जूते पहनकर नहीं, जूते उतारकर पहुंचे थे गांधीजी, मदरसे की तस्वीर को लेकर फैलाई गई भ्रामक बातों पर स्थिति साफ,, मदरसे में जूते पहनकर पहुंचने का दावा गलत? तस्वीरों में जूते बाहर, केवल मोजे में नजर आए डॉ. गांधी बहादराबाद निरीक्षण के दौरान धार्मिक स्थल की मर्यादा का रखा ध्यान, बच्चों से मुलाकात कर शिक्षा व्यवस्था की ली जानकारी,, मदरसे की तस्वीर को लेकर फैलाई गई भ्रामक बातों पर स्थिति साफ

जूते पहनकर नहीं, जूते उतारकर पहुंचे थे गांधीजी, मदरसे की तस्वीर को लेकर फैलाई गई भ्रामक बातों पर स्थिति साफ,, मदरसे में जूते पहनकर पहुंचने का दावा गलत? तस्वीरों में जूते बाहर, केवल मोजे में नजर आए डॉ. गांधी
बहादराबाद निरीक्षण के दौरान धार्मिक स्थल की मर्यादा का रखा ध्यान, बच्चों से मुलाकात कर शिक्षा व्यवस्था की ली जानकारी,,
मदरसे की तस्वीर को लेकर फैलाई गई भ्रामक बातों पर स्थिति साफ

हरिद्वार। बहादराबाद क्षेत्र के मदरसों के निरीक्षण को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही एक तस्वीर और उसके साथ किए जा रहे दावे को लेकर अब तस्वीर का दूसरा पक्ष भी सामने आया है।उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी के मदरसे में निरीक्षण को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि उन्होंने कुरान शरीफ पढ़ने वाली जगह पर जूते पहनकर प्रवेश किया। हालांकि सामने आई तस्वीरों में स्थिति कुछ अलग दिखाई देती है।
तस्वीर में डॉ. गांधी के पैरों में जूते नहीं, बल्कि काले मोजे दिखाई दे रहे हैं, जबकि उनके जूते पैरों में नहीं हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि धार्मिक शिक्षा वाले कक्ष में प्रवेश से पहले उन्होंने जूते उतार दिए थे।
बच्चों से मिले, पढ़ाई की जानकारी ली
निरीक्षण के दौरान डॉ. गांधी ने मदरसे में पढ़ रहे बच्चों से मुलाकात की और उनसे बातचीत कर उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित भी किया। साथ ही मदरसा संचालकों से संस्थान के संचालन और शिक्षा व्यवस्था से संबंधित जानकारी ली।
मान्यता और नियमों की जानकारी देने पहुंचे थे गांधी
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मदरसों की मान्यता, पंजीकरण और शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना था। प्राधिकरण की ओर से बिना आवश्यक मान्यता के संचालित संस्थानों को नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।ऐसे में पूरे घटनाक्रम को केवल जूते से जोड़कर देखने के बजाय निरीक्षण के वास्तविक उद्देश्य और मौके की तस्वीरों को भी सामने रखना जरूरी है।
डॉ. सुरजीत सिंह गांधी, अध्यक्ष शिक्षा प्राधिकरण उत्तराखंड ने कहा, “मदरसे में प्रवेश से पहले मैंने अपने जूते बाहर उतार दिए थे और मोजे पहनकर अंदर गया था। धार्मिक स्थल की मर्यादा का पूरा सम्मान किया गया। बच्चों से संवाद कर उन्हें प्रोत्साहित किया और संचालकों से शिक्षा व्यवस्था व प्राधिकरण के नियमों की जानकारी ली। सोशल मीडिया पर इसके विपरीत किया जा रहा दावा तथ्यहीन है।”
तस्वीर खुद बता रही है पूरी कहानी
सोशल मीडिया पर किसी तस्वीर के आधार पर टिप्पणी करने से पहले तस्वीर में मौजूद वास्तविक तथ्यों को देखना जरूरी है। उपलब्ध फोटो में डॉ. सुरजीत सिंह गांधी जूते पहने हुए नहीं, बल्कि जूते उतारकर मोजे में खड़े दिखाई दे रहे हैं।
इसलिए जूते पहनकर कुरान शरीफ पढ़ने की जगह पहुंचने का दावा तस्वीर में दिखाई देने वाले तथ्य से पुष्ट नहीं होता।



