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जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारी तेज! हरिद्वार में फील्ड ट्रेनर्स को मिला प्रशिक्षण, अब मोबाइल से जुटेंगे जनसंख्या के आंकड़े… निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने शुद्धता, पारदर्शिता और समयबद्धता पर दिया जोर, नवंबर से प्रस्तावित जनसंख्या गणना के लिए प्रशासन ने कसी कमर; CMMS पोर्टल से होगी निगरानी, प्रशिक्षित टीमें प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को करेंगी तैयार

जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारी तेज! हरिद्वार में फील्ड ट्रेनर्स को मिला प्रशिक्षण, अब मोबाइल से जुटेंगे जनसंख्या के आंकड़े…

निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने शुद्धता, पारदर्शिता और समयबद्धता पर दिया जोर, नवंबर से प्रस्तावित जनसंख्या गणना के लिए प्रशासन ने कसी कमर; CMMS पोर्टल से होगी निगरानी, प्रशिक्षित टीमें प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को करेंगी तैयार

 

हरिद्वार, 14 अक्टूबर। देश की विकास योजनाओं और भविष्य की नीतियों की दिशा तय करने वाली जनगणना-2027 को लेकर हरिद्वार में प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार जनगणना की प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक की अहम भूमिका होगी। आंकड़े जुटाने से लेकर कार्य की निगरानी तक आधुनिक तकनीकी व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाएगा। इसी कड़ी में हरिद्वार के विकास भवन सभागार में 12 से 14 अक्टूबर तक जनगणना के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना के लिए फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के जरिए अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक एवं मुख्य प्रमुख जनगणना अधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आंकड़ों की शुद्धता, पारदर्शिता, समयबद्ध संकलन और निर्धारित प्रक्रिया के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने जनपद में जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।

डिजिटल होगी जनगणना, मोबाइल से जुटाए जाएंगे आंकड़े

जनगणना-2027 की सबसे बड़ी विशेषता इसकी डिजिटल कार्यप्रणाली होगी। इस बार प्रगणक और पर्यवेक्षक मोबाइल फोन के माध्यम से आंकड़े एकत्र करेंगे। वहीं, जनगणना कार्य की निगरानी के लिए CMMS पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। इससे कार्य की प्रगति पर नजर रखने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप कामकाज सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

नवंबर 2026 से जनसंख्या गणना का कार्य प्रस्तावित है। इससे पहले प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देंगे, ताकि जमीनी स्तर पर गणना के दौरान किसी तरह की तकनीकी या प्रक्रियागत समस्या सामने न आए। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल कर्मचारियों को प्रक्रिया समझाना ही नहीं, बल्कि उन्हें डिजिटल माध्यम से सही जानकारी दर्ज करने और निर्धारित समयसीमा में जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार करना भी है।

डिजिटल व्यवस्था के प्रभावी संचालन के लिए कर्मचारियों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना और फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

इवा आशीष श्रीवास्तव का संदेश—जनगणना देश के विकास का आधार

प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक एवं मुख्य प्रमुख जनगणना अधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव ने जनगणना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं, नीतियों और भविष्य की आवश्यकताओं के निर्धारण का महत्वपूर्ण आधार है। जनसंख्या से संबंधित सटीक आंकड़े विभिन्न योजनाओं की जरूरतों को समझने और विकास की प्राथमिकताएं निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता, पारदर्शिता और तत्परता के साथ करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि इस बार संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी, इसलिए आंकड़ों की शुद्धता और समयबद्ध संकलन सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।

निदेशक ने निर्देश दिए कि जनगणना से संबंधित तैयारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। फील्ड में काम करने वाले प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण तथा तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, जनगणना कार्य की नियमित निगरानी की जाए और सभी संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखा जाए, ताकि निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप कार्य संपन्न हो सके।

सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र ने दिया समन्वय का भरोसा

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का संबंधित अधिकारियों के माध्यम से गंभीरता से अनुपालन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद में जनगणना कार्य को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा।

सीडीओ ने प्रशिक्षण से लेकर जमीनी स्तर पर गणना के संचालन और निगरानी तक सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की बात कही। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि जनगणना से जुड़ी तैयारियां समय से पूरी हों और कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर सटीकता एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जा सके।

प्रशिक्षित टीमें संभालेंगी जमीनी स्तर की जिम्मेदारी

हरिद्वार में तीन दिवसीय प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अब प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स के माध्यम से प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को तैयार किया जाएगा। जनगणना की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि फील्ड में तैनात कर्मचारी निर्धारित प्रक्रिया को कितनी अच्छी तरह समझते हैं और आंकड़ों का संकलन कितनी सावधानी से करते हैं।

इसलिए प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता, नियमित निगरानी और विभागीय समन्वय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डिजिटल माध्यम से आंकड़े जुटाने की व्यवस्था में सही जानकारी दर्ज करना और तय प्रक्रिया का पालन करना विशेष रूप से जरूरी होगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला पंचायतीराज अधिकारी एवं मास्टर ट्रेनर मोहम्मद मुस्तफा खान, अपर सांख्यिकी अधिकारी एवं जनगणना प्रभारी उत्तम सिंह, अपर सांख्यिकी अधिकारी मीना नेगी, सांख्यिकी अन्वेषक ग्रेड-2 अमीर आलम, नीरज कुमार और शिवम कुमार सहित जनगणना कार्य निदेशालय देहरादून के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

हरिद्वार में जनगणना-2027 की तैयारियों ने प्रशिक्षण के साथ अगला कदम बढ़ा दिया है। अब प्रशिक्षित टीमों के जरिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को तैयार किया जाएगा। डिजिटल तकनीक, सटीक आंकड़ों और समयबद्ध कार्य निष्पादन पर आधारित यह व्यवस्था जनसंख्या गणना को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

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