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विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर हरिद्वार में प्रशासन का बड़ा एक्शन! मतदान से लेकर मतगणना तक तैनात होंगे सरकारी कर्मचारी, DM मयूर दीक्षित ने 5 नवंबर तक मांगा सभी विभागों का पूरा डाटा….

लापरवाही बरतने वाले विभागाध्यक्षों पर होगी कार्रवाई, सरकारी-गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और कर्मचारियों का तैयार होगा डिजिटल डाटाबेस; निर्वाचन कार्यालय ने जारी किए सख्त निर्देश....

हरिद्वार, 04 नवंबर 2026। उत्तराखंड में विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों को लेकर हरिद्वार जिला प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है। चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए मतदान एवं मतगणना कार्मिकों की तैनाती की तैयारी तेज कर दी गई है। इसके तहत जनपद के सभी सरकारी और अर्द्धसरकारी विभागों, कार्यालयों तथा शिक्षण संस्थानों में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों का विस्तृत डाटाबेस तैयार किया जा रहा है।

जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों, कार्यालयाध्यक्षों और शिक्षण संस्थानों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि संबंधित संस्थान अपने यहां कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों का अद्यतन विवरण निर्धारित प्रारूप में 05 नवंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

चुनाव से पहले कार्मिकों की उपलब्धता का होगा पूरा हिसाब

जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड, देहरादून के निर्देशों के अनुपालन में विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के लिए मतदान और मतगणना से संबंधित कार्मिकों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए जनपद के सभी संबंधित विभागों एवं शिक्षण संस्थानों से कार्मिकों का विवरण मांगा गया है।

प्रशासन का उद्देश्य चुनावी ड्यूटी के लिए उपलब्ध मानव संसाधन का व्यवस्थित डाटाबेस तैयार करना है, ताकि निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने के बाद मतदान केंद्रों और मतगणना स्थलों पर आवश्यकतानुसार कार्मिकों की तैनाती की जा सके। डाटाबेस तैयार होने से चुनावी व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से संचालित करने में भी मदद मिलेगी।

5 नवंबर तक देना होगा पूरा और त्रुटिरहित विवरण

डीएम मयूर दीक्षित ने सभी विभागाध्यक्षों एवं कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि कार्मिकों से संबंधित निर्धारित प्रारूप-1 और प्रारूप-2 में सूचना उपलब्ध कराई जाए। प्रारूप-2 के अंतर्गत भाग-2/1, 2/2, 2/3 और 2/4 में मांगी गई जानकारी भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।

उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया है कि भेजी जाने वाली सूचना शुद्ध, स्पष्ट, अद्यावधिक और पूरी तरह त्रुटिरहित होनी चाहिए। किसी कर्मचारी का विवरण अधूरा रहने या गलत जानकारी भेजे जाने से निर्वाचन संबंधी तैयारियों में परेशानी उत्पन्न हो सकती है। इसलिए सभी संस्थानों को अपने अभिलेखों का मिलान करते हुए सही जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।

ई-मेल या हार्ड कॉपी से जमा कराएं डाटा

जिला प्रशासन ने कार्मिकों का विवरण जमा कराने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं। संबंधित विभाग एवं कार्यालय निर्धारित प्रारूप में सूचना ई-मेल आईडी uahar@nic.in पर भेज सकते हैं। इसके अतिरिक्त सूचना की हार्ड कॉपी जिला सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी), हरिद्वार में भी जमा कराई जा सकती है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित विभाग समयसीमा का विशेष ध्यान रखें और अंतिम समय का इंतजार किए बिना सूचना उपलब्ध कराएं, ताकि प्राप्त विवरणों के आधार पर निर्वाचन कार्मिकों का डाटाबेस तैयार करने की प्रक्रिया समय से पूरी की जा सके।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई, विभागाध्यक्षों की जवाबदेही तय

जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित ने साफ चेतावनी दी है कि निर्धारित तिथि 05 नवंबर 2026 तक कार्मिकों का डाटा उपलब्ध नहीं कराने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्रशासन के इस निर्देश के बाद जनपद के सरकारी विभागों, कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में कार्मिकों का विवरण जुटाने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। निर्वाचन व्यवस्था में मतदान कार्मिकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में उनकी उपलब्धता, संख्या और सही विवरण पहले से तैयार रखना चुनाव प्रबंधन का अहम हिस्सा है।

निर्वाचन तैयारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट

विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को अभी समय जरूर है, लेकिन हरिद्वार जिला प्रशासन ने तैयारियों को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है। मतदान से लेकर मतगणना तक की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने के लिए कार्मिकों का डाटाबेस तैयार करना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अब सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों के सामने निर्धारित समयसीमा में सही एवं पूर्ण विवरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि चुनावी तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं चलेगी और सभी संबंधित विभागों को निर्वाचन संबंधी निर्देशों का गंभीरता से पालन करना होगा।

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