हरिद्वार में शान से लहराया तिरंगा, देशभक्ति के रंग में सराबोर हुआ रुड़की प्रशासनिक परिसर,, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेठ ने किया ध्वजारोहण, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को किया नमन,, जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश, अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर

हरिद्वार में शान से लहराया तिरंगा, देशभक्ति के रंग में सराबोर हुआ रुड़की प्रशासनिक परिसर,,
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेठ ने किया ध्वजारोहण, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को किया नमन,,
जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश, अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर
हरिद्वार, 15 अगस्त 2026। देशभर के साथ हरिद्वार में भी 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, देशभक्ति और गौरव के साथ मनाया गया। प्रशासनिक परिसर में आयोजित समारोह के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेठ ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण से पूर्व देशभक्ति गीत ‘वंदेमातरम’ का सामूहिक गायन किया गया। जैसे ही तिरंगा आसमान में लहराया, पूरा परिसर देशभक्ति के भाव से सराबोर हो उठा।
समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों और उपस्थित लोगों ने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर देश की एकता, अखंडता, शांति और प्रगति के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प भी लिया गया।
‘देश सिर्फ पहचान नहीं, हमारी जिम्मेदारी भी है’
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनसेवा और राष्ट्र निर्माण का संदेश देते हुए कहा गया कि स्वतंत्र भारत केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी भी है। जिन वीर सपूतों के त्याग और बलिदान से देश को आजादी मिली, उनके सपनों को साकार करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के सपनों का भारत तभी मजबूत बनेगा, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करेगा। सरकारी सेवाओं में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके निर्णय और कार्य सीधे आमजन के जीवन को प्रभावित करते हैं।
अंतिम छोर तक पहुंचे जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ
अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि सरकार की ओर से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर रहने वाले पात्र व्यक्ति तक हर हाल में पहुंचाया जाए। कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति जानकारी, प्रक्रिया या कार्यालयी औपचारिकताओं के कारण सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
इस दौरान कहा गया कि विकास का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब समाज के कमजोर, गरीब और जरूरतमंद वर्ग को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर योजनाओं की प्रभावी निगरानी और क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा।
आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें
स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर भी महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। कहा गया कि आमजन अपनी समस्याओं और विभिन्न कार्यों को लेकर सरकारी कार्यालयों में उम्मीद के साथ पहुंचता है। ऐसे में संबंधित अधिकारी और पटल सहायक उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनें और नियमानुसार उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
कहा गया कि किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव या स्वार्थपूर्ण व्यवहार नहीं होना चाहिए। अधिकारी और कर्मचारी पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करें, ताकि आम नागरिक को अपने छोटे-बड़े कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
स्वतंत्रता दिवस पर सेवा और सुशासन का संकल्प
समारोह के दौरान स्वतंत्रता दिवस को केवल उत्सव तक सीमित न रखते हुए इसे जिम्मेदारियों के पुनर्स्मरण का अवसर बनाने पर जोर दिया गया। कहा गया कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है।
एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण के लिए नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को भी समझना होगा। प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय से ही विकास कार्यों को गति दी जा सकती है और सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
तिरंगे के सम्मान के साथ गूंजा ‘जय हिंद, जय भारत’
ध्वजारोहण के बाद उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक सलामी दी। देशभक्ति के नारों और ‘जय हिंद, जय भारत’ के उद्घोष से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से गूंज उठा।
समारोह में स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास, वीर सेनानियों के संघर्ष और उनके बलिदान को याद करते हुए नई पीढ़ी को देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आजादी का यह पर्व हमें अपने अतीत से प्रेरणा लेकर भविष्य के भारत के निर्माण के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर सभी ने देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने, सामाजिक सौहार्द कायम रखने तथा अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।
समारोह का समापन राष्ट्र के प्रति समर्पण और देशभक्ति के भाव के साथ हुआ। तिरंगे की शान में उठे कदमों और ‘जय हिंद, जय भारत’ के नारों ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को यादगार बना दिया।



