सभासद राशिद अली की नई सियासी पारी, भीम आर्मी भारत एकता मिशन में प्रदेश सचिव की कमान अमरीश कपिल ने सौंपी प्रदेश स्तरीय जिम्मेदारी, अंबेडकर-कांशीराम की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्य; हरिद्वार के सामाजिक समीकरणों के बीच नियुक्ति ने बढ़ाई हलचल

भीम आर्मी भारत एकता मिशन में सभासद राशिद अली को बड़ी जिम्मेदारी, बनाए गए प्रदेश सचिव उत्तराखंड,,
प्रदेश अध्यक्ष अमरीश कपिल ने सौंपी प्रदेश स्तरीय जिम्मेदारी, अंबेडकर-कांशीराम की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्य; हरिद्वार के सामाजिक समीकरणों के बीच नियुक्ति ने बढ़ाई हलचल

हरिद्वार। उत्तराखंड के सामाजिक और राजनीतिक माहौल के बीच भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने संगठनात्मक विस्तार को लेकर बड़ा कदम उठाया है। संगठन ने हरिद्वार के सभासद राशिद अली को प्रदेश स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए प्रदेश सचिव, उत्तराखंड नियुक्त किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अमरीश कपिल की ओर से जारी नियुक्ति पत्र के बाद राशिद अली को नई जिम्मेदारी मिलने से स्थानीय सामाजिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
नियुक्ति पत्र में संगठन के प्रचार-प्रसार को मजबूत करने के साथ-साथ बहुजन हिताय, सामाजिक जागरूकता और बहुजन महापुरुषों के विचारों को आगे बढ़ाने की अपेक्षा की गई है। इसमें बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और साहब कांशीराम की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया है।
सभासद से प्रदेश सचिव तक—राशिद अली की नई सियासी-सामाजिक पारी
स्थानीय निकाय में सभासद के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे राशिद अली को अब प्रदेश संगठन में बड़ी भूमिका मिलना उनके राजनीतिक और सामाजिक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर जनता के बीच काम करने का अनुभव अब उन्हें प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक जिम्मेदारी निभाने में कितना फायदा पहुंचाता है, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।
प्रदेश सचिव के तौर पर राशिद अली के सामने अब केवल अपने क्षेत्र तक सीमित रहने के बजाय पूरे उत्तराखंड में संगठन की गतिविधियों को मजबूत करने की चुनौती होगी। कार्यकर्ताओं से संवाद, नए लोगों को संगठन से जोड़ना, सामाजिक मुद्दों को उठाना और संगठन की विचारधारा को व्यापक स्तर पर पहुंचाना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हो सकता है।
अंबेडकर-कांशीराम की विचारधारा को बनाया आधार
भीम आर्मी भारत एकता मिशन की ओर से जारी नियुक्ति पत्र में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और साहब कांशीराम की विचारधारा का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। संगठन बहुजन समाज के बीच जागरूकता और सामाजिक एकजुटता को बढ़ाने की बात करता है।
ऐसे में राशिद अली की नियुक्ति को संगठन की विचारधारा को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ना प्रदेश सचिव के सामने अहम जिम्मेदारी हो सकती है।
हरिद्वार के माहौल में नियुक्ति ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
हरिद्वार की सामाजिक और राजनीतिक जमीन हमेशा से अलग-अलग समुदायों, संगठनों और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता के कारण महत्वपूर्ण रही है। स्थानीय निकाय की राजनीति से लेकर विधानसभा चुनावों तक सामाजिक समीकरणों की भूमिका दिखाई देती है।
ऐसे माहौल में एक निर्वाचित सभासद को प्रदेश संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिया जाना निश्चित तौर पर चर्चा का विषय है। राजनीतिक हलकों में इस नियुक्ति को संगठन की जमीनी पहुंच बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, इस नियुक्ति को सीधे किसी आगामी चुनाव से जोड़ना अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन प्रदेश संगठन में स्थानीय जनप्रतिनिधि की मौजूदगी से संगठन को जमीनी मुद्दों और स्थानीय परिस्थितियों की बेहतर समझ मिलने की संभावना जरूर बढ़ती है।
अब संगठन के सामने जमीन पर ताकत दिखाने की सबसे बड़ी परीक्षा—
प्रदेश सचिव का पद मिलना जितना बड़ा सम्मान है, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी है। उत्तराखंड में सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियां मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में अलग-अलग हैं। ऐसे में संगठन को पूरे प्रदेश में सक्रिय करना आसान चुनौती नहीं होगी।
हरिद्वार, रुड़की, भगवानपुर, लक्सर और आसपास के क्षेत्रों में संगठन की गतिविधियों को मजबूत करने के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों तक संगठन का विस्तार करना राशिद अली के लिए बड़ी परीक्षा होगी।
यदि संगठन शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकार और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय अभियान चलाता है, तो आने वाले समय में इसका सामाजिक प्रभाव और बढ़ सकता है।
अमरीश कपिल के नेतृत्व में संगठन विस्तार की रणनीति
प्रदेश अध्यक्ष अमरीश कपिल की ओर से जारी नियुक्ति पत्र से साफ है कि संगठन अपने ढांचे को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। स्थानीय स्तर पर सक्रिय चेहरों को प्रदेश संगठन में जिम्मेदारी देकर संगठन अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
राशिद अली की नियुक्ति इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। अब देखना होगा कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद संगठन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कितनी तेजी से अपनी गतिविधियां बढ़ाता है।
सामाजिक आंदोलन से राजनीतिक प्रभाव तक—कहानी अभी बाकी है
राशिद अली को प्रदेश सचिव बनाए जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या संगठन अपनी सामाजिक सक्रियता को भविष्य में व्यापक राजनीतिक प्रभाव में बदल पाएगा?
फिलहाल इसका जवाब समय और संगठन की आगामी गतिविधियां देंगी। लेकिन इतना जरूर है कि सभासद से प्रदेश सचिव तक राशिद अली की नई जिम्मेदारी ने हरिद्वार की सामाजिक-राजनीतिक चर्चाओं में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
अब उनकी अग्निपरीक्षा संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और सामाजिक मुद्दों पर प्रभावी भूमिका निभाने की होगी। यदि वे प्रदेश स्तर पर मजबूत नेटवर्क तैयार करने में सफल रहते हैं, तो यह नियुक्ति उनके साथ-साथ संगठन के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
सभासद राशिद अली की प्रदेश सचिव उत्तराखंड के पद पर नियुक्ति महज संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उत्तराखंड में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नई जिम्मेदारी के बाद राशिद अली संगठन को कितनी मजबूती से जमीन पर उतारते हैं और हरिद्वार की सामाजिक-राजनीतिक पृष्ठभूमि में उनकी सक्रियता किस नए समीकरण को जन्म देती है।



