30 घंटे… एक मासूम की तलाश… और फिर आया वो मंजर, जिसने सबको रुला दिया! 30 घंटे रात-दिन चला रेस्क्यू, चप्पा-चप्पा छाना गया… हर तरफ सिर्फ उम्मीद थी, फिर रानीपुर क्षैत्र में मिला मासूम विधिका का शव! रावली महदूद में नाले के तेज बहाव में बही थी 6 साल की बच्ची, सिडकुल पुलिस-SDRF ने रात-दिन चलाया सर्च ऑपरेशन; गैस प्लांट के पास शव मिलने से मचा कोहराम

30 घंटे… एक मासूम की तलाश… और फिर आया वो मंजर, जिसने सबको रुला दिया!
30 घंटे रात-दिन चला रेस्क्यू, चप्पा-चप्पा छाना गया… हर तरफ सिर्फ उम्मीद थी, फिर रानीपुर क्षैत्र में मिला मासूम विधिका का शव!
रावली महदूद में नाले के तेज बहाव में बही थी 6 साल की बच्ची, सिडकुल पुलिस-SDRF ने रात-दिन चलाया सर्च ऑपरेशन; गैस प्लांट के पास शव मिलने से मचा कोहराम

वाजिद अली, हरिद्वार… हरिद्वार के सिडकुल थाना क्षेत्र के रावली महदूद में बारिश के दौरान नाले में बही छह वर्षीय मासूम विधिका की तलाश आखिरकार करीब 30 घंटे बाद दर्दनाक अंजाम तक पहुंची। जिस बच्ची को बचाने के लिए पुलिस, SDRF और राहत-बचाव टीमें लगातार नाले और उसके आसपास के इलाकों को खंगाल रही थीं, उसका शव मंगलवार को रानीपुर क्षेत्र में गैस प्लांट के पास बरामद हुआ।
शव मिलने की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों को सूचना दी गई तो उनकी आंखों के सामने मानो पूरी दुनिया ही उजड़ गई। जिस मासूम की सुरक्षित वापसी की उम्मीद में परिवार घंटों इंतजार कर रहा था, वही बच्ची आखिरकार निर्जीव हालत में मिली।
एक बच्ची बच गई… दूसरी पानी के तेज बहाव में जिंदगी हार गई
पुलिस के मुताबिक, 7 सितंबर 2026 को थाना सिडकुल को सूचना मिली थी कि रावली महदूद क्षेत्र में दो बच्चियां नाले के तेज बहाव में बह गई हैं।
इनमें सात वर्षीय हिमानी पुत्री सोहनपाल, निवासी ग्राम फरीदपुर, थाना कीरतपुर, जिला बिजनौर को बचा लिया गया था। लेकिन छह वर्षीय विधिका पुत्री गौतम, निवासी ग्राम फरीदपुर, थाना कीरतपुर, हाल निवासी रावली महदूद, पानी के तेज बहाव में बह गई।
सूचना मिलते ही सिडकुल पुलिस ने बिना देर किए बच्ची की तलाश शुरू कर दी।
फिर शुरू हुआ घंटों लंबा सर्च ऑपरेशन।
नाला… मलबा… पानी का बहाव… आसपास का इलाका—हर संभावित जगह को तलाशा गया। SDRF की टीमें भी अभियान में जुटीं। समय बीतता गया, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला।
रात-दिन चला ऑपरेशन, जेसीबी से हटाया गया मलबा
रेस्क्यू टीमों ने करीब 28 से 30 घंटे तक लगातार अभियान चलाया। नाले के बहाव वाले क्षेत्रों को खंगाला गया और कई स्थानों पर जेसीबी की मदद से मलबा हटाया गया।
हर गुजरते घंटे के साथ परिवार की बेचैनी बढ़ती जा रही थी।
लेकिन मंगलवार को रानीपुर क्षेत्र से आई एक सूचना ने पूरे अभियान का रुख बदल दिया।
गैस प्लांट के पास एक शव दिखाई दिया।
स्थानीय लोगों की सूचना पर रानीपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। बाद में परिजनों को बुलाकर शिनाख्त कराई गई।
शिनाख्त होते ही साफ हो गया कि यह वही छह वर्षीय विधिका थी, जिसकी पिछले करीब 30 घंटे से तलाश की जा रही थी।
सिडकुल थाना प्रभारी अजय शाह टीम के साथ डटे रहे
इस कठिन और चुनौतीपूर्ण अभियान के दौरान थाना सिडकुल प्रभारी अजय शाह अपनी टीम के साथ लगातार मौके पर डटे रहे। पुलिस टीम ने SDRF और अन्य राहत-बचाव दलों के साथ मिलकर बच्ची की तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ी।
बच्ची का शव बरामद होने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव को एंबुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में दाखिल कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और पंचायतनामा की अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
30 घंटे की उम्मीद… और फिर ऐसा अंत, जिसने सबको झकझोर दिया
इस हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर यह रही कि दो बच्चियां नाले में बही थीं—एक को बचा लिया गया, लेकिन विधिका को जिंदगी ने मौका नहीं दिया।
रावली महदूद में हुई यह घटना एक परिवार को ऐसा जख्म दे गई है, जिसे शायद वक्त भी आसानी से नहीं भर पाएगा।
बारिश के दौरान उफनते नालों और खुले जलमार्गों की भयावहता एक बार फिर सामने आई है। सवाल यह भी है कि ऐसे इलाकों में बरसात के दौरान बच्चों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए कितनी प्रभावी व्यवस्था मौजूद है।
30 घंटे तक चली तलाश खत्म हो गई… लेकिन विधिका के परिवार के लिए इंतजार अब हमेशा के लिए मातम में बदल चुका है।



