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करेंसी चेस्ट में करोड़ों का ‘काला खेल’! 17.29 करोड़ के नकली नोटों ने मचाया हड़कंप—NIA ने PNB अधिकारी को दबोचा,, 111 करोड़ रुपये RBI भेजे गए थे, गिनती खुली तो सामने आया बड़ा खेल! पहले 7.40 करोड़ के जाली नोट मिले, जांच बढ़ी तो आंकड़ा पहुंच गया 17.29 करोड़,, तीन बैंक अधिकारियों पर मुकदमा… सहारनपुर PNB कर्मी अमित कुमार लखनऊ गिरफ्तार, दो फरार—अब NIA तलाश रही नकली नोटों के पूरे नेटवर्क की जड़

*NIA ने सहारनपुर के बैंक अधिकारी को लखनऊ से दबोचा, 17.29 करोड़ नकली नोट रखकर PNB से असली रुपए चुराए, 2 साथी फरार* *सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट में नकली नोटों की साजिश के मामले में फरार आरोपी अमित कुमार को गिरफ्तार किया, अमित कुमार बैंक का कर्मचारी है और एफआईआर में उसे मुख्य आरोपी बनाया गया*

करेंसी चेस्ट में करोड़ों का ‘काला खेल’! 17.29 करोड़ के नकली नोटों ने मचाया हड़कंप—NIA ने PNB अधिकारी को दबोचा,,

111 करोड़ रुपये RBI भेजे गए थे, गिनती खुली तो सामने आया बड़ा खेल! पहले 7.40 करोड़ के जाली नोट मिले, जांच बढ़ी तो आंकड़ा पहुंच गया 17.29 करोड़,,

तीन बैंक अधिकारियों पर मुकदमा… सहारनपुर PNB कर्मी अमित कुमार लखनऊ गिरफ्तार, दो फरार—अब NIA तलाश रही नकली नोटों के पूरे नेटवर्क की जड़

सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट से निकले करोड़ों रुपये के नकली नोटों ने बैंकिंग व्यवस्था में खलबली मचा दी है। मामला इतना गंभीर है कि अब इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA कर रही है। इसी मामले में फरार चल रहे PNB अधिकारी अमित कुमार को NIA ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दो अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।

कहानी शुरू होती है 5 अगस्त से। सहारनपुर के PNB करेंसी चेस्ट से करीब 111 करोड़ रुपये RBI जयपुर भेजे गए। रकम में पुराने, कटे-फटे और अन्य नोट शामिल थे। लेकिन RBI में नोटों की गिनती शुरू हुई तो हिसाब-किताब में गड़बड़ी सामने आ गई। करीब 4 लाख 30 हजार 900 रुपये कम मिले।

पहली नजर में मामला रकम की कमी का लगा, लेकिन जब नोटों की जांच गहराई से शुरू हुई तो पूरा मामला ही पलट गया।

जांच में शुरुआती तौर पर करीब 7.40 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने की बात सामने आई। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा तो नकली करेंसी की रकम बढ़कर 17.29 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

यानी जिस करेंसी चेस्ट में करोड़ों रुपये की असली करेंसी की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी थी, वहीं से इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोटों का मामला सामने आ गया।

इसके बाद बैंक स्तर पर हड़कंप मचा और वरिष्ठ मंडल प्रबंधक रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील कुमार और अधिकारी अमित कुमार के खिलाफ सदर बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। तीनों अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया गया।

फिर अचानक गायब हो गए आरोपी!

मुकदमा दर्ज होने के बाद तीनों अधिकारियों के फरार होने की जानकारी सामने आई। अमित कुमार का कुछ दिन पहले ही सहारनपुर से जगाधरी तबादला किया गया था। लेकिन जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता गया।

3 सितंबर को NIA ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली। करेंसी चेस्ट को अपने कब्जे में लेकर रिकॉर्ड और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल शुरू की गई।

अब NIA ने अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी के सामने सबसे बड़ा सवाल है—17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट आखिर करेंसी चेस्ट तक पहुंचे कैसे?

अब खुलेगा ‘नकली नोट नेटवर्क’ का राज?

NIA इस बात की तह तक जाने में जुटी है कि नकली नोटों का स्रोत क्या था, करेंसी चेस्ट तक इनकी पहुंच कैसे हुई और इस पूरे घटनाक्रम में किन-किन लोगों की भूमिका हो सकती है।

जांच एजेंसी बैंक के रिकॉर्ड, करेंसी चेस्ट में नोटों की आवाजाही और पुराने लेन-देन समेत तमाम पहलुओं को खंगाल रही है।

फिलहाल एक अधिकारी की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दो अन्य आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश जारी है।

17.29 करोड़ की नकली करेंसी ने सहारनपुर के इस मामले को महज बैंकिंग गड़बड़ी से उठाकर एक बड़े जांच के दायरे में ला दिया है। अब निगाहें NIA की जांच पर हैं—क्योंकि असली सवाल रकम का नहीं, उस ‘खेल’ के पीछे छिपे नेटवर्क का है।

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