SIR अभियान पर डीएम मयूर दीक्षित का बड़ा संदेश: पात्र मतदाता का नाम नहीं कटेगा, बीएलओ को समय पर दें जरूरी दस्तावेज,, अनमैप्ड वोटर्स और रिकॉर्ड में विसंगति वाले मामलों का हो रहा सत्यापन, जरूरत पड़ने पर एआरओ के समक्ष सुनवाई का मिलेगा पूरा अवसर,, मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान, अफवाहों से बचने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील

SIR अभियान पर डीएम मयूर दीक्षित का बड़ा संदेश: पात्र मतदाता का नाम नहीं कटेगा, बीएलओ को समय पर दें जरूरी दस्तावेज,,
अनमैप्ड वोटर्स और रिकॉर्ड में विसंगति वाले मामलों का हो रहा सत्यापन, जरूरत पड़ने पर एआरओ के समक्ष सुनवाई का मिलेगा पूरा अवसर,,
मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान, अफवाहों से बचने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील
हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने विस्तृत जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान का मकसद किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र नागरिकों के नाम सुरक्षित रहें और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जनपद में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से चल रही है। इस दौरान मतदाता सूची में दर्ज प्रत्येक प्रविष्टि का सत्यापन किया जा रहा है। जिन मतदाताओं के नाम, माता-पिता के नाम, आयु अथवा अन्य विवरणों में किसी प्रकार की विसंगति सामने आई है या जो अनमैप्ड वोटर्स की श्रेणी में पाए गए हैं, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी किए गए हैं। यह नोटिस किसी दंडात्मक कार्रवाई के लिए नहीं, बल्कि रिकॉर्ड का सही सत्यापन करने और आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नोटिस जारी होने के बाद संबंधित क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज एकत्र कर रहे हैं। बीएलओ का दायित्व है कि वे प्रत्येक संबंधित व्यक्ति तक पहुंचकर उनसे आवश्यक प्रमाण उपलब्ध कराएं, ताकि मतदाता सूची में दर्ज जानकारी का सही परीक्षण किया जा सके। दस्तावेज प्राप्त होने के बाद उनका परीक्षण किया जाएगा और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि यदि किसी मामले में दस्तावेजों के परीक्षण के बाद अतिरिक्त स्पष्टीकरण की आवश्यकता महसूस होगी, तो संबंधित मतदाता को सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एआरओ) के समक्ष सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाएगा। प्रत्येक व्यक्ति अपनी बात रख सकेगा और आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत कर सकेगा। प्रशासन पूरी प्रक्रिया में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन कर रहा है और बिना सुनवाई के किसी प्रकार का अंतिम निर्णय नहीं लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि किसी भी मतदाता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सत्यापन कार्य पूरी संवेदनशीलता, निष्पक्षता और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए। प्रशासन का उद्देश्य केवल मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना है, न कि किसी पात्र नागरिक के अधिकारों को प्रभावित करना।
जिलाधिकारी ने बताया कि चूंकि यह समयबद्ध अभियान है, इसलिए सभी मतदाताओं की सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक मतदाता अपने क्षेत्र के बीएलओ के संपर्क में रहे। यदि बीएलओ घर पर आकर दस्तावेज मांगते हैं या सत्यापन के लिए संपर्क करते हैं, तो उन्हें आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं। समय पर सहयोग मिलने से पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर सुचारु रूप से पूरी की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को नोटिस प्राप्त हुआ है, वे किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम में न रहें। नोटिस का अर्थ यह नहीं है कि उनका नाम मतदाता सूची से हटाया जा रहा है। यह केवल रिकॉर्ड के सत्यापन की प्रक्रिया का एक हिस्सा है। यदि संबंधित व्यक्ति समय पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा देता है, तो उसका मामला नियमानुसार निस्तारित किया जाएगा।
डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि प्रशासन लगातार इस बात की निगरानी कर रहा है कि किसी भी स्तर पर मतदाताओं को अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े। बीएलओ, सुपरवाइजर, एआरओ तथा अन्य निर्वाचन अधिकारी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। जहां भी आवश्यकता होगी, वहां संबंधित मतदाताओं को सुनवाई का अवसर प्रदान किया जाएगा और सभी मामलों का निष्पक्ष परीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया है। एक सही और प्रमाणिक मतदाता सूची ही स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव का आधार होती है। इसी उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि मतदाता सूची में केवल पात्र मतदाताओं के नाम दर्ज रहें और किसी भी प्रकार की त्रुटि को समय रहते दूर किया जा सके।
जिलाधिकारी ने दोहराया कि प्रशासन पूरी प्रक्रिया को नागरिक हित में संचालित कर रहा है। किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना नियमानुसार प्रक्रिया पूरी किए नहीं हटाया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति को नोटिस मिला है तो वह घबराने के बजाय संबंधित बीएलओ से संपर्क करे, मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराए और आवश्यकता पड़ने पर सुनवाई में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखे।
अंत में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपदवासियों से अपील की कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें। किसी भी प्रकार की शंका होने पर सीधे अपने बीएलओ, निर्वाचन कार्यालय अथवा प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर सही जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि पूरी SIR प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और कानून के दायरे में रहकर संपन्न की जा रही है। प्रशासन का एकमात्र उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना, पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है।



