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हरिद्वार में डीएम मयूर दीक्षित का ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू, अब गंदगी पर चलेगा प्रशासन का डंडा! रावली महदूद से सलेमपुर महदूद , दादुपुर गोविंदपुर सहित 6 ग्राम पंचायतों में सफाई का सख्त खाका तैयार—पीठ बाजारों में चाक-चौबंद सफाई, पॉलीथिन पर पूरी तरह ‘नो एंट्री’; कूड़ा फेंका तो जिम्मेदारी होगी तय

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, नगर प्रशासक बीएचईएल अतुल सचान, बीडीओ बहादराबाद मानस मित्तल, नोडल स्वजल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी, आरएम सिडकुल कमल किशोर, कर अधिकारी सतीश चंद, ग्राम प्रधान रावली महदूद प्रमोद प्रधान समेत रावली महदूद, सुल्तानपुर मंजरी, अत्मलपुर बोंगला, खेड़ली, दादूपुर गोविंदपुर और सलेमपुर महदूद ग्राम पंचायतों के प्रधान एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे

हरिद्वार में डीएम मयूर दीक्षित का ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू, अब गंदगी पर चलेगा प्रशासन का डंडा!…..

रावली महदूद से सलेमपुर महदूद , दादुपुर गोविंदपुर सहित 6 ग्राम पंचायतों में सफाई का सख्त खाका तैयार—पीठ बाजारों में चाक-चौबंद सफाई, पॉलीथिन पर पूरी तरह ‘नो एंट्री’; कूड़ा फेंका तो जिम्मेदारी होगी तय

हरिद्वार को सिर्फ गंगा किनारे बसा शहर नहीं, बल्कि स्वच्छ और सुंदर जनपद की पहचान दिलाने के लिए प्रशासन ने अब जमीन पर बड़ा एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्वच्छता को लेकर ऐसा खाका खींचा है, जिसमें सिर्फ सफाई अभियान चलाने की बात नहीं, बल्कि नियमित सफाई, कूड़ा निस्तारण, डंपिंग जोन, बाजारों की मॉनिटरिंग और पॉलीथिन पर सख्ती को अभियान का स्थायी हिस्सा बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

बुधवार को एनआईसी सभागार में हुई बैठक में बहादराबाद विकासखंड की छह ग्राम पंचायतें प्रशासन के रडार पर रहीं। डीएम ने ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों के साथ सीधी बैठक कर साफ संदेश दिया कि गांवों की गलियों से लेकर बाजारों तक गंदगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रावली महदूद से सलेमपुर महदूद तक… छः गांवों पर फोकस

डीएम की बैठक में रावली महदूद, सुल्तानपुर मंजरी, अत्मलपुर बोंगला, खेड़ली, दादूपुर गोविंदपुर और सलेमपुर महदूद ग्राम पंचायतों के प्रधान एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।इन सभी क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और नियमित सफाई व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गांवों की गलियों, मुख्य मार्गों, नालियों, सार्वजनिक स्थलों और बाजार क्षेत्रों में सफाई सिर्फ किसी विशेष अभियान के दौरान नहीं, बल्कि लगातार होनी चाहिए।

डीएम का फोकस साफ है—कूड़ा दिखाई नहीं देना चाहिए और अगर कहीं कूड़ा जमा होता है तो उसके निस्तारण की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

‘सिर्फ झाड़ू लगाने से नहीं बदलेगी तस्वीर’, डीएम ने दिया सिस्टम बदलने का मंत्र

बैठक में जिलाधिकारी ने साफ कहा कि केवल एक-दो दिन सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता कायम नहीं की जा सकती। सफाई को ग्राम पंचायतों की नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाना होगा।उन्होंने ग्राम प्रधानों से कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की लगातार समीक्षा करें। जहां भी कमी दिखाई दे, वहां संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर तत्काल कार्रवाई कराई जाए।कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग जोन बनाए जाने हेतु भूमि चिन्हित करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दिए गए हैं।

पीठ बाजारों पर डीएम की नजर—पहले सफाई, फिर बाजार और अंत में फिर सफाई

बहादराबाद और बीएचईएल क्षेत्र में लगने वाले पीठ बाजारों को लेकर भी डीएम ने बेहद सख्त निर्देश दिए हैं।अब बाजार लगने से पहले सफाई होगी, बाजार के दौरान कूड़ा एकत्र करने की व्यवस्था रहेगी और बाजार खत्म होते ही पूरे क्षेत्र की तत्काल सफाई कराई जाएगी।यानी बाजार खत्म होते ही पीछे गंदगी का ढेर छोड़कर जाने वालों पर प्रशासन की नजर रहेगी।जिला पंचायत और बीएचईएल के अधिकारियों को बाजार क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

पॉलीथिन पर ‘नो एंट्री’—दुकानदारों की भी होगी निगरानी

स्वच्छता अभियान में सबसे बड़ा वार पॉलीथिन के खिलाफ किया गया है। जिलाधिकारी ने पीठ बाजारों में पॉलीथिन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दुकानदारों और व्यापारियों को पॉलीथिन के नुकसान बताए जाएंगे और इसके स्थान पर पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

डीएम ने साफ कर दिया कि प्रतिबंधित पॉलीथिन का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए और इसके लिए नियमित निगरानी भी की जाए।

गांव साफ तो हरिद्वार की तस्वीर साफ

जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन या नगर निकाय की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें ग्राम पंचायत, जनप्रतिनिधि, व्यापारी, दुकानदार और आम नागरिक, सभी की बराबर भागीदारी जरूरी है।

उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि अपने घरों और आसपास कूड़ा न फैलाएं। सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने और कूड़ा इधर-उधर फेंकने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।

अब होगी नियमित मॉनिटरिंग

डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों और बाजार क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। सफाई कार्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में कूड़ा प्रबंधन, नालियों की सफाई, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता, बाजार क्षेत्रों की सफाई, पॉलीथिन पर रोक और आमजन की भागीदारी समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई।

प्रशासन की कोशिश अब साफ दिखाई दे रही है—हरिद्वार की सफाई सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि गांव की गलियों और बाजारों में दिखाई दे।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, नगर प्रशासक बीएचईएल अतुल सचान, बीडीओ बहादराबाद मानस मित्तल, नोडल स्वजल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी, आरएम सिडकुल कमल किशोर, कर अधिकारी सतीश चंद, ग्राम प्रधान रावली महदूद प्रमोद प्रधान समेत संबंधित ग्राम प्रधान एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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