सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में उमड़ेगा आस्था का सैलाब! श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन का मेगा प्लान तैयार, 12 जोन और 40 सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र, चप्पे-चप्पे पर रहेगी मजिस्ट्रेटों की निगरानी…. 8 नवंबर की शाम से मोर्चा संभालेंगे प्रशासनिक अधिकारी, 9 नवंबर को गंगा स्नान के लिए उमड़ेंगे लाखों श्रद्धालु; सुरक्षा से लेकर ट्रैफिक, पार्किंग और स्वास्थ्य तक की जिम्मेदारी तय, 24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम, लापरवाही पर होगी जवाबदेही….

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में आगामी 9 नवंबर को पड़ने वाली सोमवती अमावस्या के पावन स्नान पर्व को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों का बिगुल बजा दिया है। गंगा स्नान के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं का व्यापक खाका तैयार किया है। इस बार पूरा मेला क्षेत्र 12 जोन और 40 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहां जोनल मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात रहकर व्यवस्थाओं की कमान संभालेंगे।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्नान पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मजिस्ट्रेटों की तैनाती के आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के मुताबिक सभी अधिकारियों की ड्यूटी 8 नवंबर 2026 को शाम 4 बजे से शुरू होकर स्नान पर्व की समाप्ति तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान, सुरक्षा पर विशेष फोकस
सोमवती अमावस्या का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व होने के कारण हरिद्वार के प्रमुख गंगा घाटों पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। प्रशासन को आशंका है कि हरकी पैड़ी सहित आसपास के प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष रणनीति बनाई गई है।
जिलाधिकारी ने अपने आदेश में वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लागू आदर्श आचार संहिता, असामाजिक तत्वों की गतिविधियों, माओवादी गतिविधियों और आतंकवादी घटनाओं की आशंकाओं के साथ पूर्व में हरिद्वार रेलवे स्टेशन एवं धार्मिक स्थलों पर विस्फोटक सामग्री मिलने की घटनाओं को भी गंभीरता से लिया गया है। इसी के चलते संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और पुलिस-प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया गया है।
12 जोन में इन अधिकारियों के हाथों में रहेगी कमान
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार हरकी पैड़ी जोन की जिम्मेदारी नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार हर गिरी को सौंपी गई है। मालवीय दीप जोन में उप मेलाधिकारी मंजीत सिंह, सुभाष घाट जोन में डिप्टी कलेक्टर एवं विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी आकाश जोशी तथा मनसा देवी जोन में उप जिलाधिकारी योगेश मेहरा जोनल मजिस्ट्रेट रहेंगे।
अपर रोड जोन में उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, ऋषिकुल मैदान जोन में संयुक्त आयुक्त राज्य कर नीरज कुमार, खड़खड़ी-सप्तऋषि जोन में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार तथा रोड़ी बेलवाला जोन में कृषि भूमि संरक्षण अधिकारी राम कुमार दोहरे को जिम्मेदारी दी गई है।
इसी तरह रोड़ी बेलवाला पार्किंग एवं मैदान जोन में जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, शंकराचार्य चौक जोन में अधीक्षण अभियंता डीपी सिंह, सिडकुल जोन में जिला पर्यटन विकास अधिकारी सुशील नौटियाल और चंडी देवी जोन में जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. विकास ठाकुर जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात रहेंगे।
हरकी पैड़ी से चंडी देवी तक प्रशासन की निगरानी
प्रशासन ने मेला क्षेत्र के प्रत्येक महत्वपूर्ण स्थान को अलग-अलग सेक्टरों में शामिल किया है। हरकी पैड़ी जोन में हरकी पैड़ी, महिला घाट, संजय पुल और भारत स्काउट एंड गाइड क्षेत्र को रखा गया है। मालवीय दीप जोन में मालवीय दीप, कांगड़ा पुल और शिव पुल की व्यवस्थाएं देखी जाएंगी। सुभाष घाट जोन में सुभाष घाट, मोती बाजार, बड़ा बाजार और विष्णु घाट शामिल हैं।
