पिरान कलियर में आस्था को शर्मसार करने वाला कांड! होटल के कमरे में नाबालिग से दुष्कर्म, वीडियो वायरल करने की धमकी; आरोपी गिरफ्तार, होटल और संचालक की भूमिका भी जांच के घेरे में….. कलियर के एक होटल में हुई शर्मनाक वारदात ने खड़े किए गंभीर सवाल, ऑपरेशन प्रहार के तहत कलियर पुलिस ने फरार आरोपी को दबोचकर भेजा जेल; एक ही कमरे में नाबालिग और अन्य लोगों को ठहराने की अनुमति किसने दी? होटल संचालक समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका खंगाल रही कलियर पुलिस, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई का दावा
अब जरूरत है कि पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचे, होटल प्रबंधन की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच करे और जिनकी भी जिम्मेदारी सामने आए, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे। फिलहाल पुलिस का दावा है कि जांच किसी एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। अब देखना होगा कि जांच में होटल संचालक और अन्य संदिग्धों की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और कानून का शिकंजा किन-किन तक पहुंचता है।

पिरान कलियर विश्व प्रसिद्ध सूफी संत की दरगाह और धार्मिक आस्था के लिए पहचान रखने वाली पिरान कलियर धर्मनगरी में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एक होटल के कमरे में नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म और वीडियो वायरल करने की धमकी देने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में अब सबसे बड़ा सवाल होटल की भूमिका को लेकर उठ रहा है। आखिर होटल में नाबालिग को अन्य लोगों के साथ एक ही कमरे में ठहरने की अनुमति कैसे मिली? होटल प्रबंधन ने पहचान और उम्र का सत्यापन किया था या नहीं? यदि होटल परिसर में ही इस अपराध की पृष्ठभूमि तैयार हुई तो होटल संचालक की जिम्मेदारी क्यों तय नहीं होनी चाहिए? वीडियो में पीड़िता के अलावा एक अन्य महिला सहित अन्य लोगों की बातचीत भी सुनाई पड़ रही है
क्या है पूरा मामला, कब और कैसे हुई वारदात?
पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मां ने कोतवाली पिरान कलियर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि दानिश नाम के युवक ने उनकी नाबालिग बेटी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए और घटना का वीडियो वायरल करने की धमकी दी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए कलियर पुलिस ने तत्काल मुकदमा अपराध संख्या 275/26 दर्ज किया। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1), 351(2), 65(1), 70(2) तथा पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले ने इसलिए भी गंभीर रूप ले लिया क्योंकि घटनास्थल के तौर पर होटल का नाम सामने आया है। धार्मिक नगरी पिरान कलियर शरीफ में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ होटल एवं गेस्ट हाउसों की जवाबदेही भी अब सवालों के घेरे में है।
ऑपरेशन प्रहार में पुलिस का एक्शन, फरार आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक देहात के पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी बहादराबाद के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी के नेतृत्व में पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही मैनुअल पुलिसिंग और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपी की तलाश तेज की गई।
आखिरकार पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी दानिश पुत्र मेहरबान निवासी मुकर्रबपुर, कोतवाली पिरान कलियर, उम्र 25 वर्ष को कलियर से गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। वर्तमान मामले में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
होटल संचालक की जिम्मेदारी कौन तय करेगा?
इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ होटल प्रबंधन की भूमिका भी जांच का महत्वपूर्ण पहलू बन गई है। स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों के मुताबिक, यदि एक ही कमरे में नाबालिग और अन्य लोगों को ठहराया गया था तो होटल प्रबंधन ने ऐसा करने की अनुमति आखिर क्यों दी?
क्या होटल के रजिस्टर में सभी ठहरने वालों का विवरण दर्ज किया गया था? क्या पहचान पत्रों की जांच हुई थी? क्या नाबालिग की उम्र और उसके साथ मौजूद लोगों के संबंधों की पड़ताल की गई थी? होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित है या नहीं?
ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब जांच के दौरान सामने आना बेहद जरूरी है।
हालांकि, लेकिन होटल संचालक बुकिंग प्रक्रिया, रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और कर्मचारियों की भूमिका की गहन जांच होनी चाहिए। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही, मिलीभगत या अपराध में सहयोग के साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ भी कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी की साफ चेतावनी, किसी को नहीं मिलेगी रियायत
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी ने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य संदिग्धों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल जारी है।
उन्होंने साफ किया कि होटल संचालक हो या कोई अन्य व्यक्ति, यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस टीम अब होटल संचालक सहित घटना से जुड़े होटल अन्य साक्ष्यों, होटल में ठहरने वालों के विवरण, सीसीटीवी फुटेज और संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच में जुटी है।
धर्मनगरी पिरान कलियर की मर्यादा और नाबालिगों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
पिरान कलियर में देश-विदेश से जायरीन और श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में यहां संचालित होटल, गेस्ट हाउस और अन्य ठहरने के स्थानों की जवाबदेही बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। धार्मिक नगरी पिरान कलियर शरीफ की पहचान केवल आस्था से नहीं, बल्कि यहां आने वाले लोगों की सुरक्षा और सम्मान से भी जुड़ी है।
नाबालिग से जुड़ा यह गंभीर मामला होटल प्रबंधन की निगरानी, पहचान सत्यापन और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यदि किसी होटल में नियमों की अनदेखी हुई है तो केवल आरोपी की गिरफ्तारी से पूरी जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती।
अब जरूरत है कि पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचे, होटल प्रबंधन की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच करे और जिनकी भी जिम्मेदारी सामने आए, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे।
फिलहाल पुलिस का दावा है कि जांच किसी एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। अब देखना होगा कि जांच में होटल संचालक और अन्य संदिग्धों की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और कानून का शिकंजा किन-किन तक पहुंचता है।



