अल्पसंख्यक हुनर परिषद की कमान मुफ्ती शमून कासमी के हाथ, नई जिम्मेदारी से बढ़ी उम्मीदें!…. हुनरमंद युवाओं को अवसर दिलाने और समाजहित के कामों को रफ्तार देने की चुनौती,, नई जिम्मेदारी, बड़ी उम्मीदें—अब हुनर को मिलेगा मंच?
मुफ्ती शमून कासमी की नियुक्ति के बाद अब निगाहें परिषद की आगामी कार्ययोजना पर टिकी हैं। जिम्मेदारी बड़ी है, उम्मीदें उससे भी बड़ी हैं और अब असली परीक्षा काम के मैदान में होगी।

अल्पसंख्यक हुनर परिषद की कमान मुफ्ती शमून कासमी के हाथ, नई जिम्मेदारी से बढ़ी उम्मीदें!….
हुनरमंद युवाओं को अवसर दिलाने और समाजहित के कामों को रफ्तार देने की चुनौती,,
नई जिम्मेदारी, बड़ी उम्मीदें—अब हुनर को मिलेगा मंच?
देहरादून। उत्तराखंड अल्पसंख्यक हुनर परिषद के अध्यक्ष पद पर मुफ्ती शमून कासमी की नियुक्ति को लेकर बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया है। उनकी नियुक्ति को अल्पसंख्यक समाज, युवाओं और हुनरमंद प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर देखा जा रहा है। समर्थकों और शुभचिंतकों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
मुफ्ती शमून कासमी को मिली इस जिम्मेदारी के बाद अब सबसे बड़ी नजर परिषद के आगामी कामकाज पर रहेगी। प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे युवा और प्रतिभाशाली लोग हैं, जिनके पास हुनर तो है, लेकिन सही मंच, प्रशिक्षण और अवसर की कमी के कारण वे अपनी क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाते। ऐसे में परिषद के सामने इन प्रतिभाओं को तलाशने, उन्हें प्रशिक्षण से जोड़ने और रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की बड़ी चुनौती होगी।
नई जिम्मेदारी, बड़ी उम्मीदें—अब हुनर को मिलेगा मंच?
अल्पसंख्यक समाज के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना, कौशल विकास को बढ़ावा देना और हुनरमंद प्रतिभाओं को आगे लाना परिषद की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है। यही वजह है कि मुफ्ती शमून कासमी की नियुक्ति को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में उम्मीदें दिखाई दे रही हैं।
बधाई संदेश में कहा गया कि उनकी नियुक्ति प्रदेश के अल्पसंख्यक समाज और युवाओं के लिए नई उम्मीद और नए अवसरों का संदेश है। विश्वास जताया गया कि उनके नेतृत्व में परिषद जनहित और समाजहित से जुड़े कार्यों को नई गति देगी।
CM धामी के फैसले की चर्चा, क्षमता और अनुभव पर जताया भरोसा
इस नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति भी आभार जताया गया है। समर्थकों का कहना है कि सरकार ने मुफ्ती शमून कासमी की क्षमता और अनुभव पर भरोसा जताते हुए उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। अब इस भरोसे को धरातल पर परिणामों में बदलना उनके सामने सबसे बड़ी कसौटी होगी।
परिषद की नई जिम्मेदारी के साथ उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने, युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने और हुनर को रोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रभावी पहल करेंगे।
मुफ्ती शमून कासमी की नियुक्ति के बाद अब निगाहें परिषद की आगामी कार्ययोजना पर टिकी हैं। जिम्मेदारी बड़ी है, उम्मीदें उससे भी बड़ी हैं और अब असली परीक्षा काम के मैदान में होगी।
नई जिम्मेदारी के लिए मुफ्ती शमून कासमी को हार्दिक बधाई एवं सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं।



