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डीएम मयूर दीक्षित का सख्त संदेश—टीकाकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, हर घर तक पहुंचे डीपीटी-एचपीवी वैक्सीन,, सीएमओ डॉ आर के सिंह की दो टूक—बच्चों और किशोरियों की सुरक्षा से समझौता नहीं, समय पर टीकाकरण अनिवार्य,, हरिद्वार में स्वास्थ्य महाअभियान—समन्वय, जागरूकता और तेजी से बनेगा ‘सुरक्षित जनपद’

इन्तजार रजा हरिद्वार- डीएम मयूर दीक्षित का सख्त संदेश—टीकाकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, हर घर तक पहुंचे डीपीटी-एचपीवी वैक्सीन,,

सीएमओ डॉ आर के सिंह की दो टूक—बच्चों और किशोरियों की सुरक्षा से समझौता नहीं, समय पर टीकाकरण अनिवार्य,,

हरिद्वार में स्वास्थ्य महाअभियान—समन्वय, जागरूकता और तेजी से बनेगा ‘सुरक्षित जनपद’

हरिद्वार। जनपद में डीपीटी (डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस) टीकाकरण एवं एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में साफ संदेश दिया गया—टीकाकरण अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर पात्र बच्चे और किशोरी तक वैक्सीन पहुंचाना अब प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर के सिंह ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि डीपीटी टीका बच्चों को तीन घातक बीमारियों—डिप्थीरिया, काली खांसी (Pertussis) और टिटनेस—से सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि समय पर टीकाकरण नहीं हुआ तो बच्चों का स्वास्थ्य गंभीर खतरे में पड़ सकता है। इसलिए सभी अभिभावकों को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत निर्धारित समय पर बच्चों को टीका अवश्य लगवाना चाहिए।

सीएमओ डॉ आर के सिंह ने एचपीवी वैक्सीनेशन को लेकर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि यह वैक्सीन किशोरियों को गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने में अत्यंत प्रभावी है। 9 से 14 वर्ष की आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए यह टीका बेहद जरूरी है और समय रहते इसका कवरेज सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से अधिकतम बालिकाओं तक इस वैक्सीन की पहुंच सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि टीकाकरण जैसे संवेदनशील विषय में किसी भी प्रकार की ढिलाई सीधे बच्चों और समाज के भविष्य से खिलवाड़ है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित सभी संबंधित इकाइयों को निर्देश दिए कि आपसी समन्वय के साथ जमीनी स्तर पर अभियान को तेज किया जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “हर घर तक वैक्सीन पहुंचे, यह सुनिश्चित करना ही हमारी असली परीक्षा है।”

डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि टीकाकरण सत्रों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जहां भी कमी पाई जाए, तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान को आक्रामक तरीके से चलाया जाए, ताकि कोई भी अभिभावक जानकारी के अभाव में अपने बच्चों को टीकाकरण से वंचित न रखे।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर अभिभावकों को टीकाकरण के महत्व के बारे में समझाएं और उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों व विद्यालयों में चल रहे टीकाकरण सत्रों में लाने के लिए प्रेरित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि “एक भी बच्चा या किशोरी टीकाकरण से छूटनी नहीं चाहिए, यही हमारा लक्ष्य होना चाहिए।”सीएमओ डॉ आर के सिंह ने बताया कि जनपद में टीकाकरण की प्रगति संतोषजनक है, लेकिन इसे और बेहतर बनाने के लिए सभी विभागों के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि सभी विभाग मिलकर कार्य करें तो शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य जल्द हासिल किया जा सकता है।

जिलाधिकारी ने जनपद के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने बच्चों व बालिकाओं का समय पर टीकाकरण कराएं। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ समाज का निर्माण तभी संभव है, जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और स्वास्थ्य अभियानों को सफल बनाने में योगदान दे।”

बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल वर्मा, सीएमएस रुड़की ए के मिश्रा, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ संदीप निगम, डॉ कोमल, डॉ आरती, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ गंभीर तालियान, ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के ब्रांड एम्बेसडर मनु शिवपुरी, समाजसेवी दीपेश चंद्र प्रसाद, कनिका, रवि संदल, एडवोकेट फार्मूड अली, मयंक रौतेला, कुलदीप बिष्ट सहित कई अधिकारी और सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर, हरिद्वार में डीपीटी और एचपीवी टीकाकरण को लेकर प्रशासन ने अब पूरी ताकत झोंक दी है। संदेश साफ है—स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं, हर बच्चे और हर बेटी की सुरक्षा सर्वोपरि।

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