एक गुमशुदगी… फिर बैराज में मिला शव… और फिर खुला कोर्ट मैरिज का राज!… गर्भवती पत्नी को बदनामी की धमकी देता था पति? नहर में छलांग लगाने से पहले आखिर क्या हुआ था सुहानी के साथ—रानीपुर पुलिस ने पति अजय को किया गिरफ्तार पढ़ें पूरी मिस्ट्री

एक गुमशुदगी… फिर बैराज में मिला शव… और फिर खुला कोर्ट मैरिज का राज!…
गर्भवती पत्नी को बदनामी की धमकी देता था पति? नहर में छलांग लगाने से पहले आखिर क्या हुआ था सुहानी के साथ—रानीपुर पुलिस ने पति अजय को किया गिरफ्तार पढ़ें पूरी मिस्ट्री

वाजिद अली हरिद्वार.. कहानी शुरू होती है 26 जुलाई 2026 से… एक 20 वर्षीय युवती अचानक लापता हो जाती है। घरवाले थाने पहुंचते हैं, गुमशुदगी दर्ज होती है और पुलिस तलाश शुरू करती है। लेकिन अगले ही दिन जो सामने आता है, उसने पूरे मामले को रहस्य में बदल दिया।
27 जुलाई… पथरी पावर हाउस बैराज।
पुलिस को लापता युवती सुहानी का शव बरामद होता है। सवाल था—आखिर सुहानी की मौत कैसे हुई? क्या यह हादसा था या उसने खुद मौत को गले लगाया?
जांच आगे बढ़ी तो कहानी में एक ऐसा मोड़ आया, जिसने पुलिस को भी मामले की तह तक जाने के लिए मजबूर कर दिया।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने पुलिस को बताया कि सुहानी ने परिवार की मर्जी के खिलाफ अजय से कोर्ट मैरिज की थी। शादी के बाद वह मायके में रहने लगी थी। इसी दौरान उसके गर्भवती होने की बात सामने आई।
फिर कहानी में आया धमकी और बदनामी का एंगल।
पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी पति अजय कथित तौर पर सुहानी पर अपनी इच्छा के मुताबिक काम करने का दबाव बनाता था। आरोप यह भी है कि वह उसकी गर्भावस्था की बात मोहल्ले में सार्वजनिक करने की धमकी देता था।
सुहानी के लिए यह सिर्फ एक धमकी नहीं थी… बल्कि कथित तौर पर बढ़ता हुआ मानसिक दबाव था।
और फिर आया 25 जुलाई का वह दिन, जब बहादराबाद के लाल पुल के पास नहर में सुहानी ने कथित तौर पर छलांग लगा दी।
एक दिन बाद उसका शव बैराज से बरामद हुआ।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
13 अगस्त को पुलिस ने गुमशुदगी के मामले को धारा 108 बीएनएस में तरमीम किया। इसके बाद जांच का फोकस सुहानी की मौत से पहले की परिस्थितियों और कथित मानसिक प्रताड़ना पर चला गया।
करीब डेढ़ महीने बाद पुलिस ने आखिरकार मामले में नामजद अजय को 7 सितंबर को पूछताछ के बाद हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक उसे धारा 108 बीएनएस के तहत गिरफ्तार किया गया है और आज न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
अब इस रहस्यमयी कहानी के कई सवालों के जवाब पुलिस जांच और अदालत से सामने आने बाकी हैं।
क्या सुहानी को लगातार मानसिक दबाव झेलना पड़ रहा था?
क्या गर्भवती होने की बात सार्वजनिक करने की कथित धमकी उसके लिए आखिरी चोट साबित हुई?
क्या इस मौत के पीछे सिर्फ एक व्यक्ति की भूमिका थी या कहानी में और किरदार भी हैं?
इन सवालों पर रानीपुर पुलिस मुकदमे में नामजद अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
फिलहाल एक युवती की मौत, एक छिपी हुई कोर्ट मैरिज और कथित धमकियों से जुड़ी यह कहानी कई सवाल छोड़ गई है—और इन सवालों का अंतिम सच जांच पूरी होने और अदालत के फैसले के बाद ही सामने आएगा।प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भण्डारी, उपनिरीक्षक चरण सिंह चौहान, कांस्टेबल करम सिंह और कांस्टेबल गम्भीर तोमर की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया।