मनसा देवी मंदिर, हिल बाईपास मार्ग और पैदल मार्ग पर भी प्रशासन की विशेष निगरानी रहेगी। अपर रोड जोन में रतन टॉकीज, पोस्ट ऑफिस, शिवमूर्ति चौक और देवपुरा क्षेत्र को शामिल किया गया है। ऋषिकुल मैदान जोन में ऋषिकुल पार्किंग, मैदान, प्रेमनगर-रानीपुर मोड़ और आर्यनगर क्षेत्र की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है।
खड़खड़ी-सप्तऋषि क्षेत्र में भीमगोडा, खड़खड़ी, दूधाधारी चौक, भूपतवाला बैरियर, आरटीओ चौक और सर्वानंद तिराहे तक के क्षेत्र को शामिल किया गया है। रोड़ी बेलवाला में पंतदीप पार्किंग, हाईवे और चंडी चौक से केशवानंद तिराहे तक निगरानी रहेगी। शंकराचार्य चौक जोन में होटल पार्क ग्रैंड से कनखल क्षेत्र तक व्यवस्था संभाली जाएगी।
सिडकुल जोन में सम्राट चौक से बहादराबाद तिराहे और हरिलोक तिराहे से कोर कॉलेज तक निगरानी होगी। वहीं चंडी देवी जोन में कालीमाता तिराहा, चंडी चौक, पार्किंग, सिद्धपुर बैरियर और मंदिर क्षेत्र शामिल हैं।
24 घंटे चालू रहेगा कंट्रोल रूम, जारी होगा तत्काल अलर्ट
स्नान पर्व के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रोशनाबाद स्थित आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। यह 8 नवंबर से प्रभावी रहेगा और 24 घंटे सक्रिय रहेगा। आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत को कंट्रोल रूम का प्रभारी नोडल अधिकारी बनाया गया है।
श्रद्धालुओं और संबंधित विभागों के लिए कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 7351428593 जारी किया गया है। अधिकारियों को व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से भी सूचनाओं का आदान-प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी घटना या अव्यवस्था की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा सके।
पुलिस, स्वास्थ्य और अग्निशमन विभाग अलर्ट
एसएसपी को सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन, जल पुलिस और अग्निशमन व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी के साथ सभी जोन और सेक्टरों में प्रभावी पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी को सीसीआर और अन्य आवश्यक स्थानों पर एंबुलेंस, स्ट्रेचर, प्राथमिक चिकित्सा सामग्री और चिकित्सकीय टीमों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। जिला चिकित्सालय में भी चिकित्सकों और सहायक कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
वहीं नगर निगम को घाटों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई तथा नियमित कूड़ा उठान कराने, परिवहन निगम को यातायात व्यवस्था सुचारु रखने और अनावश्यक वाहनों के प्रवेश पर नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं। विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति, कटे एवं झूलते तारों की जांच तथा तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जल संस्थान और जल निगम को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने, सिंचाई विभाग एवं उत्तराखंड जल विद्युत निगम को संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने तथा अग्निशमन विभाग को आपात स्थिति से निपटने के लिए संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम का सख्त संदेश, जिम्मेदारी में कोताही नहीं होगी बर्दाश्त
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों को आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी पर तैनात किसी अधिकारी का स्थानांतरण या अन्यत्र ड्यूटी लगने की स्थिति में उसके स्थान पर तत्काल दूसरे अधिकारी की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
स्नान पर्व के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था से जुड़ी किसी भी सूचना को तत्काल उच्चाधिकारियों और संबंधित जोनल मजिस्ट्रेट तक पहुंचाना अनिवार्य होगा।
कुल मिलाकर सोमवती अमावस्या स्नान पर्व को लेकर हरिद्वार में प्रशासन ने पूरी ताकत झोंकने की तैयारी कर ली है। अब 8 नवंबर की शाम से प्रशासनिक अमला मैदान में उतरेगा और 9 नवंबर को गंगा स्नान के दौरान धर्मनगरी के चप्पे-चप्पे पर प्रशासन की निगरानी रहेगी।




