रुड़की में जमीन धोखाधड़ी पर पुलिस का शिकंजा, ₹12 लाख की ठगी में दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार,, फर्जी बैनामा तैयार कर जमीन बेचने का आरोप, पहले आरोपी अनुज कुमार के बाद कल्याण सिंह भी जेल के सामने से हिरासत में—रुड़की कोतवाली पुलिस की कार्रवाई

रुड़की में जमीन धोखाधड़ी पर पुलिस का शिकंजा, ₹12 लाख की ठगी में दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार,,
फर्जी बैनामा तैयार कर जमीन बेचने का आरोप, पहले आरोपी अनुज कुमार के बाद कल्याण सिंह भी जेल के सामने से हिरासत में—रुड़की कोतवाली पुलिस की कार्रवाई

रुड़की/हरिद्वार। जमीन बेचने के नाम पर ₹12 लाख की कथित धोखाधड़ी और फर्जी बैनामा तैयार करने के मामले में हरिद्वार पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए दूसरे वांछित आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाली रुड़की पुलिस ने मामले में वांछित चल रहे कल्याण सिंह पुत्र सावल दास, निवासी ग्राम सैदपुरा, थाना मंगलौर, तहसील रुड़की, जनपद हरिद्वार को जेल के सामने से हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
मामला जमीन के सौदे से जुड़ा है, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि जमीन बेचने के नाम पर उससे लाखों रुपये लिए गए और उसके पक्ष में फर्जी एवं जाली बैनामा तैयार कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने स्वयं संज्ञान लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।
जमीन के नाम पर ₹12 लाख लेने का आरोप
पुलिस के अनुसार, 03 जुलाई 2026 को वादी देशराज पुत्र फूल सिंह, निवासी ग्राम जसवावाला, तहसील रुड़की, जनपद हरिद्वार ने कोतवाली रुड़की में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अनुज कुमार पुत्र कल्याण सिंह एवं कल्याण सिंह पुत्र सावल दास, निवासी ग्राम सैदपुरा, थाना मंगलौर, ने जमीन बेचने के नाम पर उससे ₹12 लाख की धोखाधड़ी की।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों द्वारा उसके पक्ष में जमीन का फर्जी एवं जाली बैनामा तैयार किया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली रुड़की में मु0अ0सं0 285/2026 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया।
एसएसपी के निर्देश पर गठित हुई पुलिस टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए निर्देश जारी किए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के दिशा-निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी रुड़की के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुड़की द्वारा विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
पुलिस टीम को आरोपियों की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। टीम ने लगातार आरोपियों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए गिरफ्तारी के प्रयास तेज किए।
17 अगस्त को पहला आरोपी गया था जेल
जांच के दौरान पुलिस ने मामले में वांछित आरोपी अनुज कुमार पुत्र कल्याण सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के अनुसार, 17 अगस्त 2026 को अनुज कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है।
इसके बाद पुलिस दूसरे वांछित आरोपी कल्याण सिंह की तलाश में जुटी हुई थी। लगातार किए जा रहे प्रयासों के बीच पुलिस टीम को आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
जेल के सामने से कल्याण सिंह हिरासत में
पुलिस के अनुसार, 05 सितंबर 2026 को कोतवाली रुड़की की पुलिस टीम ने मुकदमे में वांछित चल रहे कल्याण सिंह पुत्र सावल दास को जेल के सामने से हिरासत में लिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेने के बाद मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जमीन धोखाधड़ी के मामले में नामजद दोनों आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी हो गई है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों, दस्तावेजों और आरोपों की जांच आगे बढ़ा रही है।
फर्जी बैनामे के आरोप की भी जांच
मामले में सबसे महत्वपूर्ण आरोप फर्जी एवं जाली बैनामा तैयार किए जाने का है। जमीन संबंधी मामलों में दस्तावेजों की वास्तविकता बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में पुलिस द्वारा मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि प्रकरण में कानून के अनुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इन पुलिसकर्मियों ने की कार्रवाई
कल्याण सिंह की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह, कांस्टेबल लईक अहमद तथा होमगार्ड कपिल कुमार शामिल रहे।
हरिद्वार पुलिस की इस कार्रवाई को जमीन संबंधी धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस की सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े मामलों में आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
नोट: खबर में लगाए गए आरोप पुलिस/वादी की शिकायत पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।



