रुड़की में मेडिकल स्टोरों पर औषधि विभाग का बड़ा एक्शन, 8 स्टोरों पर खरीद-बिक्री बंद,, औचक छापेमारी में दवाओं के रिकॉर्ड से लेकर स्टॉक और फार्मासिस्ट की मौजूदगी तक हुई जांच, लाइसेंस निलंबन की संस्तुति,,
नारकोटिक और साइकोट्रॉपिक दवाओं की बिक्री पर विशेष निगरानी, बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन शेड्यूल्ड दवाएं बेचने पर कार्रवाई की चेतावनी

रुड़की में मेडिकल स्टोरों पर औषधि विभाग का बड़ा एक्शन, 8 स्टोरों पर खरीद-बिक्री बंद,,
औचक छापेमारी में दवाओं के रिकॉर्ड से लेकर स्टॉक और फार्मासिस्ट की मौजूदगी तक हुई जांच, लाइसेंस निलंबन की संस्तुति,,
नारकोटिक और साइकोट्रॉपिक दवाओं की बिक्री पर विशेष निगरानी, बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन शेड्यूल्ड दवाएं बेचने पर कार्रवाई की चेतावनी

रुड़की/हरिद्वार। हरिद्वार जिले के रुड़की और झबरेड़ा क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों पर औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। दवाओं के कारोबार में नियमों की अनदेखी और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की शिकायतों के बीच खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने कई थोक और फुटकर मेडिकल स्टोरों पर औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर आठ मेडिकल स्टोरों का क्रय-विक्रय तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। साथ ही संबंधित स्टोरों के लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की गई है। कार्रवाई के बाद मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मचा रहा।
रिकॉर्ड और दवाओं के स्टॉक की गहन जांच
अपर आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड ताजबर जग्गी के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। उप औषधि नियंत्रक हेमंत नेगी द्वारा गठित संयुक्त टीम में औषधि निरीक्षक हरीश सिंह, हार्दिक भट्ट और अमित कुमार आजाद शामिल रहे।
टीम ने मेडिकल स्टोरों पर पहुंचकर दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित अभिलेख, बिल बुक, स्टॉक रजिस्टर और एक्सपायरी दवाओं के रखरखाव की जांच की। इसके अलावा फार्मासिस्ट की मौजूदगी और कोल्ड चेन में रखी जाने वाली दवाओं के भंडारण की व्यवस्था भी देखी गई।
अधिकारियों ने यह भी जांचा कि मेडिकल स्टोरों पर दवाओं की खरीद और बिक्री निर्धारित नियमों के मुताबिक हो रही है या नहीं।
नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाओं पर विशेष नजर
छापेमारी के दौरान नारकोटिक और साइकोट्रॉपिक दवाओं की बिक्री को लेकर विशेष निगरानी की गई। विभाग ने मेडिकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना वैध चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन के शेड्यूल्ड और नारकोटिक दवाओं की बिक्री न की जाए।
अधिकारियों ने एनडीपीएस एक्ट, 1985, औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 तथा औषधि नियमावली, 1945 के तहत आवश्यक रिकॉर्ड और स्टॉक का परीक्षण किया।
आठ स्टोरों पर कार्रवाई, लाइसेंस निलंबन की संस्तुति
निरीक्षण के दौरान आठ मेडिकल स्टोरों में गंभीर कमियां सामने आने के बाद उनका क्रय-विक्रय रोक दिया गया। विभाग ने इन स्टोरों के लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति भी की है।
ड्रग इंस्पेक्टर हरीश कुमार के मुताबिक नियमों की अनदेखी करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विभाग की टीम दवाओं की गुणवत्ता, बिक्री प्रक्रिया और आवश्यक रिकॉर्ड की लगातार जांच करेगी।
जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
औषधि विभाग ने मेडिकल स्टोर संचालकों को आमजन के लिए आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने और उन्हें उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने को कहा गया है।
विभाग की इस कार्रवाई से रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन मिलने पर आगे भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।



