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हरेला से पहले हरियाली पर वार! बहादराबाद में 25 हरे-भरे आम के पेड़ों की अवैध कटाई, डीएम मयूर दीक्षित का सख्त एक्शन “पेड़ काटोगे तो सीधे मुकदमा होगा दर्ज”—डीएम के सख्त आदेश के बाद उद्यान विभाग ने एफआईआर की कराई संस्तुति एक तरफ 5.80 लाख पौधे लगाने का अभियान, दूसरी तरफ फलदार आम के पेड़ों पर चली आरी, पर्यावरण के दुश्मनों सहित अवैध कटाई/हरियाली के जिहादी पर शिकंजा कसने की तैयारी

हरियाली पर 'आरी' चलाने वालों पर डीएम का प्रहार! बहादराबाद में 25 हरे-भरे आम के पेड़ों की अवैध कटाई पर एफआईआर के आदेश, मयूर दीक्षित बोले—"पेड़ काटोगे तो बख्शे नहीं जाओगे,, एक तरफ हरेला पर 5.80 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य, दूसरी तरफ फलदार पेड़ों की कटाई ने खड़े किए बड़े सवाल; उद्यान विभाग की रिपोर्ट पर पुलिस कार्रवाई शुरू

हरेला से पहले हरियाली पर वार! बहादराबाद में 25 हरे-भरे आम के पेड़ों की अवैध कटाई,, डीएम मयूर दीक्षित का सख्त एक्शन “पेड़ काटोगे तो सीधे होगा मुकदमा दर्ज—डीएम के सख्त आदेश के बाद उद्यान विभाग ने एफआईआर की कराई संस्तुति,, एक तरफ 5.80 लाख पौधे लगाने का अभियान, दूसरी तरफ फलदार आम के पेड़ों पर चली आरी, पर्यावरण के दुश्मनों सहित अवैध कटाई/हरियाली के जिहादी पर शिकंजा कसने की तैयारी

हरिद्वार। उत्तराखंड में जहां हरेला पर्व को लेकर पूरे प्रदेश में हरियाली बढ़ाने का अभियान चलाया जा रहा है और अकेले हरिद्वार जनपद में 5 लाख 80 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है, वहीं बहादराबाद क्षेत्र में 25 हरे-भरे आम के पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला सामने आने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस मामले को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बेहद गंभीरता से लेते हुए साफ संदेश दिया है कि पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब सीधे कानूनी कार्रवाई होगी।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सख्त लहजे में कहा कि जनपद में पेड़ों का अवैध कटान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां भी अवैध कटाई की पुष्टि हो, वहां तत्काल मुकदमा दर्ज कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी शिकायत के बावजूद कार्रवाई में लापरवाही बरती गई या मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

डीएम ने कहा, “पेड़ों का अवैध कटान बहुत गंभीर विषय है। जिला उद्यान अधिकारी को तत्काल प्रभाव से मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। जनपद में कहीं भी अवैध रूप से पेड़ काटे जाएंगे तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। यदि किसी मामले में विभागीय स्तर पर ढिलाई सामने आई तो उस पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

इसी क्रम में प्रभारी उद्यान सचल दल केंद्र, बहादराबाद के उद्यान निरीक्षक मासूम अली द्वारा कोतवाली बहादराबाद को प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पत्र भेजा गया है। पत्र के अनुसार ग्राम बहादराबाद स्थित एक आम के बाग में बिना विभागीय अनुमति के हरे-भरे आम के वृक्षों की कटाई किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी।

सूचना मिलते ही उद्यान विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान थाना बहादराबाद के पीछे दक्षिण दिशा में लगभग 150 मीटर दूरी पर स्थित बाग में कुल 25 हरे-भरे आम के पेड़ों की कटाई की पुष्टि हुई। मौके पर कटी हुई जड़ें, तने और अन्य अवशेष मिले, जिनके जियो-टैग फोटो भी सुरक्षित किए गए। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने माना कि पेड़ों का कटान बिना विभागीय अनुमति के किया गया।

उद्यान विभाग का कहना है कि यह कृत्य उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1976 (उत्तराखंड में यथाप्रवर्तित) के प्रावधानों का उल्लंघन है। इसी आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की संस्तुति की गई है। पत्र की प्रतिलिपि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार, मुख्य उद्यान अधिकारी तथा वन विभाग को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब शासन और प्रशासन पूरे प्रदेश में हरियाली बढ़ाने के लिए अभियान चला रहे हैं। हरेला पर्व के अवसर पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में वर्षों पुराने फलदार आम के पेड़ों की कथित अवैध कटाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि केवल नए पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पहले से मौजूद परिपक्व और फलदार पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।

अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि यदि बिना अनुमति इतने बड़े स्तर पर पेड़ों की कटाई हुई, तो इसकी जानकारी संबंधित विभागों को पहले क्यों नहीं मिली? क्या इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।

फिलहाल प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ नरमी नहीं बरती जाएगी। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और विभागीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यदि जांच में आरोप पुष्ट होते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

हरिद्वार में यह कार्रवाई केवल एक एफआईआर तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे अवैध पेड़ कटान के खिलाफ प्रशासन के सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच किस निष्कर्ष पर पहुंचती है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानून कितनी मजबूती से लागू किया जाता है। कहां ये पेड़ बेचे गए हैं क्षैतिय सीसीटीवी चैक कर मिल की बरामदगी भी जरूरी

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