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उत्तराखंड में कांग्रेस के ‘भूमि बचाओ अभियान’ के खिलाफ भाजपा का ब्लैक फ्लैग अटैक! काले झंडे लेकर सड़कों पर उतरे भाजपाई, आशुतोष शर्मा ने कांग्रेस पर बोला सीधा सियासी हमला, कहा— अपनी डूबती राजनीतिक जमीन बचाने का है ड्रामा…… 13 हजार एकड़ सरकारी जमीन कब्जामुक्त कराने का दावा, 7 हजार बीघा जमीन बेचने के आरोप को बताया भ्रामक; हरीश रावत सरकार से मांगा विकास और रोजगार का हिसाब, बोले— नानीसार से धौलास तक कांग्रेस को अपने कार्यकाल के विवादों का देना होगा जवाब….

हरिद्वार। उत्तराखंड की सियासत में जमीन को लेकर छिड़ी जंग अब सड़कों पर उतर आई है। कांग्रेस के भूमि बचाओ अभियान के खिलाफ बुधवार को भारतीय जनता पार्टी ने मोर्चा खोलते हुए काले झंडे लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा के नेतृत्व में उतरे भाजपाइयों ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उसके अभियान को राजनीतिक ड्रामा करार दिया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को चुनौती देते हुए धामी सरकार की जमीनों को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई और प्रदेश में निवेश को लेकर अपनी सरकार का पक्ष मजबूती से रखा।

भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का भूमि बचाओ अभियान वास्तव में भूमि संरक्षण की मुहिम नहीं, बल्कि अपनी डूबती राजनीतिक जमीन बचाने की छटपटाहट है। कांग्रेस जनता को गुमराह करने के बजाय प्रदेश में सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की कार्रवाई का संज्ञान ले।

13 हजार एकड़ जमीन का मुद्दा उठाकर कांग्रेस को घेरा

आशुतोष शर्मा ने दावा किया कि सरकारी रणनीति के तहत प्रदेश में लगभग 13 हजार एकड़ सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है। उन्होंने कहा कि एक ओर धामी सरकार सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण से बचाने के लिए कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर जनता के बीच भ्रम फैलाने में जुटी है।

उन्होंने 7 हजार बीघा जमीन बेचने के कांग्रेस के आरोपों को भ्रामक राजनीतिक नैरेटिव बताते हुए कहा कि सरकार इन आरोपों को गलत बता चुकी है। उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार इस मामले में केवल तीन बोलियां प्राप्त हुई हैं और अभी किसी बोली को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस जानबूझकर जमीन की लीज और बिक्री के बीच के अंतर को छिपाकर जनता में भय का माहौल बनाने का प्रयास कर रही है। यदि कांग्रेस के पास आरोपों के समर्थन में कोई ठोस तथ्य हैं तो उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए। केवल बड़े-बड़े आंकड़े उछालकर प्रदेश की जनता को गुमराह करना जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका नहीं हो सकती।

निवेश पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस युवाओं के रोजगार का जवाब दे

भाजपा ने भूमि विवाद के साथ प्रदेश में औद्योगिक और पर्यटन निवेश को लेकर भी कांग्रेस को निशाने पर लिया। आशुतोष शर्मा ने कहा कि निवेश का विरोध करके कांग्रेस वास्तव में उत्तराखंड के स्थानीय युवाओं और छोटे कारोबारियों के आर्थिक अवसरों पर प्रहार कर रही है।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक और पर्यटन परियोजनाएं केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि इनके माध्यम से स्थानीय मजदूरों, ठेकेदारों, टैक्सी संचालकों, होटल व्यवसायियों, दुकानदारों, किसानों और छोटे आपूर्तिकर्ताओं को भी रोजगार और व्यवसाय के अवसर मिलते हैं।

परियोजनाओं से गांवों और स्थानीय परिवारों तक आर्थिक लाभ पहुंचता है। ऐसे में हर विकास परियोजना को विवाद में बदलने की कोशिश प्रदेश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने जैसा है।

हरीश रावत सरकार का रिपोर्ट कार्ड सार्वजनिक करे कांग्रेस

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि धामी सरकार से हिसाब मांगने वाली कांग्रेस पहले अपने शासनकाल का विकास और रोजगार रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखे।

उन्होंने सवाल उठाया कि हरीश रावत सरकार के कार्यकाल में कितनी बंद औद्योगिक इकाइयां दोबारा शुरू कराई गईं? कितने स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला? कितनी अनुपयोगी जमीनों का सदुपयोग किया गया और कितनी पर्यटन परियोजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली?

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को केवल आरोप लगाने की राजनीति से बाहर निकलकर अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का हिसाब भी देना चाहिए। विपक्ष की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार को घेरना नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के सामने अपना वैकल्पिक विकास मॉडल रखना भी है।

नानीसार से धौलास तक कांग्रेस को घेरा, धामी सरकार के पक्ष में भाजपा का ऐलान

आशुतोष शर्मा ने कहा कि भूमि संरक्षण और विकास को आमने-सामने खड़ा करना कांग्रेस की राजनीतिक चाल है। भाजपा का दृष्टिकोण स्पष्ट है कि सरकारी जमीन सुरक्षित रहे, स्थानीय लोगों के अधिकार संरक्षित रहें और अनुपयोगी जमीनों का इस्तेमाल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया जाए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को नानीसार से लेकर धौलास तक अपने शासनकाल में सामने आए विवादों का जवाब देना चाहिए। प्रदेश को राजनीतिक नारेबाजी की नहीं, बल्कि जमीन की सुरक्षा के साथ रोजगार, निवेश और विकास का स्पष्ट रोडमैप चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने, सख्त भू-कानून लागू रखने, स्थानीय हितों की रक्षा करने और प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। आशुतोष शर्मा ने दो टूक कहा कि कांग्रेस चाहे जितना आक्रामक राजनीतिक अभियान चला ले, उत्तराखंड का विकास रुकने वाला नहीं है। भाजपा सरकारी जमीनों की सुरक्षा और प्रदेश के भविष्य को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रदर्शन के दौरान प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विकास तिवारी, जिला महामंत्री हीरा बिष्ट, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, नीपेंद्र चौधरी, नकली राम सैनी, अनुसूचित मोर्चा जिला अध्यक्ष तेलू राम प्रधान, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष एजाज हसन, सूर्यकांत सैनी, पंकज बागड़ी, अंशु कुमार, सूबे सिंह, राम सिंह पासवान, कुशलपाल, प्रवेश बिंदल, संदीप शर्मा, परवेज, संगीता प्रजापति, दीपक राज, अश्वनी पाल, अनिमेश शर्मा, राकेश नौडियाल, मोहसिन मंसूरी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में जमीन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस जहां भूमि बचाओ अभियान के जरिए सरकार को घेर रही है, वहीं भाजपा ने काले झंडों के साथ मैदान में उतरकर पलटवार किया है। अब देखना होगा कि इस राजनीतिक टकराव में कांग्रेस अपने आरोपों के समर्थन में क्या तथ्य सामने रखती है और भाजपा अपने विकास के दावों को किस तरह जनता के बीच साबित करती है।

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