशासन से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित अधिकारी मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए ऐसा रास्ता निकालेंगे, जिससे कानून का सम्मान भी बना रहे और समाज में आपसी सौहार्द भी कायम रहे।
उन्होंने कहा कि देश की एकता और सामाजिक सद्भाव किसी एक व्यक्ति या समुदाय की नहीं, बल्कि हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। اختلاف और विवाद के बावजूद संवाद और संवैधानिक व्यवस्था के माध्यम से समाधान निकालना ही लोकतांत्रिक समाज की पहचान है।



