मानसून और कांवड़ सीजन से पहले हरिद्वार में प्रशासनिक ‘मेगा अलर्ट’! डीएम मयूर दीक्षित ने अफसरों को दिया मिशन मोड पर काम करने का आदेश,, “नाले साफ करो, राहत व्यवस्था दुरुस्त करो और आपदा से पहले तैयारी पूरी करो” — डीएम ने विभागों को चेताया, जलभराव और अव्यवस्था पर नहीं होगी कोई ढिलाई,, “गर्मी, बारिश और संभावित संकटों से निपटने का ब्लूप्रिंट तैयार” — पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, डेंगू नियंत्रण और आपदा एजेंसियों को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी,,

इन्तजार रजा हरिद्वार- मानसून और कांवड़ सीजन से पहले हरिद्वार में प्रशासनिक ‘मेगा अलर्ट’! डीएम मयूर दीक्षित ने अफसरों को दिया मिशन मोड पर काम करने का आदेश,,
“नाले साफ करो, राहत व्यवस्था दुरुस्त करो और आपदा से पहले तैयारी पूरी करो” — डीएम ने विभागों को चेताया, जलभराव और अव्यवस्था पर नहीं होगी कोई ढिलाई,,
“गर्मी, बारिश और संभावित संकटों से निपटने का ब्लूप्रिंट तैयार” — पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, डेंगू नियंत्रण और आपदा एजेंसियों को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी,,
हरिद्वार, 22 मई। आगामी मानसून, बढ़ती गर्मी और कांवड़ मेले के मद्देनजर हरिद्वार जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित आपदाओं और अव्यवस्थाओं से पहले ही निपटने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला आपदा प्रबंधन सभागार में अधिकारियों के साथ बड़ी समीक्षा बैठक कर साफ संकेत दे दिए कि इस बार लापरवाही पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
बैठक में जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारी जुड़े और आगामी चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। डीएम ने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले ही सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर तैयारी पूरी कर लें, ताकि किसी भी परिस्थिति में जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े।बैठक में सबसे ज्यादा फोकस जलभराव की समस्या पर दिखाई दिया। डीएम मयूर दीक्षित ने नगर निगम, जिला पंचायत, नगर पालिका, पंचायतीराज विभाग, पीडब्ल्यूडी, राष्ट्रीय राजमार्ग और पीएमजीएसवाई से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके अधीन आने वाले सभी नाले, नालियां और जल निकासी तंत्र मानसून से पहले पूरी तरह साफ किए जाएं।
उन्होंने कहा कि हर साल बारिश के दौरान जलभराव आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बनता है और इस बार पहले से तैयारी कर हालात को नियंत्रित करना होगा।आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए तहसील और ब्लॉक स्तर पर मौजूद संसाधनों की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी आपदा उपकरण पूरी तरह कार्यशील हालत में होने चाहिए और राहत केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से तैयार रहें।
इसके साथ ही आपदा कंट्रोल रूम को भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।बैठक में सिंचाई विभाग को विशेष रूप से उन क्षेत्रों का निरीक्षण करने को कहा गया जहां हर साल भूमि कटान या जलभराव की समस्या सामने आती है। ऐसे क्षेत्रों का चिन्हांकन कर तटबंधों की मरम्मत और सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता पर करने के आदेश दिए गए।
गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पेयजल व्यवस्था पर भी खास जोर दिया गया। डीएम ने जल संस्थान और पेयजल निगम को निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में पानी की कमी की शिकायत नहीं आनी चाहिए। पाइपलाइन लीकेज या अन्य तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश भी दिए गए। जनता की सुविधा के लिए पेयजल शिकायत हेतु जल संस्थान का टोल फ्री नंबर 18001804100 भी जारी रखा गया है।
बिजली विभाग को निर्देश दिए गए कि बढ़ती गर्मी के बीच निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और अनावश्यक कटौती से बचा जाए। स्वास्थ्य विभाग को मानसून सीजन में संभावित बीमारियों और डेंगू के खतरे को देखते हुए अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्थाएं मजबूत रखने और रोकथाम अभियान प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
वहीं पशुपालन विभाग को भीषण गर्मी और आपदा की स्थिति को देखते हुए पशुओं के लिए चारे और अन्य संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।जिला पूर्ति विभाग को संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों की राशन दुकानों का चिन्हांकन कर वैकल्पिक योजना तैयार करने को कहा गया।
इसके अलावा आगामी कांवड़ मेले को देखते हुए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस विभाग को संयुक्त कार्ययोजना बनाकर आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश जारी किए गए।बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और प्रशासन की तैयारी देखकर साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस बार हरिद्वार में मानसून और कांवड़ सीजन को लेकर पहले से ही मजबूत रणनीति पर काम शुरू हो चुका है।



