SIR पर डीएम मयूर दीक्षित का सख्त संदेश—‘पात्र मतदाता का नाम किसी भी कीमत पर न कटे’ रानीपुर के बूथ नंबर 122 का औचक निरीक्षण, 740 मतदाताओं में 181 को नोटिस—151 मामलों का निस्तारण; लंबित प्रकरणों को समयबद्ध निपटाने के निर्देश,,
हरिद्वार में SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर, नोटिस पाने वाले मतदाताओं की नियमानुसार सुनवाई सुनिश्चित करने के निर्देश

SIR पर डीएम मयूर दीक्षित का सख्त संदेश—‘पात्र मतदाता का नाम किसी भी कीमत पर न कटे’
रानीपुर के बूथ नंबर 122 का औचक निरीक्षण, 740 मतदाताओं में 181 को नोटिस—151 मामलों का निस्तारण; लंबित प्रकरणों को समयबद्ध निपटाने के निर्देश,,
हरिद्वार में SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर, नोटिस पाने वाले मतदाताओं की नियमानुसार सुनवाई सुनिश्चित करने के निर्देश
हरिद्वार, 31 अगस्त 2026। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर हरिद्वार जिला प्रशासन ने निगरानी और सख्ती बढ़ा दी है। सोमवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने रानीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बीएचईएल सेक्टर-01 स्थित बाल मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल पहुंचकर बूथ संख्या 122 पर चल रहे SIR कार्यों का निरीक्षण किया। डीएम ने मौके पर पहुंचकर न केवल पुनरीक्षण कार्य की प्रगति जानी, बल्कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए।
डीएम ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम किसी भी परिस्थिति में पृथक नहीं होना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि जिन मतदाताओं को SIR प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किए गए हैं, उनके मामलों की सुनवाई निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुरूप निष्पक्ष तरीके से की जाए। किसी भी पात्र नागरिक को अपने मताधिकार से वंचित न होना पड़े, इसके लिए पूरी प्रक्रिया में सावधानी बरतने को कहा गया।
बूथ 122 पर 740 मतदाता, 181 को जारी हुए नोटिस
निरीक्षण के दौरान एईआरओ मोहम्मद ताहिर खान ने जिलाधिकारी को बूथ संख्या 122 पर चल रहे SIR कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बूथ पर कुल 740 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से 181 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि अब तक 151 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है।
प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार अभी कुछ प्रकरण लंबित हैं। जिलाधिकारी ने इन मामलों को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर और पूरी तरह नियमों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा कि SIR जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में प्रत्येक स्तर पर रिकॉर्ड और कार्रवाई में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
‘नाम काटने से पहले नियमों और पात्रता की हो पूरी जांच’
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य को केवल औपचारिकता के तौर पर न लिया जाए। प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता से जांच की जाए और पात्रता से संबंधित तथ्यों को नियमानुसार सत्यापित किया जाए।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान का अधिकार प्रत्येक पात्र नागरिक का महत्वपूर्ण अधिकार है। इसलिए SIR के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रक्रिया के कारण किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से अलग न हो।
डीएम ने यह भी निर्देश दिए कि जिन नागरिकों को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें अपनी बात रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का उचित अवसर दिया जाए। उनकी सुनवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष ढंग से हो और प्रत्येक मामले में नियमों के अनुसार निर्णय लिया जाए।
निष्पक्षता के साथ संवेदनशीलता भी जरूरी
जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि SIR कार्य केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि नागरिकों के मताधिकार से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है। ऐसे में प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारी पूरी संवेदनशीलता के साथ निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम छूटना नहीं चाहिए और न ही किसी अपात्र नाम को नियमों के विपरीत बनाए रखने की स्थिति उत्पन्न होनी चाहिए। इसके लिए बीएलओ स्तर से लेकर संबंधित अधिकारियों तक प्रत्येक स्तर पर सावधानीपूर्वक कार्य किया जाए।
डीएम ने अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र में मतदाताओं के बीच SIR प्रक्रिया को लेकर यदि कोई भ्रम या संशय है, तो उसे भी नियमानुसार दूर किया जाए। मतदाताओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराते हुए प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता बनाए रखी जाए।
लंबित मामलों पर डीएम की नजर
बूथ संख्या 122 पर कुल 181 नोटिस जारी किए जाने और 151 मामलों के निस्तारण की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी ने शेष लंबित प्रकरणों की स्थिति भी जानी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और सभी प्रकरणों का समयबद्ध एवं नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि SIR कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक मामले में उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अधिकारियों और बीएलओ को जिम्मेदारी का अहसास
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों, बीएलओ और अन्य कर्मचारियों से SIR कार्यों की प्रगति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर पर कार्य करने वाले बीएलओ मतदाता और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए उन्हें प्रत्येक मतदाता की समस्या और दस्तावेजों से संबंधित प्रक्रिया को गंभीरता से समझते हुए काम करना चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि SIR से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी प्रक्रियाओं का रिकॉर्ड नियमानुसार रखा जाए। विशेष रूप से नोटिस जारी किए गए मामलों में सुनवाई और निस्तारण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने पर जोर दिया गया।
प्रशासन ने दोहराई मताधिकार की सुरक्षा की प्रतिबद्धता
डीएम मयूर दीक्षित के बूथ निरीक्षण से यह स्पष्ट संदेश गया कि जिला प्रशासन SIR प्रक्रिया को लेकर गंभीर है और मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के मताधिकार की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अधिकार है। इसलिए पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता बनाए रखना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह, संबंधित बीएलओ तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि SIR के शेष कार्यों को भी निर्धारित प्रक्रिया और समयसीमा के भीतर पूरा करते हुए मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



