स्कूल जाने निकले थे ‘बाइक राइडर’ बनकर! डीएम का डंडा चला तो 20 स्कूटी-मोटरसाइकिल सीज, अभिभावकों में मचा हड़कंप……. जगजीतपुर में परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन—स्कूल के बाहर नहीं, गलियों में छिपाकर खड़े किए जा रहे थे नाबालिगों के वाहन; नोटिस के बावजूद नहीं सुधरे हालात, अब लगातार चलेगा अभियान

स्कूल जाने निकले थे ‘बाइक राइडर’ बनकर! डीएम का डंडा चला तो 20 स्कूटी-मोटरसाइकिल सीज, अभिभावकों में मचा हड़कंप…….
जगजीतपुर में परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन—स्कूल के बाहर नहीं, गलियों में छिपाकर खड़े किए जा रहे थे नाबालिगों के वाहन; नोटिस के बावजूद नहीं सुधरे हालात, अब लगातार चलेगा अभियान

हरिद्वार। स्कूल की यूनिफॉर्म, कंधे पर बैग और हाथ में बाइक की चाबी… उम्र भले ही ड्राइविंग लाइसेंस की नहीं हुई हो, लेकिन सड़क पर रफ्तार का शौक सिर चढ़कर बोल रहा था। इसी लापरवाही पर अब प्रशासन ने ब्रेक लगा दिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर नाबालिग विद्यार्थियों के दोपहिया वाहन चलाने के खिलाफ परिवहन विभाग ने जगजीतपुर क्षेत्र में ऐसा अभियान चलाया कि स्कूलों के आसपास अचानक हड़कंप मच गया। कार्रवाई की जद में आए 20 स्कूटी और मोटरसाइकिलों को सीज कर दिया गया।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई ने उन अभिभावकों की चिंता भी बढ़ा दी है, जो अपने नाबालिग बच्चों को स्कूटी या मोटरसाइकिल देकर स्कूल भेज रहे थे। विभाग ने साफ कर दिया है कि सड़क सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
नोटिस पहले, कार्रवाई बाद में… फिर भी नहीं माने तो सीधा सीज!
दरअसल, परिवहन विभाग को लगातार यह जानकारी मिल रही थी कि कुछ नाबालिग विद्यार्थी दोपहिया वाहन लेकर स्कूल पहुंच रहे हैं। विद्यालय प्रशासन की ओर से अभिभावकों को पहले ही नोटिस देकर स्पष्ट रूप से कहा गया था कि नाबालिग विद्यार्थियों को स्कूटी या मोटरसाइकिल से स्कूल न भेजें। इसके बावजूद कई बच्चे दोपहिया वाहनों से स्कूल पहुंचते रहे।
कार्रवाई से बचने के लिए विद्यार्थियों ने एक अलग रास्ता भी खोज निकाला। वाहन स्कूल के मुख्य परिसर में खड़ा करने के बजाय आसपास की गलियों में पार्क किए जाने लगे। यानी स्कूल गेट पर नियमों की नजर से बचने की कोशिश, लेकिन परिवहन विभाग की टीम ने इस ‘प्लान’ पर भी पानी फेर दिया।
जगजीतपुर में पहुंची टीम, एक-एक वाहन की खुली पड़ताल
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने जगजीतपुर क्षेत्र के स्कूलों और आसपास के इलाकों में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। टीम ने विद्यालय प्रशासन से भी बातचीत की और नाबालिग विद्यार्थियों द्वारा वाहन संचालन की स्थिति की जानकारी ली।
इसके बाद स्कूलों के आसपास खड़े दोपहिया वाहनों की जांच शुरू हुई। कार्रवाई के दौरान कुल 20 स्कूटी और मोटरसाइकिल सीज की गईं। कार्रवाई की जानकारी संबंधित विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी दी गई और उन्हें बच्चों के लिए सुरक्षित एवं वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अभियान में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) निखिल शर्मा, यातायात कर अधिकारी वरुणा सैनी और यातायात कर अधिकारी भारत भूषण भी मौजूद रहे।
‘बच्चा है, चला लेगा’ वाली सोच पर प्रशासन की चोट
अक्सर अभिभावकों की ओर से यह सोच सामने आती है कि बच्चा पास में ही स्कूल जा रहा है, इसलिए बाइक या स्कूटी चलाने में कोई बड़ी समस्या नहीं है। लेकिन सड़क पर कुछ मिनट की लापरवाही भी गंभीर हादसे में बदल सकती है। नाबालिग चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होता और वाहन पर उसका नियंत्रण भी उम्र एवं अनुभव के कारण सीमित हो सकता है।
परिवहन विभाग ने इसी खतरे को देखते हुए अभिभावकों को चेताया है कि निर्धारित आयु और वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना बच्चों को मोटर वाहन चलाने की अनुमति न दें।
अधिकारियों का कहना है कि मामला सिर्फ नियम तोड़ने का नहीं, बल्कि नाबालिग चालक के साथ-साथ सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की सुरक्षा का भी है। एक गलती बच्चे की जिंदगी के साथ-साथ किसी अन्य परिवार की जिंदगी को भी प्रभावित कर सकती है।
स्कूलों के आसपास अब फिर दिखेगा ‘एक्शन’
इस अभियान के बाद परिवहन विभाग ने संकेत दिया है कि कार्रवाई एक दिन तक सीमित नहीं रहने वाली। नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन पर रोक लगाने के लिए आगे भी प्रवर्तन अभियान चलाए जाएंगे। स्कूलों के आसपास वाहन खड़े करने और नियमों से बचने की कोशिश करने वालों पर भी विभाग की नजर रहेगी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि स्कूल जाने की उम्र पढ़ाई और सुरक्षित सफर की है, सड़क पर बाइक दौड़ाने की नहीं। अभिभावकों के लिए भी यह कार्रवाई चेतावनी है कि बच्चों को वाहन की चाबी सौंपने से पहले उनकी उम्र, लाइसेंस और सुरक्षा—तीनों का ध्यान रखना जरूरी है।
फिलहाल जगजीतपुर में 20 स्कूटी-मोटरसाइकिलों के सीज होने के बाद स्कूलों और अभिभावकों के बीच चर्चा तेज है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में परिवहन विभाग का अभियान कितनी दूर तक पहुंचता है और नाबालिग वाहन चालकों पर लगाम लगाने में यह कार्रवाई कितना असर डालती है।



