उर्स की तैयारियों में ‘एक्शन मोड’ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ, मौके पर पहुंचते ही मचा हड़कंप,, भीड़ उमड़ने से पहले व्यवस्थाओं की ‘फिल्मी क्लाइमैक्स’ वाली चेकिंग—टूटी सड़क, गंदे नाले और जलभराव पर अधिकारियों को दो टूक

उर्स की तैयारियों में ‘एक्शन मोड’ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ, मौके पर पहुंचते ही मचा हड़कंप,,
भीड़ उमड़ने से पहले व्यवस्थाओं की ‘फिल्मी क्लाइमैक्स’ वाली चेकिंग—टूटी सड़क, गंदे नाले और जलभराव पर अधिकारियों को दो टूक

पिरान कलियर। सालाना उर्स में देशभर से जायरीन की भारी भीड़ पहुंचने से पहले प्रशासन ने तैयारियों को लेकर मोर्चा संभाल लिया है। शुक्रवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ अचानक उर्स क्षेत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे तो विभागीय अधिकारियों में हलचल तेज हो गई। उन्होंने एक-एक व्यवस्था को मौके पर परखा और जहां कमी दिखाई दी, वहां अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने साफ कर दिया कि उर्स के दौरान जायरीन की सुविधा और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। भीड़ बढ़ने से पहले सड़क, पेयजल, सफाई, जल निकासी, बिजली, चिकित्सा और रैन बसेरों समेत तमाम व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिए।
टूटी सड़क और गड्ढे दिखे तो तत्काल एक्शन
निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त और गड्ढों से भरी मिलीं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सड़क मरम्मत और गड्ढे भरने के निर्देश दिए। उनका जोर इस बात पर रहा कि उर्स के दौरान जायरीन और वाहनों की आवाजाही में किसी तरह की बाधा न आए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन स्थानों पर निर्माण या मरम्मत कार्य लंबित हैं, उन्हें समय रहते पूरा कराया जाए। लापरवाही की गुंजाइश बिल्कुल नहीं छोड़ी जाए।
नालों की गंदगी पर सख्त तेवर, जल निकासी दुरुस्त करने के निर्देश
बारिश के बीच उर्स क्षेत्र में जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए जल निकासी व्यवस्था का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। कई स्थानों पर नालों में गंदगी और कचरा जमा मिलने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने सफाई व्यवस्था तत्काल सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान पानी सड़कों पर जमा न हो, इसके लिए नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था पहले से दुरुस्त रखी जाए। उर्स के दौरान लाखों जायरीन की आवाजाही को देखते हुए छोटी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
रैन बसेरों की भी जांच, बारिश से बचाव के इंतजाम पर जोर
निरीक्षण के दौरान रैन बसेरों की स्थिति भी देखी गई। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर पानी भरने की समस्या सामने आने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने रैन बसेरों को ऊंचा कराने और जायरीन के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पेयजल, बिजली, चिकित्सा, स्वास्थ्य, यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
‘उर्स शुरू होने से पहले हर कमी दूर हो’— ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेठ की अधिकारियों/कर्मचारियों को दो टूक
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उर्स की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी कमी को नजरअंदाज न किया जाए। उनका स्पष्ट संदेश रहा कि जायरीन के पहुंचने से पहले व्यवस्थाएं जमीन पर पूरी तरह दिखाई देनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार एवं दरगाह प्रबंधक विकास अवस्थी, अकाउंटेंट टेंट सद्दाम अली, सुपरवाइजर इंतखाब आलम, हारून अली, राव शारिक समेत संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रशासन के सख्त तेवरों से साफ है कि इस बार उर्स के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर कोई ढिलाई नहीं चलेगी। अब नजर इस बात पर है कि निरीक्षण में मिले निर्देश कितनी तेजी से जमीन पर उतरते हैं।



