कांवड़ यात्रा-2026 में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी तैयारी: 32 मेडिकल रिलीफ पोस्ट, 5 मोबाइल मेडिकल यूनिट और विशेष अस्पताल हर समय तैयार,, अब तक 65 हजार से अधिक कांवड़ श्रद्धालुओं को मिला प्राथमिक उपचार, बॉर्डर-टू-बॉर्डर स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत नेटवर्क,, सीएमओ डॉ. आर. के. सिंह बोले— श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आपात चिकित्सा व्यवस्था के लिए स्वास्थ्य विभाग 24 घंटे मुस्तैद

कांवड़ यात्रा-2026 में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी तैयारी: 32 मेडिकल रिलीफ पोस्ट, 5 मोबाइल मेडिकल यूनिट और विशेष अस्पताल हर समय तैयार,,
अब तक 65 हजार से अधिक कांवड़ श्रद्धालुओं को मिला प्राथमिक उपचार, बॉर्डर-टू-बॉर्डर स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत नेटवर्क,,
सीएमओ डॉ. आर. के. सिंह बोले— श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आपात चिकित्सा व्यवस्था के लिए स्वास्थ्य विभाग 24 घंटे मुस्तैद
हरिद्वार। कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान करोड़ों शिवभक्तों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर हरिद्वार स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में कार्य कर रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आर. के. सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन के अनुमान के अनुसार इस वर्ष लगभग 5 करोड़ कांवड़ श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक स्तर पर चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
सीएमओ डॉ. आर. के. सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पूरे कांवड़ मार्ग पर 32 अस्थायी चिकित्सा शिविर (मेडिकल रिलीफ पोस्ट) स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों में चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, आवश्यक दवाइयां और प्राथमिक उपचार की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा 5 मेडिकल मोबाइल यूनिट भी लगातार संचालित की जा रही हैं, जो मंगलौर से लेकर रशियाबाद तक पूरे कांवड़ मार्ग पर सक्रिय रहकर जरूरत पड़ने पर मौके पर ही चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रही हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने पूरे बॉर्डर-टू-बॉर्डर क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं के दायरे में कवर किया है, ताकि किसी भी स्थान पर आपात स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल राहत पहुंचाई जा सके। अब तक 65 हजार से अधिक कांवड़ श्रद्धालुओं को विभिन्न चिकित्सा शिविरों में प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं। इनमें गर्मी, थकान, चोट, डिहाइड्रेशन सहित अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं का मौके पर ही उपचार किया गया।
सीएमओ ने कहा कि जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल रुड़की, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तथा राष्ट्रीय राजमार्ग और कांवड़ मार्ग से जुड़े सभी अस्पतालों को विशेष रूप से अलर्ट पर रखा गया है। सभी चिकित्सा संस्थानों को पर्याप्त दवाइयों, डॉक्टरों, एम्बुलेंस और आपातकालीन संसाधनों से सुसज्जित किया गया है, जिससे किसी भी गंभीर स्थिति में तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कांवड़ स्वास्थ्य सेवा शिविर का शुभारंभ किया गया है। इस विशेष स्वास्थ्य शिविर में चार बेड का अस्थायी अस्पताल स्थापित किया गया है, जहां आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और आपातकालीन उपचार की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है।
सीएमओ डॉ. आर. के. सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य केवल उपचार देना नहीं, बल्कि कांवड़ श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वस्थ और निर्बाध यात्रा का अनुभव कराना है। विभाग की पूरी टीम 24 घंटे सेवा में लगी हुई है और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।



